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96.73 लाख के विद्युत राजस्व घपले में
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फर्रुखाबाद। कायमगंज डिवीजन में कस्बे के 96 कनेक्शनों पर मीटर बदलने के बजाय कंप्यूटर फीडिंग में हेराफेरी कर 14.72 लाख यूनिट रीडिंग का खेल किया गया है। लखनऊ मुख्यालय में कायमगंज का 96.73 लाख रुपये राजस्व क्षति का मामला पकड़ा गया। वाणिज्य निदेशक के जवाब मांगने पर 7.82 लाख राजस्व निर्धारण कर पूरा प्रकरण निस्तारण होने की रिपोर्ट सौंप दी गई।
जिला मुख्यालय से करीब 35 किमी दूर स्थित विद्युत वितरण निगम के कायमगंज डिवीजन में बड़े भार के कनेक्शनों में बिना मीटर बदले ही कंप्यूटर फीडिंग में हेराफेरी कर नया मीटर नंबर इजाद कर लाखों यूनिट रीडिंग का खेल कर दिया गया। यूपीपीसीएल के लखनऊ स्थित मुख्यालय में अधिकारियों ने मामला पकड़ लिया। इस पर वाणिज्य निदेशक ने कायमगंज टाउन के बड़े भार वाले 86 कनेक्शनों में 14 लाख 72 हजार 366 यूनिट रीडिंग कम दिखाकर विभाग को 96 लाख 73 हजार 298 रुपये का नुकसान पहुंचाने का पत्र जारी किया। इसी के बाद अधिकारियों में खलबली मच गई। मामले की जांच एसडीओ कायमगंज दिलीप गंगवार को सौंपी गई। उन्होंने फिलहाल 7 लाख 82 हजार 141 रुपये राजस्व निर्धारण कर उपभोक्ताओं के बिलों में जोड़ दिया और पूरे मामले को निपटा दिया।
इनसेट
एसडीओ ने सौंपी जांच रिपोर्ट
एसडीओ दिलीप गंगवार ने जांच के बाद अधिशासी अभियंता को रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें कहा कि जांच में 86 कनेक्शन चेक करने में 9 किलोवाट या इससे कम भार के 61 उपभोक्ता पाए गए। इसमें एक लाख 202 यूनिट रीडिंग का हेरफेर मिलने से 8,06,270 रुपये विभागीय राजस्व क्षति होने का अनुमान है। इसमें आपरेटरों द्वारा अवर अभियंता की आईडी इस्तेमाल कर मीटर सीलिंग दो बार फीड की गई। इसमें रीडिंग भी कम दिखाई गई है। उन्होंने सभी 61 उपभोक्ताओं के बिल में 7,82,141 रुपये राजस्व निर्धारण जोड़ दिया है। इसमें 5,29,116 रुपये विभाग में जमा भी कर दिया गया। जबकि 10 किलोवाट से अधिक भार वाले 25 कनेक्शन पाए गए हैं। इनकी एमआरआई से बिल बनाने के लिए लोड बढ़ाया गया है। इसके लिए ही मीटर सीलिंग दो बार फीड की गई। इससे केडब्ल्यूएच (किलो वाट प्रति घंटा) को केवीएएच (किलो वोल्ट एंपियर प्रति घंटा) में परिवर्तित किया जा सके। उपभोक्ताओं द्वारा मीटर पर दिए गए यूनिटों का भुगतान कर दिए जाने से कोई राजस्व की हानि नहीं हुई है।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
जांच अधिकारी एसडीओ दिलीप गंगवार ने बताया कि 10 किलोवाट से अधिक भार वाले 25 कनेक्शनों में राजस्व की क्षति पहुंचाए जाने का मामला नहीं मिला। जबकि 61 कनेक्शनों में रीडिंग का हेरफेर मिलने पर यह धनराशि यूनिट के हिसाब से उपभोक्ताओं के बिल में जोड़ दी गई है। इसमें 80 फीसदी वसूली भी हो गई। उन्होंने अवर अभियंता द्वारा आपरेटरों के खिलाफ दी गई कोतवाली में तहरीर के साथ जांच रिपोर्ट अधिशासी अभियंता को सौंप दी।
मुख्य अभियंता ने फिर कसा शिकंजा
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के कानपुर मंडल के मुख्य अभियंता एसके गुप्ता ने अधिशासी अभियंता ग्रामीण व कायमगंज को पत्र जारी किया। इसमें राजस्व क्षति पहुंचाने वाले कर्मचारी व अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई कर अवगत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समान मीटर रिप्लेसमेंट कर 4000 से अधिक यूनिटों का हेरफेर किया गया है। इसमें अधिकारियों व कर्मचारियों की संलिप्तता प्रतीत होती है। उन्होंने अधीक्षण अभियंता को प्रकरण को गंभीरता से सख्ती बरतने के आदेश दिए।
