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आईटीबीपी का राफ्टिंग दल का स्वागत
Farrukhabad
Updated Fri, 11 May 2012 12:00 PM IST
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कायमगंज/कंपिल। राष्ट्रीय नदी गंगा के पारस्थितिकीय व जैविकिय संरक्षण हेतु लोगों में जागरूकता फैलाने के अभियान पर निकले भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस बल के ४० सदस्यीय रीवर राफटिंग दल ने अटैना व गण्डुआ गंगा घाट से पानी व मृदा के नमूने लिए। इस दौरान दल का फूल मालाओं से जोरदार स्वागत किया गया। दल के प्रमुख रीवर राफटर उप महानिरीक्षक एसएस मिश्रा ने लोगों से गंगा को निर्मल, अविरल बनाए रखने हेतु कचरा व पॉलीथिन प्रदूषण से मुक्त रखने का आवाहन किया।
बता दे कि भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस फोर्स अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के ५० वर्ष पूरे होने पर वर्ष २०१२ को स्वर्ण जयंती वर्ष के रूप में मना रही है। इसके तहत गंगा प्रवदर्शन हेतु तिब्बत पुलिस का ४० सदस्यी दल गंगा व सड़क मार्ग से गंगोत्री से गंगासागर तक की साहासिक यात्रा पर निकला हुआ है। गुरूवार को दल के कंपिल के अटैना गंगाघाट पर पहुंचने की सूचना पर नगर पंचायत की ओर से गंगा के घाटों की सफाई का कार्य शुरू कराया गया। दोपहर करीब १२ बजे दो स्टीमरों पर डीआईजी एसएस शर्मा के नेतृत्व वाले १२ सदस्यीय दल जिसमें उप सेनानी तरूण कुमार, उप निरीक्षक मोहम्मद अली, सतीश कुमार, रोशन असवाल, अशोक कुमार, केवल सिंह, दियोमान सुगी, संतोष कुमार, शिवराम, शिवा पांडी, सुभाष घोष, निखिल कुमार, निाशंत सिंह, संतोष सिंह, अमलेश ब्रह्मा, आशीष सिंह, विशाल कुमार, विक्रम सिंह, शंकर लाल आदि का कंपिल थानाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सागर, नगर पंचायत लिपिक मुस्तकीम खां सहित कंपिल व अटैना गांव के सैकडों नागरिकों ने फूल मालाएं पहनाकर दल का स्वागत किया। टीम के लोगों ने उपस्थित जनसमूह से गंगा में कचरा व पालीथिन आदि न फेंकने की अपील की। उन्होने लोगों से कहा कि गंगा से हमारा सदियों पुराना नाता है। गंगा से ही हमें मोक्ष प्राप्त होता है। साथ ही यह हमारे जीवन के लिए बहुत ही उपयोगी है। इसे संरक्षित बनाए रखने की महती आवश्यकता है। कायमगंज के गण्डुआ गंगाघाट पहुंचने पर उपजिलाधिकारी रविंद्र वर्मा, ईओ सुरेंद्र शर्मा, एसएसआई जगदीश तिवारी सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने दल का स्वागत सत्कार किया। टीम के अध्यक्ष प्रमुख रीवर राफटर डीआईजी एसएस मिश्रा ने बताया कि अभियान दल ५८ दिनों में २८२५ किलोमीटर की दूरी गंगानदी में राफटिंग के द्वारा तय करेगी तथा पांच राज्यों के तीस बडे शहरों से होकर गुजरेगी। २४ अप्रैल से प्रारंभ हुए अभियान का आज १७वां दिन है। दल अब तक ५०१ किलोमीटर दूरी तय कर चुका है। उन्होने बताया कि उनके दल ने जगह-जगह से पानी व मृदा के नमूने लिए हैं। जो जांच के लिए सरकारी संस्थाओं को भेजे जाएंगे। इस जांच से गंगा के प्रदूषण के स्तर की जानकारी के साथ गंगा को बचाने के लिए ठोस योजना बनाने में मदद मिलेगी। उन्होने बताया कि उनके दल का उद्देश्य गंगा नदी में स्वच्छ पानी पारिस्थितिकीय व जैवकीय संरक्षण और गंगा नदी को साफ रखने के प्रति लोगों में जागरूकता की भावना पैदा करना है। इस अभियान का एक उद्देश्य यह भी है कि युवाओं में अर्धसैनिक बलों के प्रति विशेषकर भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल में भर्ती होने के लिए उत्साहित करना एवं सहासिक जल क्रीडा को आगे बढ़ाना है।
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बता दे कि भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस फोर्स अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के ५० वर्ष पूरे होने पर वर्ष २०१२ को स्वर्ण जयंती वर्ष के रूप में मना रही है। इसके तहत गंगा प्रवदर्शन हेतु तिब्बत पुलिस का ४० सदस्यी दल गंगा व सड़क मार्ग से गंगोत्री से गंगासागर तक की साहासिक यात्रा पर निकला हुआ है। गुरूवार को दल के कंपिल के अटैना गंगाघाट पर पहुंचने की सूचना पर नगर पंचायत की ओर से गंगा के घाटों की सफाई का कार्य शुरू कराया गया। दोपहर करीब १२ बजे दो स्टीमरों पर डीआईजी एसएस शर्मा के नेतृत्व वाले १२ सदस्यीय दल जिसमें उप सेनानी तरूण कुमार, उप निरीक्षक मोहम्मद अली, सतीश कुमार, रोशन असवाल, अशोक कुमार, केवल सिंह, दियोमान सुगी, संतोष कुमार, शिवराम, शिवा पांडी, सुभाष घोष, निखिल कुमार, निाशंत सिंह, संतोष सिंह, अमलेश ब्रह्मा, आशीष सिंह, विशाल कुमार, विक्रम सिंह, शंकर लाल आदि का कंपिल थानाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सागर, नगर पंचायत लिपिक मुस्तकीम खां सहित कंपिल व अटैना गांव के सैकडों नागरिकों ने फूल मालाएं पहनाकर दल का स्वागत किया। टीम के लोगों ने उपस्थित जनसमूह से गंगा में कचरा व पालीथिन आदि न फेंकने की अपील की। उन्होने लोगों से कहा कि गंगा से हमारा सदियों पुराना नाता है। गंगा से ही हमें मोक्ष प्राप्त होता है। साथ ही यह हमारे जीवन के लिए बहुत ही उपयोगी है। इसे संरक्षित बनाए रखने की महती आवश्यकता है। कायमगंज के गण्डुआ गंगाघाट पहुंचने पर उपजिलाधिकारी रविंद्र वर्मा, ईओ सुरेंद्र शर्मा, एसएसआई जगदीश तिवारी सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने दल का स्वागत सत्कार किया। टीम के अध्यक्ष प्रमुख रीवर राफटर डीआईजी एसएस मिश्रा ने बताया कि अभियान दल ५८ दिनों में २८२५ किलोमीटर की दूरी गंगानदी में राफटिंग के द्वारा तय करेगी तथा पांच राज्यों के तीस बडे शहरों से होकर गुजरेगी। २४ अप्रैल से प्रारंभ हुए अभियान का आज १७वां दिन है। दल अब तक ५०१ किलोमीटर दूरी तय कर चुका है। उन्होने बताया कि उनके दल ने जगह-जगह से पानी व मृदा के नमूने लिए हैं। जो जांच के लिए सरकारी संस्थाओं को भेजे जाएंगे। इस जांच से गंगा के प्रदूषण के स्तर की जानकारी के साथ गंगा को बचाने के लिए ठोस योजना बनाने में मदद मिलेगी। उन्होने बताया कि उनके दल का उद्देश्य गंगा नदी में स्वच्छ पानी पारिस्थितिकीय व जैवकीय संरक्षण और गंगा नदी को साफ रखने के प्रति लोगों में जागरूकता की भावना पैदा करना है। इस अभियान का एक उद्देश्य यह भी है कि युवाओं में अर्धसैनिक बलों के प्रति विशेषकर भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल में भर्ती होने के लिए उत्साहित करना एवं सहासिक जल क्रीडा को आगे बढ़ाना है।
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