{"_id":"34-154554","slug":"Farrukhabad-154554-34","type":"story","status":"publish","title_hn":"अदालत से जारी प्रपत्र कोतवाली से गायब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अदालत से जारी प्रपत्र कोतवाली से गायब
Farrukhabad
Updated Fri, 11 Oct 2013 05:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। मुकदमों के आरोपियों के खिलाफ अदालत से जारी प्रपत्र तामील होकर वापस नहीं किए गए। उनके गायब होने पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कक्ष संख्या 9 मोहम्मद रफी ने मोहम्मदाबाद कोतवाल को अदालत में जीडी समेत तलब किया है। उनको प्रपत्र गायब होने के संबंध में कोर्ट में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कक्ष संख्या नौ से अपराध संख्या 112/01 राज्य बनाम किशोरी लाल, अपराध संख्या 214/1991 राज्य बनाम पप्पू, अपराध संख्या 219/2006 राज्य बनाम धर्मवीर, अपराध संख्या 285/2007 राज्य बनाम रमेश, अपराध संख्या 712/2009 राज्य बनाम सौरभ, अपराध संख्या 105/1999 राज्य बनाम मंसूर अहमद, अपराध संख्या 172/1985 राज्य बनाम जसकरन, अपराध संख्या 96/2002 राज्य बनाम उमोध, अपराध संख्या 383/2003 राज्य बनाम अशोक कुमार, अपराध संख्या 384/2003 राज्य बनाम अशोक, अपराध संख्या 153/2003 राज्य बनाम राजेंद्र, अपराध संख्या 357/1997 राज्य बनाम करन मुकदमों के आरोपियों के खिलाफ अदालत से प्रपत्र जारी किए गए थे। इन्हें तामील कराने के लिए कोतवाली भेजा गया था। इन मुकदमों के आरोपियों के खिलाफ अदालत से जारी प्रक्रियाएं कोतवाली से वापस अदालत नहीं आई। इससे न्यायालय की कार्रवाई में विलंब हुआ। इस लापरवाही पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कक्ष संख्या नौ मोहम्मद रफी ने मोहम्मदाबाद कोतवाल को नोटिस जारी कर अदालत में तलब किया है। अदालत से जारी नोटिस में कहा गया है कि अदालत से आरोपियों के खिलाफ जारी प्रक्रियाएं वापस नहीं दे कर आरोपियों को अनावश्यक लाभ दिया जा रहा है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद रफी ने मोहम्मदाबाद कोतवाल को 11 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर प्रक्रियाएं किस कारण गायब हुईं, इस संबंध में स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। इसके साथ ही संबंधित जीडी न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कक्ष संख्या नौ से अपराध संख्या 112/01 राज्य बनाम किशोरी लाल, अपराध संख्या 214/1991 राज्य बनाम पप्पू, अपराध संख्या 219/2006 राज्य बनाम धर्मवीर, अपराध संख्या 285/2007 राज्य बनाम रमेश, अपराध संख्या 712/2009 राज्य बनाम सौरभ, अपराध संख्या 105/1999 राज्य बनाम मंसूर अहमद, अपराध संख्या 172/1985 राज्य बनाम जसकरन, अपराध संख्या 96/2002 राज्य बनाम उमोध, अपराध संख्या 383/2003 राज्य बनाम अशोक कुमार, अपराध संख्या 384/2003 राज्य बनाम अशोक, अपराध संख्या 153/2003 राज्य बनाम राजेंद्र, अपराध संख्या 357/1997 राज्य बनाम करन मुकदमों के आरोपियों के खिलाफ अदालत से प्रपत्र जारी किए गए थे। इन्हें तामील कराने के लिए कोतवाली भेजा गया था। इन मुकदमों के आरोपियों के खिलाफ अदालत से जारी प्रक्रियाएं कोतवाली से वापस अदालत नहीं आई। इससे न्यायालय की कार्रवाई में विलंब हुआ। इस लापरवाही पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कक्ष संख्या नौ मोहम्मद रफी ने मोहम्मदाबाद कोतवाल को नोटिस जारी कर अदालत में तलब किया है। अदालत से जारी नोटिस में कहा गया है कि अदालत से आरोपियों के खिलाफ जारी प्रक्रियाएं वापस नहीं दे कर आरोपियों को अनावश्यक लाभ दिया जा रहा है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद रफी ने मोहम्मदाबाद कोतवाल को 11 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर प्रक्रियाएं किस कारण गायब हुईं, इस संबंध में स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। इसके साथ ही संबंधित जीडी न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन