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बस माफिया विमल से पूछताछ को दबिश
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फर्रुखाबाद। बस माफिया विमल चतुर्वेदी की सामान्य से स्लीपर में तब्दील हुईं 20 बसों की फाइलें कन्नौज में दस जनवरी को हुई दुर्घटना के बाद एआरटीओ कार्यालय के रिकार्ड से गायब हो गईं। इस पर एआरटीओ ने फतेहगढ़ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सोमवार रात विवेचक ने बस माफिया से पूछताछ के लिए उसके लालगेट स्थित आफिस में दबिश दी। वहां विमल नहीं मिला। जांच में एआरटीओ कार्यालय में काम करने वाले दो बाहरी व्यक्तियों के नाम प्रकाश में आए हैं। बस माफिया के इशारे पर उनके ही फाइलें गायब करने की जानकारी पुलिस को मिली है।
जनपद कन्नौज की कोतवाली छिबरामऊ के गांव घिलोई में दस जनवरी को विमल चतुर्वेदी की स्लीपर बस की ट्रक से भिड़ंत हो गई थी। भीषण हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद शासन ने जांच के आदेश दिए। इस पर बस माफिया से साठगांठ कर एआरटीओ कार्यालय के रिकार्ड से सामान्य से स्लीपर में तब्दील हुई 20 बसों की फाइलें गायब कर दी गईं। तत्कालीन एआरटीओ शांतिभूषण पांडेय ने अज्ञात के खिलाफ कार्यालय के रिकार्ड रूम से फाइलें गायब होने का मुकदमा दर्ज कराया। प्रकरण की जांच दरोगा सीमा पटेल को दी गई।
उनको कार्यालय से गायब पत्रावलियों से संबंधित टेक्निकल रिपोर्ट मिली हैं। आखिर स्लीपर बसों की फाइलें क्यों गायब की गईं, इससे किन किन लोगों को फायदा होगा इन बिंदुओं पर पूछताछ के लिए उन्होंने सोमवार रात फोर्स के साथ विमल चतुर्वेदी के लालगेट स्थित आफिस में दबिश दी लेकिन विमल नहीं मिला। विवेचक ने बताया कि एआरटीओ कार्यालय के लोगों ने अपने को बचाने के लिए मुकदमा दर्ज करवा दिया है। फाइलें वही गायब कर सकता है जो उनको रखता रहा हो। इस बिंदु पर छानबीन की गई तो दो लोगों के बारे में जानकारी मिली है। वह बाहरी लोग हैं और एआरटीओ कार्यालय में फाइलें रखने व निकालने का काम करते हैं।
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जनपद कन्नौज की कोतवाली छिबरामऊ के गांव घिलोई में दस जनवरी को विमल चतुर्वेदी की स्लीपर बस की ट्रक से भिड़ंत हो गई थी। भीषण हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद शासन ने जांच के आदेश दिए। इस पर बस माफिया से साठगांठ कर एआरटीओ कार्यालय के रिकार्ड से सामान्य से स्लीपर में तब्दील हुई 20 बसों की फाइलें गायब कर दी गईं। तत्कालीन एआरटीओ शांतिभूषण पांडेय ने अज्ञात के खिलाफ कार्यालय के रिकार्ड रूम से फाइलें गायब होने का मुकदमा दर्ज कराया। प्रकरण की जांच दरोगा सीमा पटेल को दी गई।
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उनको कार्यालय से गायब पत्रावलियों से संबंधित टेक्निकल रिपोर्ट मिली हैं। आखिर स्लीपर बसों की फाइलें क्यों गायब की गईं, इससे किन किन लोगों को फायदा होगा इन बिंदुओं पर पूछताछ के लिए उन्होंने सोमवार रात फोर्स के साथ विमल चतुर्वेदी के लालगेट स्थित आफिस में दबिश दी लेकिन विमल नहीं मिला। विवेचक ने बताया कि एआरटीओ कार्यालय के लोगों ने अपने को बचाने के लिए मुकदमा दर्ज करवा दिया है। फाइलें वही गायब कर सकता है जो उनको रखता रहा हो। इस बिंदु पर छानबीन की गई तो दो लोगों के बारे में जानकारी मिली है। वह बाहरी लोग हैं और एआरटीओ कार्यालय में फाइलें रखने व निकालने का काम करते हैं।
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