भगवान भाव के भूखे होते हैं

Farrukhabad Updated Mon, 16 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
फर्रुखाबाद। बढ़पुर स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में आयोजित सत्संग में महात्मा जख्मी ने कहा कि भगवान भाव के भूखे होते हैं। जब हम भगवान को एक बार याद करते हैं तो भगवान हमारा हजारों बार ख्याल रखते हैं। संसार में सारे सगे संबंधी मतलब के हैं। भगवान ही सच्चे साथी हैं, जो आखिरी समय तक साथ नहीं छोड़ते हैं। जो गुरुसिख, जो बंदे परमपिता परमात्मा को सदैव ध्यान रखते हैं, वो सबसे ज्यादा धनवान होते हैं। सबसे बड़ा धन ज्ञान होता है। ज्ञान देने से ज्ञान बढ़ता है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में साफ-साफ बताया है कि मुझे व्रत, जप, तप से प्राप्त नहीं किया जा सकता। लेकिन आज का मानव संसार के मोहमाया में फंसकर अपना जीवन व्यर्थ गवां रहा है। ऊंचा वह होता है, जिसकी सोच और भावना ऊंची हो। इस मौके पर फूलचंद्र, गौरव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us