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पांच वकीलों को डिबार करने के विरोध में कार्य से रहे विरत
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फर्रुखाबाद। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, महासचिव समेत पांच वकीलों के डिबार किए जाने के विरोध में वकीलों ने सोमवार को अदालतों में न्यायिक कार्य नहीं किया। बार एसोसिएशन के पदों पर माडल बायलॉज से चुनाव नहीं कराया गया था।
चुनाव के दौरान बार कौंसिल से आए आदेशों की अवहेलना करने का आरोप लगाकर बार कौंसिल के विशेष अनुशासन समिति ने शिकायत पर सुनवाई के बाद जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव, महासचिव संजीव पारिया, चुनाव समिति के सदस्य डॉ. अनुपम दुबे, शिव प्रताप सिंह और दीपक द्विवेदी को दस साल के लिए डिबार कर दिया है। बार कौंसिल की विशेष अनुशासन समिति के इस आदेश के खिलाफ सोमवार को बार एसोसिएशन में उपाध्यक्ष मनोज कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया।
संयुक्त सचिव राजेंद्र यादव ने बताया कि अध्यक्ष, महासचिव समेत पांच वकीलों को डिबार किए जाने के विरोध में वकील सोमवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे। उन्होंने अदालतों में काम नहीं किया। ब्यूरो
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चुनाव के दौरान बार कौंसिल से आए आदेशों की अवहेलना करने का आरोप लगाकर बार कौंसिल के विशेष अनुशासन समिति ने शिकायत पर सुनवाई के बाद जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव, महासचिव संजीव पारिया, चुनाव समिति के सदस्य डॉ. अनुपम दुबे, शिव प्रताप सिंह और दीपक द्विवेदी को दस साल के लिए डिबार कर दिया है। बार कौंसिल की विशेष अनुशासन समिति के इस आदेश के खिलाफ सोमवार को बार एसोसिएशन में उपाध्यक्ष मनोज कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया।
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संयुक्त सचिव राजेंद्र यादव ने बताया कि अध्यक्ष, महासचिव समेत पांच वकीलों को डिबार किए जाने के विरोध में वकील सोमवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे। उन्होंने अदालतों में काम नहीं किया। ब्यूरो
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