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जिले में पहुंचे 612 लौह,मिट्टी संग्रह बाक्स
Farrukhabad
Updated Sun, 05 Jan 2014 05:46 AM IST
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फर्रुखाबाद। सरदार बल्लभ भाई पटेल की मूर्ति के लिए मिट्टी व लोहा संग्रह के लिए जिले में 612 संग्रह बाक्स भेजे गए हैं। इसमें 512 बाक्स में गांवों से एवं 100 बाक्स में शहरी इलाके से मिट्टी व लोहा संग्रह किया जाएगा।
सरदार बल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय एकता ट्रस्ट की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत भाजपाई ग्रामीण इलाके में गाजे बाजे के साथ पहुंचे रहे हैं। निनौआ ग्राम पंचायत से इसकी शुरुआत हो चुकी है। ट्रस्ट की ओर से जिले में 612 बाक्स भेजे गए हैं। इसके अलावा संसाधन किट भी भेजी गई है। इसमें सुराज याचिका, निमंत्रण पत्र, सभा के संबंध में फार्म, पोस्टर, मिट्टी इकट्ठा करने की शीशी, कलम, एसओयू पुस्तिका, सीडी और निर्देश पत्र हैं। यह किट ग्राम पंचायत में ही ग्राम प्रधान और अन्य लोगों के सामने खोली जाएगी। लौह संग्रह अभियान के संयोजक डा. भूदेव राजपूत का कहना है कि अभियान से जुड़े पदाधिकारी जिस भी गांव में जाएंगे, वहां भव्य आयोजन किया जाएगा। बैंडबाजे के साथ गांव में पहुंच कर ग्रामीणों को पूरे कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी जाएगी। रविवार को बढ़पुर पूर्वी क्षेत्र मंडल में यह अभियान चलेगा।
कृषि औजार क्यों
अभियान में ग्रामीण इलाके से वही लोहा संग्रहीत किया जा रहा है जो कृषि यंत्रों में प्रयुक्त हुआ है। इसके पीछे तर्क है कि सरदार पटेल किसान थे। उनकी मूर्ति में खेती का पुराना औजार प्रयोग होने से किसानों का सीधे जुड़ाव होगा।
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मिट्टी क्यों
अभियान के तहत एक छोटी शीशी में हर गांव की मिट्टी इकट्ठी की जा रही है। इसके पीछे तर्क है कि यह मिट्टी संग्रहलय में होने से वहां पहुंचने वाले हर व्यक्ति को यह आभास होगा कि उसके भी गांव की मिट्टी यहां मौजूद है।
सरदार बल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय एकता ट्रस्ट की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत भाजपाई ग्रामीण इलाके में गाजे बाजे के साथ पहुंचे रहे हैं। निनौआ ग्राम पंचायत से इसकी शुरुआत हो चुकी है। ट्रस्ट की ओर से जिले में 612 बाक्स भेजे गए हैं। इसके अलावा संसाधन किट भी भेजी गई है। इसमें सुराज याचिका, निमंत्रण पत्र, सभा के संबंध में फार्म, पोस्टर, मिट्टी इकट्ठा करने की शीशी, कलम, एसओयू पुस्तिका, सीडी और निर्देश पत्र हैं। यह किट ग्राम पंचायत में ही ग्राम प्रधान और अन्य लोगों के सामने खोली जाएगी। लौह संग्रह अभियान के संयोजक डा. भूदेव राजपूत का कहना है कि अभियान से जुड़े पदाधिकारी जिस भी गांव में जाएंगे, वहां भव्य आयोजन किया जाएगा। बैंडबाजे के साथ गांव में पहुंच कर ग्रामीणों को पूरे कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी जाएगी। रविवार को बढ़पुर पूर्वी क्षेत्र मंडल में यह अभियान चलेगा।
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कृषि औजार क्यों
अभियान में ग्रामीण इलाके से वही लोहा संग्रहीत किया जा रहा है जो कृषि यंत्रों में प्रयुक्त हुआ है। इसके पीछे तर्क है कि सरदार पटेल किसान थे। उनकी मूर्ति में खेती का पुराना औजार प्रयोग होने से किसानों का सीधे जुड़ाव होगा।
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मिट्टी क्यों
अभियान के तहत एक छोटी शीशी में हर गांव की मिट्टी इकट्ठी की जा रही है। इसके पीछे तर्क है कि यह मिट्टी संग्रहलय में होने से वहां पहुंचने वाले हर व्यक्ति को यह आभास होगा कि उसके भी गांव की मिट्टी यहां मौजूद है।