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एसीएमओ को पीटा, चूड़ियां पहनाने की कोशिश
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Sat, 01 Aug 2015 10:59 PM IST
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आवास विकास तिराहा स्थित माया हास्पिटल में हुई जच्चा-बच्चा की मौत मामले
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में कार्रवाई न होने से गुस्साए पीड़ित परिवार व उनके समर्थकों ने शनिवार
को हंगामा किया। सीएमओ, एसीएमओ व विभागीय लिपिक का पुतला फूंका। इस दौरान
वहां पहुंचे एसीएमओ की पिटाई कर दी। साथ ही उन्हें चूड़ियां पहनाने की
कोशिश की। एसीएमओ ने आधा दर्जन
लोगों को नामजद करने के साथ ही उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आवास विकास तिराहा स्थित माया अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर शनिवार दोपहर विकास मंच महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष शकुंतला देवी, कांग्रेसी नेता विजय कटियार, रूपा शाक्य, राजवती बाथम, जयवीर सिंह समेत दो दर्जन से
अधिक लोग सीएमओ आफिस पहुंचे। नारेबाजी करते हुए गेट पर सीएमओ डा. राकेश कुमार, एसीएमओ डा. राजवीर सिंह, लिपिक रिषीगोपाल तिवारी का पुतला फूंका। तभी उधर से एसीएमओ डा. राजवीर सिंह आ गया। उन्हें देख प्रदर्शनकारी महिलाओं ने घेर लिया। इस बीच अन्य लोगों ने हाथापाई कर दी। महिलाओें ने उन्हें चूड़ियां पहनाने का प्रयास किया।
किसी तरह कर्मचारियों ने उन्हें प्रदर्शनकारियों के चंगुल से बचाया। सीएमओ की सूचना पर सीओ सिटी एवं एसडीएम मयफोर्स मौके पर पहुंचे और किसी तरह मामला शांत कराया। बाद में एसीएमओ डा. राजवीर सिंह ने विमल शाक्य, विजय
कटियार, रूपा शाक्य, शकुुंतला देवी, राजवती, जयवीर सिंह और 10-12 अज्ञात साथियों के खिलाफ मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज कराई है
अस्पताल पर कार्रवाई न होने से फूटा गुस्सा- हेडिंग
जच्चा-बच्चा की मौत के मामले को लेकर सीएमओ कार्यालय की ढुलमुल नीति पर कई दिनों से लोगों में आक्रोश दिख रहा था। इस बीच विकास मंच सहित अन्य संगठनों के शामिल होने से लोग लामबंद हो गए और शनिवार को जबरदस्त प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सीएमओ कार्यालय जानबूझ कर अस्पताल को बचा रहा है।
मालूम हो कि कुछ दिन पहले शहर के बाग लकूला में रहने वाले विमल शाक्य की पत्नी दुर्गा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर परिवार के लोगों ने माया हास्पिटल में भर्ती कराया था। यहां जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। तत्कालीन डीएम एनकेएस चौहान ने जांच के लिए कमेटी बना दी थी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग ने जांच रिपोर्ट में हेराफेरी की
है। सीएमओ ने माया हास्पिटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। इसके बाद भी अस्पताल चल रहा है। इस मामले में कोई कार्रवाई होती न देखकर पीड़ित परिवार ने कलेक्ट्रेट परिसर में दो दिन पहले धरना शुरू कर दिया था। इसके बाद भी कोई हल न निकलने पर शनिवार की दोपहर विकास मंच महिला मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ पीड़ित परिवार के लोग और
उनके समर्थक सीएमओ कार्यालय जा धमके। कार्यालय में सीएमओ डा. राकेश कुमार मौजूद नहीं थे। पूतला फूंकने के बाद मीटिंग से लौटे रहे एसीएमओ डा. राजवीर सिंह वहां पहुंच गए और महिलाओं ने घेर लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्वास्थ्य विभाग माया अस्पताल को आर्थिक लाभ के लिए बचाने में जुटा है।
इस मामले में तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच की थी। पीड़ित जांच रिपोर्ट को बदलवाने की मांग कर रहा है। इसी को लेकर इन्होंने हंगामा किया। - डा. राकेश कुमार सीएमओ
