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लेखपाल संगठन व वकील आमने-सामने
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Wed, 06 May 2015 11:28 PM IST
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कायमगंज में लेखपाल से वकीलों के मारपीट करने का मामला गरमा गया है। मामले
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में पीड़ित लेखपाल ने वकीलों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लेखपालों ने
बैठक कर आरोपियों की गिरफ्तारी और पंजीकरण रद्द करने की मांग की है।
इन्होंने कलमबंद हड़ताल का एलान किया। वहीं बार एसोसिएशन ने वकीलों के
खिलाफ दर्ज रिपोर्ट को झूठा करार दिया। इन्होंने लेखपाल पर रिपोर्ट दर्ज
कराने की मांग की है। साथ ही 8 मई तक सांकेतिक रूप से न्यायिक कार्य से
विरत रहने का एलान किया।
मंगलवार को लेखपाल राजेंद्र सक्सेना और वकील अनोखेलाल शाक्य में विवाद और मारपीट हुई थी। लेखपाल ने अनोखे लाल व इनके दो साथी वकील सरनेश व सुनील पर हाकी से पीटकर घायल करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लेखपाल को लोहिया अस्पताल रेफर किया गया था। घटना से लेखपालों और वकीलों के बीच तनाव है। बुधवार को लेखपाल संघ के अध्यक्ष जगदीप कुमार की अध्यक्षता में लेखपालों ने बैठक कर घटना की निंदा की। कहा कि आरोपी वकील पहले भी तहसील
कर्मचारियों के साथ घटनाएं कर चुके हैं। इनमें कोई कार्रवाई नहीं हुई। इन्हाेंने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, बार से सदस्यता तथा बार काउंसिल से पंजीकरण रद्द करने की मांग उठाई। इसके साथ ही गुरुवार से अनिश्चित कालीन कलमबंद हड़ताल का भी एलान किया। लेखपालों ने एसडीएम बीडी वर्मा को ज्ञापन भी दिया। इस दौरान संघ के मंत्री रामेंद्र मौर्य, उपाध्यक्ष विपिन कुमार, रवि वर्मा, उदय प्रताप सिंह, रमाकांत गुप्ता, अशोक कुमार, रविकांत, सुरेश चंद्र, उदय सिंह, ब्रजेश सिंह, उधम सिंह, देवेंद्र कुमार, सत्य सिंह, अनिल कुमार, अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।
लेखपालों की बैठक के बाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कर्मवीर रस्तोगी की अध्यक्षता में तहसील सभागार में वकीलों ने बैठक की। इसमें लेखपाल को दोषी बताया गया। वकीलाें ने कहा कि मंगलवार को लेखपाल राजेंद्र सक्सेना ने वकील अनोखेलाल के साथ अभद्रता करने के बाद हाथापाई की थी। इस दौरान लेखपाल सीढ़ियों से गिरकर घायल हो गया। वकीलों पर मारपीट का झूठा आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज करा दी। वकीलों ने एसडीएम से लेखपाल की लिखाई गई झूठी रिपोर्ट को
खत्म कराने और वकील की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग रखी। वकीलों ने 8 मई तक सांकेतिक रूप से न्यायिक कार्य से विरत रहने का एलान किया। इस दौरान सचिव सतेंद्र्र सिंह गंगवार, विनोद गंगवार, विशेश्वर दयाल यादव, सुभाष कृष्ण सक्सेना, अवनीश कुमार गंगवार, सर्मेश यादव, इंद्रेश गंगवार, सुनील कुमार गंगवार, प्रमोद चंद्र गंगवार, माधव शुक्ला, संजीव कुमार, रामदास वर्मा आदि मौजूद रहे।
मंगलवार को लेखपाल राजेंद्र सक्सेना और वकील अनोखेलाल शाक्य में विवाद और मारपीट हुई थी। लेखपाल ने अनोखे लाल व इनके दो साथी वकील सरनेश व सुनील पर हाकी से पीटकर घायल करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लेखपाल को लोहिया अस्पताल रेफर किया गया था। घटना से लेखपालों और वकीलों के बीच तनाव है। बुधवार को लेखपाल संघ के अध्यक्ष जगदीप कुमार की अध्यक्षता में लेखपालों ने बैठक कर घटना की निंदा की। कहा कि आरोपी वकील पहले भी तहसील
कर्मचारियों के साथ घटनाएं कर चुके हैं। इनमें कोई कार्रवाई नहीं हुई। इन्हाेंने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, बार से सदस्यता तथा बार काउंसिल से पंजीकरण रद्द करने की मांग उठाई। इसके साथ ही गुरुवार से अनिश्चित कालीन कलमबंद हड़ताल का भी एलान किया। लेखपालों ने एसडीएम बीडी वर्मा को ज्ञापन भी दिया। इस दौरान संघ के मंत्री रामेंद्र मौर्य, उपाध्यक्ष विपिन कुमार, रवि वर्मा, उदय प्रताप सिंह, रमाकांत गुप्ता, अशोक कुमार, रविकांत, सुरेश चंद्र, उदय सिंह, ब्रजेश सिंह, उधम सिंह, देवेंद्र कुमार, सत्य सिंह, अनिल कुमार, अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।
लेखपालों की बैठक के बाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कर्मवीर रस्तोगी की अध्यक्षता में तहसील सभागार में वकीलों ने बैठक की। इसमें लेखपाल को दोषी बताया गया। वकीलाें ने कहा कि मंगलवार को लेखपाल राजेंद्र सक्सेना ने वकील अनोखेलाल के साथ अभद्रता करने के बाद हाथापाई की थी। इस दौरान लेखपाल सीढ़ियों से गिरकर घायल हो गया। वकीलों पर मारपीट का झूठा आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज करा दी। वकीलों ने एसडीएम से लेखपाल की लिखाई गई झूठी रिपोर्ट को
खत्म कराने और वकील की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग रखी। वकीलों ने 8 मई तक सांकेतिक रूप से न्यायिक कार्य से विरत रहने का एलान किया। इस दौरान सचिव सतेंद्र्र सिंह गंगवार, विनोद गंगवार, विशेश्वर दयाल यादव, सुभाष कृष्ण सक्सेना, अवनीश कुमार गंगवार, सर्मेश यादव, इंद्रेश गंगवार, सुनील कुमार गंगवार, प्रमोद चंद्र गंगवार, माधव शुक्ला, संजीव कुमार, रामदास वर्मा आदि मौजूद रहे।