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मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
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फर्रुखाबाद। शनिवार रात मार्ग दुर्घटना में मरे एक युवक के दो मासूम बच्चे हैं। उन्हें नहीं पता कि पिता का साया उसके सिर से उठ गया है। कार चला रहा युवक साइकिल रिपेयरिंग करके पैसे कमाने के बाद कार मालिक बना था। वह दिन-रात मेहनत करके परिवार का पालन-पोषण कर रहा था।
मऊदरवाजा थाने के गांव हाथीपुर के पास कार और ट्रैक्टर-ट्राली की भिड़ंत में कन्नौज जिले के थाना छिबरामऊ के गांव खजुरिया नगला निवासी सुशील कुमार की मौत हो गई थी। सुशील के दो बच्चे सोनू (5) और जानू (4) हैं। सुशील के भाई लालाराम, संतपाल, वीरपाल, प्रदीप हैं। वह सबसे छोटा था। जिस वक्त उसके शव का पंचनामा भरा जा रहा था। उस वक्त बच्चे थे, मगर उन्हें नहीं पता कि अब उसके पिता का साया उनसे उठ गया है। तमाम महिला-पुरुषों में चीत्कार मची रही।
इसके अलावा कार चला रहे छिबरामऊ के सिकंदरपुर निवासी शमशुद्दीन की साइकिल रिपेयरिंग की दुकान है। उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर एक-एक रुपये जोड़कर कार खरीदी थी। वह दिन में दुकान चलाते और रात शाम को अपनी बुकिंग लेकर जाते थे। वह चार भाइयों में दूसरे नंबर के थे। कमरुद्दीन, मोहम्मद रियाज, मेराज हैं। उनके चार बेटे सीबू, तालिब, आरिफ व अयान हैं। बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल था।
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मऊदरवाजा थाने के गांव हाथीपुर के पास कार और ट्रैक्टर-ट्राली की भिड़ंत में कन्नौज जिले के थाना छिबरामऊ के गांव खजुरिया नगला निवासी सुशील कुमार की मौत हो गई थी। सुशील के दो बच्चे सोनू (5) और जानू (4) हैं। सुशील के भाई लालाराम, संतपाल, वीरपाल, प्रदीप हैं। वह सबसे छोटा था। जिस वक्त उसके शव का पंचनामा भरा जा रहा था। उस वक्त बच्चे थे, मगर उन्हें नहीं पता कि अब उसके पिता का साया उनसे उठ गया है। तमाम महिला-पुरुषों में चीत्कार मची रही।
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इसके अलावा कार चला रहे छिबरामऊ के सिकंदरपुर निवासी शमशुद्दीन की साइकिल रिपेयरिंग की दुकान है। उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर एक-एक रुपये जोड़कर कार खरीदी थी। वह दिन में दुकान चलाते और रात शाम को अपनी बुकिंग लेकर जाते थे। वह चार भाइयों में दूसरे नंबर के थे। कमरुद्दीन, मोहम्मद रियाज, मेराज हैं। उनके चार बेटे सीबू, तालिब, आरिफ व अयान हैं। बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल था।
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