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Farrukhabad News: कोर्ट में चली लंबी बहस, सीजेएम ने दोनों सिपाही व फर्जी प्रतिनिधि को भेजा जेल
Thu, 17 Jul 2025 11:51 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Thu, 17 Jul 2025 11:51 PM IST
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फर्रुखाबाद। मऊदरवाजा थाने की हथियापुर चौकी में पिटाई और रिश्वत लेने से आहत युवक के फंदा लगाने की घटना में नामजद फर्जी प्रतिनिधि और दोनों सिपाहियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। तीनों को सीजेएम की अदालत में पेश किया गया। यहां लंबी बहस के बाद न्यायाधीश ने तीनों को जेल भेजने के आदेश दिए। इसके बाद जुगाड़ लगाने में जुटे लोग मायूस होकर लौट आए।
क्षेत्र के गांव छेदा नगला में पूर्व बीडीसी रामरहीस के पुत्र दिलीप राजपूत (25) ने पत्नी और ससुरालियों के सामने पिटाई पिटाई और रिश्वत से आहत होकर सोमवार रात घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसने फंदे पर लटकने से पहले अपनी सफेद रंग की पैंट पर सुसाइड नोट लिखा। इसमें कमालगंज के गांव रसीदपुर निवासी ससुर बनवारी लाल, साला राजू, फर्जी प्रतिनिधि जहानगंज के आलूपुर निवासी रजनेश राजपूत, थाने के सिपाही यशवंत सिंह यादव व महेश उपाध्याय पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था।
पिता की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट लिख ली। मगर थानाध्यक्ष बलराज भाटी दो दिन तक पूरे मामले को हर स्तर से सुलटाने का प्रयास करते रहे। उन्होंने चौकी में 40 हजार रुपये लेने, हस्तलेख के मिलान और पिटाई का कोई सबूत न होने की बात कही थी। मामले को तूल पकड़ता देख पुलिस ने बुधवार देर रात दोनों सिपाही और फर्जी प्रतिनिधि को हिरासत में ले लिया। गुरुवार सुबह तीनों की गिरफ्तारी भी दिखा दी।
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पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में लिंजीगंज अस्पताल में हाथरस के सादाबाद थाने के जाहोई निवासी, सिपाही यशवंत सिंह, फिरोजाबाद जिले के पचोखरा थाना के गांव बुर्जसाकी निवासी, सिपाही महेश उपाध्याय व जहानगंज थाने के आलूपुर निवासी रजनेश राजपूत का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद सीजेएम की अदालत में पेश किया गया।
बचाव पत्र के अधिवक्ता मुदित मिश्रा व महेश मिश्रा ने अदालत में रिमांड रिफ्यूज का प्रार्थनापत्र दिया। इसके बाद बचाव पक्ष और सरकारी वकील ने सीजेएम घनश्याम शुक्ला के सामने दलीलें पेश कीं। लंबी बहस के बाद सीजेएम ने रिमांड रिफ्यूज प्रार्थनापत्र को खारिज कर तीनों को 14 दिन की न्यायिक रिमांड मंजूर करते हुए जेल भेज दिया। मामले की सुनवाई के लिए 30 जुलाई की तारीख तय कर दी।
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सत्ताधारी दल का रौब भी न आया काम
जेल भेजा गया रजनेश राजपूत सत्ताधारी दल का रौब गांठ कर जहानगंज थाना क्षेत्र में ही नहीं बल्कि कमालगंज, मोहम्मदाबाद और मऊदरवाजा थाने में मनमाने तरीके से काम करवा लेता था। परिवार के लोगों ने हथियापुर चौकी में हुए घटनाक्रम में उसे ही दोषी माना था। हालांकि आज अदालत के सामने उसका रौब काम नहीं आया।
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ससुर व साले से चल रही पूछताछ
कमालगंज थाना पुलिस ने नामजद ससुर बनवारी लाल और साले राजू को घटना की रात में ही हिरासत में ले लिया था। उसी रात में मऊदरवाजा थाना पुलिस उससे पूछताछ के लिए ले आई। बताया जाता है कि पुलिस अभी भी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बातचीत कर रही है।
