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निर्माण ढहाकर फिर से बनाएं कक्षः डीएम

Farrukhabad Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
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फर्रुखाबाद। परिषदीय स्कूलों की परीक्षाओं में ब्लैक बोर्ड पर हो रही नकल की सूचना पर डीएम मुथुकुमारस्वामी बी शुक्रवार की दोपहर अचानक धंसुआ गांव पहुंच गए। यहां परीक्षा तो होती हुई नहीं मिली लेकिन जांच पड़ताल में प्राइमरी शिक्षा में चल रहे घालमेल की परतें जरूर उघड़ कर सामने आ गईं। खामियां सामने आती रहीं और वह कार्रवाई की बावत फरमान जारी करते रहे। उन्होंने घटिया बन रहे अतिरिक्त कक्षा कक्ष को गिरवाकर नए सिरे से बनवाने के लिए कहा। प्रधान को हटाने के लिए कार्रवाई चालू करने, गांव की योजनाओं में घपले पकड़ने के लिए समिति बनाने व कोटेदार के खिलाफ जांच के आदेश जारी किए हैं।
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धंसुआ के कन्या प्राइमारी स्कूल में तीन कमरों का अतिरिक्त कक्षा कक्ष बन रहा है। इसकी भवन प्रभारी सहायक अध्यापिका पुष्पा पाल हैं। डीएम ने इसके निर्माण में लगी घटिया सामग्री पकड़ ली। इस पर भवन प्रभारी को तलब कर लिया। 2 लाख 11 हजार रुपए से बनने वाले इस भवन का करीब आधा निर्माण हो चुका है। पुष्पा पाल ने घटिया सामग्री लगने की बात कबूल कर ली।

उन्होंने बताया कि प्रधान लालाराम हर किश्त पर बीस फीसदी कमीशन लेते हैं। दो किश्तों का कमीशन एडवांस में लेने के बाद चेक दी। इससे लागत पर असर पड़ा है। उन्होंने भवन प्रभारी से रिकवरी के साथ ही निर्माण को तुड़वाकर नए सिरे से बनवाए जाने के लिए आदेश दिए। प्रधान को उन्होंने जमकर हड़काया। एफआईआर करवाकर जेल भेजने के लिए कहा। बाद में मिडडेमील, मनरेगा व दूसरी योजनाओं की जांच के लिए समिति बनाने व प्रधान को हटाने की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश जिला विकास अधिकारी एके चंद्रौल को दे डाले। गांव के लोगों ने बताया कि कोटेदार शिवकुमार ने बीपीएल के कार्ड जमा कर गायब कर दिए हैं। 35 किलो के स्थान पर 34 किलो राशन दिया जाता है। कैरोसिन 17 रुपया लीटर देते हैं। उन्होंने कहा कि कोटेदार के इन घपलों की जांच कराई जाए। गांव के लोगों ने बताया कि 8 घंटे से भी कम बिजली मिलती है। मीटर नहीं लगे हैं। कम व ज्यादा खर्च करने वालों के बराबर बिल आते हैं। आशा बहू शीला ने बताया कि बिल भेजने का कोई नियम नहीं है। इतने पर डीएम ने अधिशासी अभियंता को फोन लगा दिया। सही जानकारी न दे पाने पर उन्हें भी डांट खानी पड़ गई। इन्हें गलत बिल सही करने का आदेश सुनाया गया। इसमें लापरवाही पर कार्रवाई के लिए कहा। मनरेगा के लिए मजदूर न मिलने पर गांव में तालाब का काम ठप मिला। टीकाकरण, जननी सुरक्षा योजना, पेयजल, कानून व्यवस्था, शौचालय, आवास व पेंशन योजना की भी उन्होंने जानकारी की।

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