{"_id":"34-155626","slug":"Farrukhabad-155626-34","type":"story","status":"publish","title_hn":"शौचालयों में भरा मिला भूसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शौचालयों में भरा मिला भूसा
Farrukhabad
Updated Sat, 19 Oct 2013 05:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। लोहिया गांवों की हालत में सुधार नहीं हो रहा है। शुक्रवार को परियोजना निदेशक डा. डीआर विश्वकर्मा ने लोहिया गांवों की अव्यवस्था खुद देखी।
नवाबगंज ब्लाक के लोहिया गांव जयसिंहपुर में निरीक्षण के दौरान स्वच्छ शौचालयों में भूसा भरा मिला। ट्रांसफार्मर जमीन पर पड़े थे। पोलों पर विद्युत लाइन बिछी थी, लेकिन उनमें करंट नहीं दौड़ रहा था। इस पर पीडी ने नाराजगी जताई। तीन ट्रांसफार्मर जमीन पर रखे थे। प्राथमिक विद्यालय में रंगाई पुताई व सफाई नहीं मिली। पीडी ने बताया कि विद्युत निगम व बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी को अधूरा कार्य शीघ्र पूरा करने का आदेश दिया है। उन्होंने बताया कि मनरेगा से 800 मीटर नाली बनवाई जा रही है। इस कार्य में 288 जॉब कार्ड धारकों को कार्य दिया गया। 26000 रुपये से प्राथमिक विद्यालय तक जाने का संपर्क मार्ग बनवाया जा रहा है। 9 पात्रों के आवासों का निरीक्षण किया। इनमें तीन के आवासों में रसोईघर नहीं बना मिला। उनकी दूसरी किस्त रोक दी गई। सात पात्रों को दूसरी चेक दे दी गई। गांव में बने स्वच्छ शौचालयों में कई जगह भूसा व अन्य सामान भरा हुआ था। इनको खाली कराने के निर्देश डीपीआरओ दिए हैं। गांव में पेयजल व्यवस्था को 28 हैंडपंप लगे है। जो सही है।
विज्ञापन
नवाबगंज ब्लाक के लोहिया गांव जयसिंहपुर में निरीक्षण के दौरान स्वच्छ शौचालयों में भूसा भरा मिला। ट्रांसफार्मर जमीन पर पड़े थे। पोलों पर विद्युत लाइन बिछी थी, लेकिन उनमें करंट नहीं दौड़ रहा था। इस पर पीडी ने नाराजगी जताई। तीन ट्रांसफार्मर जमीन पर रखे थे। प्राथमिक विद्यालय में रंगाई पुताई व सफाई नहीं मिली। पीडी ने बताया कि विद्युत निगम व बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी को अधूरा कार्य शीघ्र पूरा करने का आदेश दिया है। उन्होंने बताया कि मनरेगा से 800 मीटर नाली बनवाई जा रही है। इस कार्य में 288 जॉब कार्ड धारकों को कार्य दिया गया। 26000 रुपये से प्राथमिक विद्यालय तक जाने का संपर्क मार्ग बनवाया जा रहा है। 9 पात्रों के आवासों का निरीक्षण किया। इनमें तीन के आवासों में रसोईघर नहीं बना मिला। उनकी दूसरी किस्त रोक दी गई। सात पात्रों को दूसरी चेक दे दी गई। गांव में बने स्वच्छ शौचालयों में कई जगह भूसा व अन्य सामान भरा हुआ था। इनको खाली कराने के निर्देश डीपीआरओ दिए हैं। गांव में पेयजल व्यवस्था को 28 हैंडपंप लगे है। जो सही है।