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पशुआें से क्रूरता रोकेगी निवारण समिति
Farrukhabad
Updated Tue, 04 Feb 2014 02:09 PM IST
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फर्रुखाबाद। पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक बुधवार को कलेक्ट्रेट में हुई। यहां समिति के सदस्यों को क्रूरता अधिनियम की जानकारी दी गई। विकास खंडाें पर बैठकें कर लोगाें को जागरूक करने का मसौदा बना। डीएम ने कहा कि समिति सदस्य अपने आसपास नजर रखें।
डीएम पवन कुमार ने कहा कि समिति की बैैठकें नियमित होनी चाहिए। सुधार की कोशिशें जारी रहें। पशुओं साथ क्रूरता नहीं होना चाहिए। इसके लिए हर संभव कार्रवाई की जाएगी। सदस्य अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ ने कहा कि शहर इलाके में गाय व सांडाें से क्रूरता की जाती है। इससे यह अपंग हो जाते हैं। महरम सिंह ने कहा कि पशुओं को संरक्षित किया जाए। इसके लिए खंड विकास कार्यालयों पर बैठकें की जाएं। राजेश हजेला ने कहा कि समिति सदस्याें को पहचान पत्र जारी किए जाएं।
ज्ञान प्रकाश पाठक ने कहा कि जिले से खरीद होकर पशु धन अलीगढ़ और बदायूं के लिए जाता है। लेन देन कर ट्रकों को पास कर दिया जाता है। इस पर कड़ाई बरती जाए। मुक्तिबोध पालीवाल ने कहा कि प्रधानाें व क्षेत्र पंचायत सदस्याें को भी इसके लिए जागरूक किया जाए। सदस्य महिपाल सिंह ने कहा कि ऑक्सीटोसिन की ब्रिकी पर प्रतिबंध का पालन करवाया जाए।
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यहां ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंकित अग्रवाल, सिटी मजिस्ट्रेट प्रभुनाथ, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. पुष्प कुमार, डा. विपिन गर्ग, अपर मुख्य अधिकारी शिशु पाल यादव, अर्थ एवं संख्या अधिकारी यशवंत सिंह, राकेश सारस्वत, विद्यानंद आर्य, रमेश चंद्र आदि मौजूद रहे।
ऐसा हुआ तो होगी एफआईआर
- पशुआें पर ज्यादा वजन लादा।
- पशु-पक्षियों को कैद रखना।
- एक ट्रक पर 8 से ज्यादा पशु लादना।
- निर्यात से पहले उनकी चिकित्सकीय रिपोर्ट न लेना।
- वाहन में पशुआें के लिए चारा व पानी का इंतजाम न होना।
- वाहन में ले जाने व पाने वाले की सूचना दर्ज न करवाना।
- वाहन में हवा के लिए मानक के मुताबिक जगह न होना।
- पशुआें में ऑक्सीटोसिन का प्रयोग।
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डीएम पवन कुमार ने कहा कि समिति की बैैठकें नियमित होनी चाहिए। सुधार की कोशिशें जारी रहें। पशुओं साथ क्रूरता नहीं होना चाहिए। इसके लिए हर संभव कार्रवाई की जाएगी। सदस्य अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ ने कहा कि शहर इलाके में गाय व सांडाें से क्रूरता की जाती है। इससे यह अपंग हो जाते हैं। महरम सिंह ने कहा कि पशुओं को संरक्षित किया जाए। इसके लिए खंड विकास कार्यालयों पर बैठकें की जाएं। राजेश हजेला ने कहा कि समिति सदस्याें को पहचान पत्र जारी किए जाएं।
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ज्ञान प्रकाश पाठक ने कहा कि जिले से खरीद होकर पशु धन अलीगढ़ और बदायूं के लिए जाता है। लेन देन कर ट्रकों को पास कर दिया जाता है। इस पर कड़ाई बरती जाए। मुक्तिबोध पालीवाल ने कहा कि प्रधानाें व क्षेत्र पंचायत सदस्याें को भी इसके लिए जागरूक किया जाए। सदस्य महिपाल सिंह ने कहा कि ऑक्सीटोसिन की ब्रिकी पर प्रतिबंध का पालन करवाया जाए।
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यहां ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंकित अग्रवाल, सिटी मजिस्ट्रेट प्रभुनाथ, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. पुष्प कुमार, डा. विपिन गर्ग, अपर मुख्य अधिकारी शिशु पाल यादव, अर्थ एवं संख्या अधिकारी यशवंत सिंह, राकेश सारस्वत, विद्यानंद आर्य, रमेश चंद्र आदि मौजूद रहे।
ऐसा हुआ तो होगी एफआईआर
- पशुआें पर ज्यादा वजन लादा।
- पशु-पक्षियों को कैद रखना।
- एक ट्रक पर 8 से ज्यादा पशु लादना।
- निर्यात से पहले उनकी चिकित्सकीय रिपोर्ट न लेना।
- वाहन में पशुआें के लिए चारा व पानी का इंतजाम न होना।
- वाहन में ले जाने व पाने वाले की सूचना दर्ज न करवाना।
- वाहन में हवा के लिए मानक के मुताबिक जगह न होना।
- पशुआें में ऑक्सीटोसिन का प्रयोग।