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जिला मुख्यालय से करीब 35 किमी दूर स्थित विद्युत वितरण निगम के कायमगंज डिवीजन में बड़े भार के कनेक्शनों में बिना मीटर बदले ही कंप्यूटर फीडिंग में हेराफेरी कर नया मीटर नंबर इजाद कर लाखों यूनिट रीडिंग का खेल कर दिया गया। यूपीपीसीएल के लखनऊ स्थित मुख्यालय में अधिकारियों ने मामला पकड़ लिया। इस पर वाणिज्य निदेशक ने कायमगंज टाउन के बड़े भार वाले 86 कनेक्शनों में 14 लाख 72 हजार 366 यूनिट रीडिंग कम दिखाकर विभाग को 96 लाख 73 हजार 298 रुपये का नुकसान पहुंचाने का पत्र जारी किया। इसी के बाद अधिकारियों में खलबली मच गई। मामले की जांच एसडीओ कायमगंज दिलीप गंगवार को सौंपी गई। उन्होंने फिलहाल 7 लाख 82 हजार 141 रुपये राजस्व निर्धारण कर उपभोक्ताओं के बिलों में जोड़ दिया और पूरे मामले को निपटा दिया।
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एसडीओ ने सौंपी जांच रिपोर्ट
एसडीओ दिलीप गंगवार ने जांच के बाद अधिशासी अभियंता को रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें कहा कि जांच में 86 कनेक्शन चेक करने में 9 किलोवाट या इससे कम भार के 61 उपभोक्ता पाए गए। इसमें एक लाख 202 यूनिट रीडिंग का हेरफेर मिलने से 8,06,270 रुपये विभागीय राजस्व क्षति होने का अनुमान है। इसमें आपरेटरों द्वारा अवर अभियंता की आईडी इस्तेमाल कर मीटर सीलिंग दो बार फीड की गई। इसमें रीडिंग भी कम दिखाई गई है। उन्होंने सभी 61 उपभोक्ताओं के बिल में 7,82,141 रुपये राजस्व निर्धारण जोड़ दिया है। इसमें 5,29,116 रुपये विभाग में जमा भी कर दिया गया। जबकि 10 किलोवाट से अधिक भार वाले 25 कनेक्शन पाए गए हैं। इनकी एमआरआई से बिल बनाने के लिए लोड बढ़ाया गया है। इसके लिए ही मीटर सीलिंग दो बार फीड की गई। इससे केडब्ल्यूएच (किलो वाट प्रति घंटा) को केवीएएच (किलो वोल्ट एंपियर प्रति घंटा) में परिवर्तित किया जा सके। उपभोक्ताओं द्वारा मीटर पर दिए गए यूनिटों का भुगतान कर दिए जाने से कोई राजस्व की हानि नहीं हुई है।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
जांच अधिकारी एसडीओ दिलीप गंगवार ने बताया कि 10 किलोवाट से अधिक भार वाले 25 कनेक्शनों में राजस्व की क्षति पहुंचाए जाने का मामला नहीं मिला। जबकि 61 कनेक्शनों में रीडिंग का हेरफेर मिलने पर यह धनराशि यूनिट के हिसाब से उपभोक्ताओं के बिल में जोड़ दी गई है। इसमें 80 फीसदी वसूली भी हो गई। उन्होंने अवर अभियंता द्वारा आपरेटरों के खिलाफ दी गई कोतवाली में तहरीर के साथ जांच रिपोर्ट अधिशासी अभियंता को सौंप दी।
मुख्य अभियंता ने फिर कसा शिकंजा
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के कानपुर मंडल के मुख्य अभियंता एसके गुप्ता ने अधिशासी अभियंता ग्रामीण व कायमगंज को पत्र जारी किया। इसमें राजस्व क्षति पहुंचाने वाले कर्मचारी व अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई कर अवगत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समान मीटर रिप्लेसमेंट कर 4000 से अधिक यूनिटों का हेरफेर किया गया है। इसमें अधिकारियों व कर्मचारियों की संलिप्तता प्रतीत होती है। उन्होंने अधीक्षण अभियंता को प्रकरण को गंभीरता से सख्ती बरतने के आदेश दिए।