{"_id":"5df0e6358ebc3e87fd1f05e0","slug":"action-farrukhabad-news-knp531430987","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीईओ, दो शिक्षक व लिपिक के खिलाफ धोखाधड़ी का परिवाद दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीईओ, दो शिक्षक व लिपिक के खिलाफ धोखाधड़ी का परिवाद दर्ज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। सीजेएम न्यायालय में खंड शिक्षा अधिकारी शमसाबाद, दो शिक्षकों और लिपिक के खिलाफ धोखाधड़ी का परिवाद दर्ज कराया गया है। इसमें छोटे भाई ने बड़े पर फर्जी अभिलेख से नौकरी करने और शिकायत पर उसका सहयोग करने का आरोप बीईओ, शिक्षक व लिपिक पर लगाया है।
कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव पपड़ी खुर्द बुजुर्ग निवासी महेंद्र सिंह ने बीईओ शमसाबाद बेगीश गोयल, शिक्षक (एबीआरसी) महेंद्र सिंह, लिपिक मनोज यादव और शिक्षक भाई अतर सिंह के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया है। इसमें कहा कि उसने इंटरमीडिएट तक शिक्षा हासिल की है। उसकी जन्मतिथि 3 दिसंबर 1974 है। पत्नी की तबीयत खराब होने पर उसके इलाज में काफी धन खर्च हो गया। इससे वह शैक्षिक अभिलेख मां के पास रखकर दिल्ली चला गया था। अतर सिंह ने मां से उसके शैक्षिक प्रमाण पत्र ले लिए। इसके माध्यम से वर्ष 2004 में प्राथमिक विद्यालय पपड़ी खुर्द बुजुर्ग में शिक्षामित्र के पद पर चयन करा लिया। इसके बाद इन्हीं अभिलेखों के माध्यम से उसके नाम से व्यक्तिगत परीक्षा देकर बीए किया, फिर बीटीसी का प्रशिक्षण 2014 में पूरा कर लिया।
फिर शिक्षक भर्ती में शामिल होकर नौकरी पा ली। इसकी जानकारी बीईओ व अन्य आरोपियों को थी। एक जनवरी 2016 को दिल्ली से लौटने पर उसने खंड शिक्षा अधिकारी को पूरे प्रकरण की जानकारी दी। उन्होंने कोई भी कार्रवाई नहीं की। बीईओ, एबीआरसी व लिपिक की साठगांठ से भाई नौकरी कर रहे हैं, उनको वेतन भी दिया जा रहा है। भाई की अर्जी पर सीजेएम के आदेश पर बीईओ, शिक्षक भाई, शिक्षक और लिपिक के खिलाफ धोखाधड़ी का परिवाद दर्ज किया गया। पीड़ित के बयान दर्ज किए जाने को सात जनवरी 2020 की तारीख लगाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव पपड़ी खुर्द बुजुर्ग निवासी महेंद्र सिंह ने बीईओ शमसाबाद बेगीश गोयल, शिक्षक (एबीआरसी) महेंद्र सिंह, लिपिक मनोज यादव और शिक्षक भाई अतर सिंह के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया है। इसमें कहा कि उसने इंटरमीडिएट तक शिक्षा हासिल की है। उसकी जन्मतिथि 3 दिसंबर 1974 है। पत्नी की तबीयत खराब होने पर उसके इलाज में काफी धन खर्च हो गया। इससे वह शैक्षिक अभिलेख मां के पास रखकर दिल्ली चला गया था। अतर सिंह ने मां से उसके शैक्षिक प्रमाण पत्र ले लिए। इसके माध्यम से वर्ष 2004 में प्राथमिक विद्यालय पपड़ी खुर्द बुजुर्ग में शिक्षामित्र के पद पर चयन करा लिया। इसके बाद इन्हीं अभिलेखों के माध्यम से उसके नाम से व्यक्तिगत परीक्षा देकर बीए किया, फिर बीटीसी का प्रशिक्षण 2014 में पूरा कर लिया।
विज्ञापन
फिर शिक्षक भर्ती में शामिल होकर नौकरी पा ली। इसकी जानकारी बीईओ व अन्य आरोपियों को थी। एक जनवरी 2016 को दिल्ली से लौटने पर उसने खंड शिक्षा अधिकारी को पूरे प्रकरण की जानकारी दी। उन्होंने कोई भी कार्रवाई नहीं की। बीईओ, एबीआरसी व लिपिक की साठगांठ से भाई नौकरी कर रहे हैं, उनको वेतन भी दिया जा रहा है। भाई की अर्जी पर सीजेएम के आदेश पर बीईओ, शिक्षक भाई, शिक्षक और लिपिक के खिलाफ धोखाधड़ी का परिवाद दर्ज किया गया। पीड़ित के बयान दर्ज किए जाने को सात जनवरी 2020 की तारीख लगाई गई है।
विज्ञापन