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Farrukhabad News: बिना फायर एनओसी चल रहे 90 फीसदी निजी अस्पताल

Tue, 07 Oct 2025 12:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद Updated Tue, 07 Oct 2025 12:34 AM IST
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90% of private hospitals are running without fire NOC
फोटो-16,लोहिया अस्पताल रोड पर संचालित निजी नर्सिंग होम।संवाद
फर्रुखाबाद। जनपद में अधूरे मानकों पर चल रहे 90 फीसदी निजी अस्पतालों के पास फायर एनओसी नहीं है। अधिकांश अस्पतालों में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं हैं।
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संकरी गलियों में फायर ब्रिगेड पहुंचना मुश्किल होगा। ऐसे में आपातकालीन द्वार न होने और बेसमेंट में मरीज भर्ती होने से आग लगने पर बड़ा हादसा हो सकता है।
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जयपुर स्थित एक निजी अस्पताल के आईसीयू में आग लगने से सात मरीजों के जिंदा जलने का मामला सामने आया है। इस घटना से स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन को सबक लेने की जरूरत है। जनपद में 170 से अधिक निजी अस्पताल संचालित हैं।
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90 फीसदी संचालकों के पास अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं है। अस्पताल में मरीजों के आने-जाने का एक ही रास्ता है। जबकि मानक के अनुसार निकास द्वार दूसरा होना चाहिए। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग लाइसेंस जारी कर रहा है।
खास बात तो यह है कि कई निजी अस्पताल संकरी गलियों में चल रहे हैं। उनमें आग बुझाने के न तो पर्याप्त इंतजाम हैं और न ही फायर ब्रिगेड पहुंचने का रास्ता। किराये के भवन व घरों में चल रहे ऐसे निजी अस्पतालों में आग लगनेे पर मरीजों के साथ तीमारदारों की जान भी खतरे में है। ऐसे अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग भी कार्रवाई से कतरा रहा है।



शपथपत्र पर मानक पूरे
स्वास्थ्य विभाग से निजी अस्पताल व नर्सिंगहोम का लाइसेंस जारी करने या नवीनीकरण के दौरान संचालक से शपथपत्र ले लिया जाता है। इसमें लिखा होता है कि उनके अस्पताल में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम हैं और अग्निशमन विभाग से एनओसी लेने की प्रक्रिया चल रही है। आग लगने की स्थिति में अनहोनी होने पर संचालक स्वयं जिम्मेदार होंगे। इससे अधिकारियों को बचने का रास्ता मिल जाता है और लाइसेंस जारी कर दिया जाता है।

मात्र 10 निजी अस्पतालों के पास एनओसी
निजी अस्पताल पंजीकरण के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम के अनुसार 15 मीटर ऊंचे भवन में संचालित अस्पतालों को अग्निशमन विभाग से एनओसी लेना जरूरी है। हालांकि जिले में इतनी ऊंचाई के भवन बेहद कम हैं।

ऊंचे भवन वाले 10 निजी अस्पतालों ने फायर एनओसी ले रखी है। कुछ की प्रक्रियाधीन है। शेष संचालकों ने आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम होने का शपथपत्र दिया है। इनमें निरीक्षण के दौरान आग बुझाने वाले सिलिंडर लगे मिले। बेसमेंट में आईसीयू, ओटी का संचालन व मरीज भर्ती करने पर प्रतिबंध है। बेसमेंट में कोई गतिविधियां चलते पाए जाने पर संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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