डीएम को ज्ञापन देकर इस मामले की जांच करा कर दोषी स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सीएमओ पर भष्टाचार का आरोप लगाया है। अगर 48 घंटे में समाधान नहीं हुआ तो बड़ा धरना प्रदर्शन होगा। जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता माया अस्पताल को बंद कराने की भी मांग की है।
- शकुंतला देवी जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा
लोगों को नामजद करने के साथ ही उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आवास विकास तिराहा स्थित माया अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर शनिवार दोपहर विकास मंच महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष शकुंतला देवी, कांग्रेसी नेता विजय कटियार, रूपा शाक्य, राजवती बाथम, जयवीर सिंह समेत दो दर्जन से
अधिक लोग सीएमओ आफिस पहुंचे। नारेबाजी करते हुए गेट पर सीएमओ डा. राकेश कुमार, एसीएमओ डा. राजवीर सिंह, लिपिक रिषीगोपाल तिवारी का पुतला फूंका। तभी उधर से एसीएमओ डा. राजवीर सिंह आ गया। उन्हें देख प्रदर्शनकारी महिलाओं ने घेर लिया। इस बीच अन्य लोगों ने हाथापाई कर दी। महिलाओें ने उन्हें चूड़ियां पहनाने का प्रयास किया।
किसी तरह कर्मचारियों ने उन्हें प्रदर्शनकारियों के चंगुल से बचाया। सीएमओ की सूचना पर सीओ सिटी एवं एसडीएम मयफोर्स मौके पर पहुंचे और किसी तरह मामला शांत कराया। बाद में एसीएमओ डा. राजवीर सिंह ने विमल शाक्य, विजय
कटियार, रूपा शाक्य, शकुुंतला देवी, राजवती, जयवीर सिंह और 10-12 अज्ञात साथियों के खिलाफ मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज कराई है
अस्पताल पर कार्रवाई न होने से फूटा गुस्सा- हेडिंग
जच्चा-बच्चा की मौत के मामले को लेकर सीएमओ कार्यालय की ढुलमुल नीति पर कई दिनों से लोगों में आक्रोश दिख रहा था। इस बीच विकास मंच सहित अन्य संगठनों के शामिल होने से लोग लामबंद हो गए और शनिवार को जबरदस्त प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सीएमओ कार्यालय जानबूझ कर अस्पताल को बचा रहा है।
मालूम हो कि कुछ दिन पहले शहर के बाग लकूला में रहने वाले विमल शाक्य की पत्नी दुर्गा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर परिवार के लोगों ने माया हास्पिटल में भर्ती कराया था। यहां जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। तत्कालीन डीएम एनकेएस चौहान ने जांच के लिए कमेटी बना दी थी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग ने जांच रिपोर्ट में हेराफेरी की
है। सीएमओ ने माया हास्पिटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। इसके बाद भी अस्पताल चल रहा है। इस मामले में कोई कार्रवाई होती न देखकर पीड़ित परिवार ने कलेक्ट्रेट परिसर में दो दिन पहले धरना शुरू कर दिया था। इसके बाद भी कोई हल न निकलने पर शनिवार की दोपहर विकास मंच महिला मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ पीड़ित परिवार के लोग और
उनके समर्थक सीएमओ कार्यालय जा धमके। कार्यालय में सीएमओ डा. राकेश कुमार मौजूद नहीं थे। पूतला फूंकने के बाद मीटिंग से लौटे रहे एसीएमओ डा. राजवीर सिंह वहां पहुंच गए और महिलाओं ने घेर लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्वास्थ्य विभाग माया अस्पताल को आर्थिक लाभ के लिए बचाने में जुटा है।
इस मामले में तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच की थी। पीड़ित जांच रिपोर्ट को बदलवाने की मांग कर रहा है। इसी को लेकर इन्होंने हंगामा किया। - डा. राकेश कुमार सीएमओ
डीएम को ज्ञापन देकर इस मामले की जांच करा कर दोषी स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सीएमओ पर भष्टाचार का आरोप लगाया है। अगर 48 घंटे में समाधान नहीं हुआ तो बड़ा धरना प्रदर्शन होगा। जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता माया अस्पताल को बंद कराने की भी मांग की है।
- शकुंतला देवी जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा