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एक दिसंबर से होगा किराएदाराें का वैरीफिकेशन
Farrukhabad
Updated Tue, 25 Nov 2014 05:30 AM IST
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फर्रुखाबाद। पुलिस 1 दिसंबर से शहर में फिर से किराए पर रहने वालाें का वैरीफिकेशन शुरू करवाएगी। यह काम टीमें बनाकर किया जाएगा। फरवरी 2013 में भी पुलिस ने ये अभियान शुरू किया था। लेकिन इस दौरान सिर्फ आवास विकास में ही वैरीफि केशन हो पाया था।
शहर में 37 वार्ड हैं जहां बहुत से किरायेदार रहते हैं। बहुत सी जगह वारदात होने पर जब पुलिस अपराधी की तलाश में दबिश देती है तो पता चलता है कि वो फरार हो चुका है। उसने मकान मालिक को मूल निवास का जो पता बताया था वो भी गलत था। ऐसे में पुलिस ने किरायेदारों का वैरीफिकेशन दोबारा कराने की योजना बनाई है। सीओ वाईपी सिंह ने बताया कि वैरीफि केशन दिसंबर से शुरू होगा। किराएदार के बताए पते पर भी पुलिस वैरीफिकेशन करवाएगी। इससे पहचान छुपाकर रहने वालाें को चिह्नित किया जा सकेगा।
ये आंकड़े देने होंगे
वैरीफिकेशन के दौरान किराएदार का नाम, पिता का नाम, मूल निवास, शहर में रहने की वजह, कार्य व्यवसाय व मोबाइल नंबर का डाटा जुटाया जाएगा। इसके बाद पुलिस किराएदार के बताए गए मूल पते पर सत्यापन करवाएगी। यह अभियान शहर पालिका के हर मोहल्ले में चलेगा। इसके लिए पुुलिस टीमाें का गठन करेगी।
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शहर में बड़ी संख्या में किराएदार
शहर में टेक्सटाइल प्रिंट कारोबार, जरदोजी, पीतल का बड़ा काम होने से किराएदाराें की बड़ी तादाद है। एक अनुमान के मुताबिक शहर में करीब 45 हजार लोग किराए पर रहते हैं। इनमें से 5 फीसदी का भी पुलिस वैरीफिकेशन नहीं है।
खुद भी बरतें एहतिहात
- किराएदार को रखने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी कर ली जाए।
- किराए पर मकान देने से पहले पहचान पत्र देख लें।
- शहर व आसपास रहने वाले उसके रिश्तेदार के बारे में भी मालूम कर लेें।
- किराएदार के यहां आने जाने वालाें पर भी नजर रखें।
- किराएदार की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस को सूचित करें।
- किराएदार का पुलिस वैरीफिकेशन करवा लें।
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शहर में 37 वार्ड हैं जहां बहुत से किरायेदार रहते हैं। बहुत सी जगह वारदात होने पर जब पुलिस अपराधी की तलाश में दबिश देती है तो पता चलता है कि वो फरार हो चुका है। उसने मकान मालिक को मूल निवास का जो पता बताया था वो भी गलत था। ऐसे में पुलिस ने किरायेदारों का वैरीफिकेशन दोबारा कराने की योजना बनाई है। सीओ वाईपी सिंह ने बताया कि वैरीफि केशन दिसंबर से शुरू होगा। किराएदार के बताए पते पर भी पुलिस वैरीफिकेशन करवाएगी। इससे पहचान छुपाकर रहने वालाें को चिह्नित किया जा सकेगा।
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ये आंकड़े देने होंगे
वैरीफिकेशन के दौरान किराएदार का नाम, पिता का नाम, मूल निवास, शहर में रहने की वजह, कार्य व्यवसाय व मोबाइल नंबर का डाटा जुटाया जाएगा। इसके बाद पुलिस किराएदार के बताए गए मूल पते पर सत्यापन करवाएगी। यह अभियान शहर पालिका के हर मोहल्ले में चलेगा। इसके लिए पुुलिस टीमाें का गठन करेगी।
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शहर में बड़ी संख्या में किराएदार
शहर में टेक्सटाइल प्रिंट कारोबार, जरदोजी, पीतल का बड़ा काम होने से किराएदाराें की बड़ी तादाद है। एक अनुमान के मुताबिक शहर में करीब 45 हजार लोग किराए पर रहते हैं। इनमें से 5 फीसदी का भी पुलिस वैरीफिकेशन नहीं है।
खुद भी बरतें एहतिहात
- किराएदार को रखने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी कर ली जाए।
- किराए पर मकान देने से पहले पहचान पत्र देख लें।
- शहर व आसपास रहने वाले उसके रिश्तेदार के बारे में भी मालूम कर लेें।
- किराएदार के यहां आने जाने वालाें पर भी नजर रखें।
- किराएदार की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस को सूचित करें।
- किराएदार का पुलिस वैरीफिकेशन करवा लें।