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Farrukhabad News: बीमारी से परेशान ग्रामीण ने ट्रेन से कटकर दी जान
Fri, 13 Jun 2025 11:15 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Fri, 13 Jun 2025 11:15 PM IST
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कमालगंज। बीमारी से परेशान ग्रामीण ने गांव के सामने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। हादसे में शव दो हिस्सों में कट गया। ग्रामीणों ने शव को देख परिजनों को सूचना दी। घटनास्थल पर पहुंचे परिजन शव देख बेहाल हो गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थाना क्षेत्र के गांव शेखपुर रुस्तमपुर निवासी रामबहादुर बाथम (46) लंबे समय से बीमार चल रहे है। गुरुवार रात रामबहादुर परिजनों को बिना बताए घर से निकल गए। उन्होंने गांव के सामने रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े छह बजे रेलवे ट्रैक के पास से गुजरे ग्रामीणों ने रामबहादुर का कटा शव पड़ा देखा तो परिजनों को सूचना दी।
भाई रामसागर परिजनों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव देखकर शिनाख्त की। जानकारी पर पहुंचे इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने परिजनों से पूछताछ की। रामसागर ने बताया कि भाई रामबहादुर का 15 वर्ष पूर्व एक्सीडेंट हुआ था। तब से वह बीमार चल रहा थे। इससे वह परेशान रहते थे। गुरुवार रात वह घर से बिना बताए निकल गए।
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रामबहादुर भाई रामतीर्थ, रामसागर व मेघनाथ में चौथे नंबर का था। उसके तीन पुत्र विजयपाल, वीरपाल, शिशुपाल व तीन पुत्री सुनीता, गीता व रजनी हैं। दरोगा जगदीश प्रसाद ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। (संवाद)
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थाना क्षेत्र के गांव शेखपुर रुस्तमपुर निवासी रामबहादुर बाथम (46) लंबे समय से बीमार चल रहे है। गुरुवार रात रामबहादुर परिजनों को बिना बताए घर से निकल गए। उन्होंने गांव के सामने रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े छह बजे रेलवे ट्रैक के पास से गुजरे ग्रामीणों ने रामबहादुर का कटा शव पड़ा देखा तो परिजनों को सूचना दी।
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भाई रामसागर परिजनों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव देखकर शिनाख्त की। जानकारी पर पहुंचे इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने परिजनों से पूछताछ की। रामसागर ने बताया कि भाई रामबहादुर का 15 वर्ष पूर्व एक्सीडेंट हुआ था। तब से वह बीमार चल रहा थे। इससे वह परेशान रहते थे। गुरुवार रात वह घर से बिना बताए निकल गए।
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रामबहादुर भाई रामतीर्थ, रामसागर व मेघनाथ में चौथे नंबर का था। उसके तीन पुत्र विजयपाल, वीरपाल, शिशुपाल व तीन पुत्री सुनीता, गीता व रजनी हैं। दरोगा जगदीश प्रसाद ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। (संवाद)