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फर्रुखाबादः 1002 किसानों से नहीं हो सकी 78 लाख की रिकवरी
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फर्रुखाबाद। इनकम टैक्स देने वाले जिले के 1002 किसानों से अभी तक सम्मान सम्मान निधि के 78 लाख रुपये वसूले नहीं जा सके हैं। जून में उप कृषि निदेशक कार्यालय से नोटिस जारी किए गए थे। इनमें 86 किसानों ने करीब आठ लाख रुपये वापस किए हैं।
शासन से हुई समीक्षा के बाद जिले के 1088 किसान इनकम टैक्स देने के बावजूद सम्मान निधि लेते मिले थे। इनकी सूची जारी कर उनसे अभी तक ली गई धनराशि की वसूली करने के आदेश दिए थे। इनके खातों में सम्मान निधि के 86 लाख रुपये भेजे जा चुके थे।
शासन के आदेश पर लकूला स्थित उप कृषि निदेशक कार्यालय से इन किसानों को रिकवरी के लिए जून में नोटिस जारी किए गए। करीब दो माह बीत चुके हैं और अभी तक 86 किसानों ने ही सम्मान निधि के आठ लाख छह हजार रुपये वापस किए हैं। जबकि 1002 किसानों से करीब 78 लाख रुपये की वसूली नहीं होनी बाकी है।
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जिला कृषि अधिकारी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि कुछ किसानों ने नोटिस का जवाब दिया है। इसमें कहा है कि वह इनकम टैक्स की फाइल तो दाखिल करते हैं, लेकिन इनकम टैक्स देने के दायरे में नहीं हैं। लेखपालों से सत्यापन भी कराया जा रहा है। इनकम टैक्स देने वाले सभी किसानों से वसूली की अग्रिम कार्रवाई भी की जाएगी।
71 हजार किसानों की सम्मान निधि पर संकट
जनपद में दो लाख 19 हजार 336 किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। इस वित्तीय वर्ष में ई-केवाईसी की फीडिंग के बाद ही सम्मान निधि की किस्त भेजने के निर्देश थे। जून तक फीडिंग काफी कम होने से सभी किसानों को किस्त के दो-दो हजार रुपये खाते में भेज दिए गए। अब दूसरी किस्त ई-केवाईसी की फीडिंग होने के बाद ही जारी की जाएगी। फीडिंग की अंतिम तिथि 31 जुलाई भी निकल चुकी है।
अभी तिथि बढ़ने का कोई आदेश भी नहीं आया है। जिले के एक लाख 48 हजार किसानों की ही ई-केवाईसी फीड हो सकी है। यदि फीडिंग की तिथि न बढ़ी तो 71 हजार से अधिक किसानों की सम्मान निधि पर संकट आ सकता है। जिला कृषि अधिकारी बीके सिंह ने बताया कि ई-केवाईसी फीडिंग की तिथि बढ़ने का अभी तक कोई आदेश नहीं मिला है। अगली किस्त भेजने का निर्णय शासन से ही लिया जाएगा।
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शासन से हुई समीक्षा के बाद जिले के 1088 किसान इनकम टैक्स देने के बावजूद सम्मान निधि लेते मिले थे। इनकी सूची जारी कर उनसे अभी तक ली गई धनराशि की वसूली करने के आदेश दिए थे। इनके खातों में सम्मान निधि के 86 लाख रुपये भेजे जा चुके थे।
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शासन के आदेश पर लकूला स्थित उप कृषि निदेशक कार्यालय से इन किसानों को रिकवरी के लिए जून में नोटिस जारी किए गए। करीब दो माह बीत चुके हैं और अभी तक 86 किसानों ने ही सम्मान निधि के आठ लाख छह हजार रुपये वापस किए हैं। जबकि 1002 किसानों से करीब 78 लाख रुपये की वसूली नहीं होनी बाकी है।
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जिला कृषि अधिकारी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि कुछ किसानों ने नोटिस का जवाब दिया है। इसमें कहा है कि वह इनकम टैक्स की फाइल तो दाखिल करते हैं, लेकिन इनकम टैक्स देने के दायरे में नहीं हैं। लेखपालों से सत्यापन भी कराया जा रहा है। इनकम टैक्स देने वाले सभी किसानों से वसूली की अग्रिम कार्रवाई भी की जाएगी।
71 हजार किसानों की सम्मान निधि पर संकट
जनपद में दो लाख 19 हजार 336 किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। इस वित्तीय वर्ष में ई-केवाईसी की फीडिंग के बाद ही सम्मान निधि की किस्त भेजने के निर्देश थे। जून तक फीडिंग काफी कम होने से सभी किसानों को किस्त के दो-दो हजार रुपये खाते में भेज दिए गए। अब दूसरी किस्त ई-केवाईसी की फीडिंग होने के बाद ही जारी की जाएगी। फीडिंग की अंतिम तिथि 31 जुलाई भी निकल चुकी है।
अभी तिथि बढ़ने का कोई आदेश भी नहीं आया है। जिले के एक लाख 48 हजार किसानों की ही ई-केवाईसी फीड हो सकी है। यदि फीडिंग की तिथि न बढ़ी तो 71 हजार से अधिक किसानों की सम्मान निधि पर संकट आ सकता है। जिला कृषि अधिकारी बीके सिंह ने बताया कि ई-केवाईसी फीडिंग की तिथि बढ़ने का अभी तक कोई आदेश नहीं मिला है। अगली किस्त भेजने का निर्णय शासन से ही लिया जाएगा।