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नेताओं व ग्रामीणों की भीड़ देख पुलिस के कड़े प्रबंध
सिपाहियों और फर्जी प्रतिनिधि की पेशी के समय कचहरी परिसर में कई नेताओं के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ रही। सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखने की मंशा से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
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क्षेत्र के गांव छेदा नगला में पूर्व बीडीसी रामरहीस के पुत्र दिलीप राजपूत (25) ने पत्नी और ससुरालियों के सामने पिटाई पिटाई और रिश्वत से आहत होकर सोमवार रात घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसने फंदे पर लटकने से पहले अपनी सफेद रंग की पैंट पर सुसाइड नोट लिखा। इसमें कमालगंज के गांव रसीदपुर निवासी ससुर बनवारी लाल, साला राजू, फर्जी प्रतिनिधि जहानगंज के आलूपुर निवासी रजनेश राजपूत, थाने के सिपाही यशवंत सिंह यादव व महेश उपाध्याय पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था।
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पिता की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट लिख ली। मगर थानाध्यक्ष बलराज भाटी दो दिन तक पूरे मामले को हर स्तर से सुलटाने का प्रयास करते रहे। उन्होंने चौकी में 40 हजार रुपये लेने, हस्तलेख के मिलान और पिटाई का कोई सबूत न होने की बात कही थी। मामले को तूल पकड़ता देख पुलिस ने बुधवार देर रात दोनों सिपाही और फर्जी प्रतिनिधि को हिरासत में ले लिया। गुरुवार सुबह तीनों की गिरफ्तारी भी दिखा दी।
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पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में लिंजीगंज अस्पताल में हाथरस के सादाबाद थाने के जाहोई निवासी, सिपाही यशवंत सिंह, फिरोजाबाद जिले के पचोखरा थाना के गांव बुर्जसाकी निवासी, सिपाही महेश उपाध्याय व जहानगंज थाने के आलूपुर निवासी रजनेश राजपूत का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद सीजेएम की अदालत में पेश किया गया।
बचाव पत्र के अधिवक्ता मुदित मिश्रा व महेश मिश्रा ने अदालत में रिमांड रिफ्यूज का प्रार्थनापत्र दिया। इसके बाद बचाव पक्ष और सरकारी वकील ने सीजेएम घनश्याम शुक्ला के सामने दलीलें पेश कीं। लंबी बहस के बाद सीजेएम ने रिमांड रिफ्यूज प्रार्थनापत्र को खारिज कर तीनों को 14 दिन की न्यायिक रिमांड मंजूर करते हुए जेल भेज दिया। मामले की सुनवाई के लिए 30 जुलाई की तारीख तय कर दी।
सत्ताधारी दल का रौब भी न आया काम
जेल भेजा गया रजनेश राजपूत सत्ताधारी दल का रौब गांठ कर जहानगंज थाना क्षेत्र में ही नहीं बल्कि कमालगंज, मोहम्मदाबाद और मऊदरवाजा थाने में मनमाने तरीके से काम करवा लेता था। परिवार के लोगों ने हथियापुर चौकी में हुए घटनाक्रम में उसे ही दोषी माना था। हालांकि आज अदालत के सामने उसका रौब काम नहीं आया।
ससुर व साले से चल रही पूछताछ
कमालगंज थाना पुलिस ने नामजद ससुर बनवारी लाल और साले राजू को घटना की रात में ही हिरासत में ले लिया था। उसी रात में मऊदरवाजा थाना पुलिस उससे पूछताछ के लिए ले आई। बताया जाता है कि पुलिस अभी भी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बातचीत कर रही है।
नेताओं व ग्रामीणों की भीड़ देख पुलिस के कड़े प्रबंध
सिपाहियों और फर्जी प्रतिनिधि की पेशी के समय कचहरी परिसर में कई नेताओं के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ रही। सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखने की मंशा से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।