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दो जेसीबी नहीं निकाल सकीं कुएं में गिरी भैंस
Farrukhabad
Updated Fri, 11 Oct 2013 05:39 AM IST
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मोहम्मदाबाद। नगला नीम रठौरा में गुरुवार शाम बोरिंग वाले कुएं में गिरी भैंस को 24 घंटे की मशक्कत के बावजूद नहीं निकाला जा सका। ग्रामीणों की राय-मशविरे के बाद भैंस स्वामी ने बगैर भैंस निकलवाए ही कुआं बंद करा दिया।
थाना क्षेत्र के गांव नगला अनूप निवासी अनिरुद्घ कुमार की भैंस खेतों की ओर चरने के लिए गई थी। शाम करीब 6:00 बजे खेत के पास लगे बोरिंग वाले कुएं में भैंस गिर गई। यह कुआं गांव चिर्रा के सतेंद्र सिंह का है। कुएं में भैंस गिरने की सूचना पर सैकड़ों ग्रामीण पहुंच गए। रात में फर्रुखाबाद से दो जेसीबी मशीनें मंगवाईं गईं। मशीनों ने कुएं के पास खुदाई शुरू कर दी। जेसीबी जितना गड्ढा खोदती, बार-बार मिट्टी दोबारा गड्ढे में गिर जाती है। पूरी रात रुक-रुककर जेसीबी खुदाई करती रही, लेकिन शुक्रवार सुबह 8:00 बजे तक भैंस को निकाला नहीं जा सका। बाद में ग्रामीणों ने विचार-विमर्श कर जिस कुएं में भैंस गिरी थी, उसे बंद कराने का निर्णय लिया। बोरिंग मालिक भी इस पर तैयार हो गए। इसके बाद जेसीबी ने कुएं को बंद कर दिया। जेसीबी चालक का कहना था कि रेतीली मिट्टी होने के कारण गड्ढा खुद नहीं पा रहा था। अनिरुद्घ ने बताया कि कुएं में भैंस गिरने से करीब 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
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थाना क्षेत्र के गांव नगला अनूप निवासी अनिरुद्घ कुमार की भैंस खेतों की ओर चरने के लिए गई थी। शाम करीब 6:00 बजे खेत के पास लगे बोरिंग वाले कुएं में भैंस गिर गई। यह कुआं गांव चिर्रा के सतेंद्र सिंह का है। कुएं में भैंस गिरने की सूचना पर सैकड़ों ग्रामीण पहुंच गए। रात में फर्रुखाबाद से दो जेसीबी मशीनें मंगवाईं गईं। मशीनों ने कुएं के पास खुदाई शुरू कर दी। जेसीबी जितना गड्ढा खोदती, बार-बार मिट्टी दोबारा गड्ढे में गिर जाती है। पूरी रात रुक-रुककर जेसीबी खुदाई करती रही, लेकिन शुक्रवार सुबह 8:00 बजे तक भैंस को निकाला नहीं जा सका। बाद में ग्रामीणों ने विचार-विमर्श कर जिस कुएं में भैंस गिरी थी, उसे बंद कराने का निर्णय लिया। बोरिंग मालिक भी इस पर तैयार हो गए। इसके बाद जेसीबी ने कुएं को बंद कर दिया। जेसीबी चालक का कहना था कि रेतीली मिट्टी होने के कारण गड्ढा खुद नहीं पा रहा था। अनिरुद्घ ने बताया कि कुएं में भैंस गिरने से करीब 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
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