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गबन छिपाने को काम पूरा कराने के विरोध में धरना
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फर्रुखाबाद। कमालगंज ब्लाक की ग्राम पंचायत गदनपुर देवराजपुर में कराए गए विकास कार्यों में गबन की पुष्टि के बाद प्रधान के अधिकार सीज हो चुके हैं। अब गबन छिपाने के लिए घपले वाले काम पूरे कराए जा रहे हैं। इसके विरोध में ग्रामीणों ने गुरुवार को विकास भवन पहुंचकर धरना देते हुए जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने 60 लाख का गबन होने के साथ अधिकारियों पर भी बंदरबांट का आरोप लगाया। सीडीओ के न मिलने पर 5 अगस्त को धरना प्रदर्शन कर सीडीओ व डीपीआरओ कार्यालय में तालाबंदी का नोटिस भी चस्पा किया।
ग्राम पंचायत गदनपुर देवराजपुर के करीब आधा सैकड़ा से अधिक महिलाएं व ग्रामीण सर्वोदय मंडल नेता लक्ष्मण सिंह के नेतृत्व में सुबह विकास भवन ज्ञापन देने पहुंचे। वहां मुख्य विकास अधिकारी मौजूद नहीं थे। इस पर ग्रामीण धरना देकर परिसर में ही बैठ गए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत में 60 लाख का गबन किया गया है। शौचालय निर्माण, सोलर व स्ट्रीट लाइट लगवाने, नाली निर्माण, खड़ंजा, मनरेगा, कूड़ादान, हैंडपंप मरम्मत, स्टेशनरी खरीद, प्रधानमंत्री आवास में सरकारी धन के गबन की शिकायत 2018 में जिलाधिकारी से की गई थी। इस पर डीएम ने समिति गठित कर जांच कराई। समिति द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में ग्राम विकास अधिकारी हरिश्चंद्र बाथम द्वारा कोई भी अभिलेख कार्यालय में उपलब्ध नहीं कराए गए और 24 लाख 76 हजार 434 रुपये की लागत की सीसी रोड मौके पर नहीं मिली। इसके साथ ही 11 लाख 69 हजार 928 रुपये सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि की गई। प्रधान वीकेश कुमार को नोटिस भेजा गया तो उसने स्पष्टीकरण भी नहीं दिया। इसके बाद प्रधान के अधिकार सीज करने के साथ तीन सदस्यीय बृजपाल, सीमा व असद अमीन की समिति गठित कर दी गई। आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलीभगत के चलते सचिव पर आंच नहीं आने दी। अधिकारियों पर बंदरबांट का भी आरोप लगाया गया।
प्रधान के कार्य पर डीएम ने लगाई थी रोक
जांच में गबन की पुष्टि होने पर गदनपुर निवासी दिनेश कुमार ने 26 जुलाई को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था। इस पर जिलाधिकारी ने डीपीआरओ को प्रधान द्वारा काम कराने पर रोक लगाने के साथ समिति द्वारा काम कराने के आदेश दिए थे। गांव के विनोद कुमार, प्रेमचंद्र, ब्रह्मपाल, रामदीप, रामगोपाल, महेंद्र, निर्दोष, सर्वेश, रामप्रवेश, विजय कुमार, अवनेश, राहुल, रंजीत सिंह, बल्लू, धर्मपाल, आकाश बैजंती, बाबूराम आदि का आरोप है कि जिन कार्यों की जांच में गबन की पुष्टि हुई है। अधिकारियों की शह पर प्रधान द्वारा वही कार्य पूरे कराने का प्रयास किया जा रहा है। पंचायत भवन की मरम्मत व छूटे हुए कार्य पूरे कराए जा रहे हैं। जबकि समिति द्वारा कोई काम नहीं कराया जा रहा।
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कोट
क्या कहते हैं जिम्मेदार
जिला पंचायत राज अधिकारी अमित कुमार त्यागी ने बताया कि समिति का खाता खुल चुका है। कार्ययोजना में शामिल कार्य समिति को कराने का पूरा अधिकार है। गबन की पुष्टि होने के बाद पुराने कार्य नहीं कराए जाने चाहिए। यदि वह कार्य पूरे कराए जा रहे हैं तो भी समिति की ही जिम्मेदारी होगी। इसकी जांच कराई जाएगी।
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ग्राम पंचायत गदनपुर देवराजपुर के करीब आधा सैकड़ा से अधिक महिलाएं व ग्रामीण सर्वोदय मंडल नेता लक्ष्मण सिंह के नेतृत्व में सुबह विकास भवन ज्ञापन देने पहुंचे। वहां मुख्य विकास अधिकारी मौजूद नहीं थे। इस पर ग्रामीण धरना देकर परिसर में ही बैठ गए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत में 60 लाख का गबन किया गया है। शौचालय निर्माण, सोलर व स्ट्रीट लाइट लगवाने, नाली निर्माण, खड़ंजा, मनरेगा, कूड़ादान, हैंडपंप मरम्मत, स्टेशनरी खरीद, प्रधानमंत्री आवास में सरकारी धन के गबन की शिकायत 2018 में जिलाधिकारी से की गई थी। इस पर डीएम ने समिति गठित कर जांच कराई। समिति द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में ग्राम विकास अधिकारी हरिश्चंद्र बाथम द्वारा कोई भी अभिलेख कार्यालय में उपलब्ध नहीं कराए गए और 24 लाख 76 हजार 434 रुपये की लागत की सीसी रोड मौके पर नहीं मिली। इसके साथ ही 11 लाख 69 हजार 928 रुपये सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि की गई। प्रधान वीकेश कुमार को नोटिस भेजा गया तो उसने स्पष्टीकरण भी नहीं दिया। इसके बाद प्रधान के अधिकार सीज करने के साथ तीन सदस्यीय बृजपाल, सीमा व असद अमीन की समिति गठित कर दी गई। आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलीभगत के चलते सचिव पर आंच नहीं आने दी। अधिकारियों पर बंदरबांट का भी आरोप लगाया गया।
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प्रधान के कार्य पर डीएम ने लगाई थी रोक
जांच में गबन की पुष्टि होने पर गदनपुर निवासी दिनेश कुमार ने 26 जुलाई को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था। इस पर जिलाधिकारी ने डीपीआरओ को प्रधान द्वारा काम कराने पर रोक लगाने के साथ समिति द्वारा काम कराने के आदेश दिए थे। गांव के विनोद कुमार, प्रेमचंद्र, ब्रह्मपाल, रामदीप, रामगोपाल, महेंद्र, निर्दोष, सर्वेश, रामप्रवेश, विजय कुमार, अवनेश, राहुल, रंजीत सिंह, बल्लू, धर्मपाल, आकाश बैजंती, बाबूराम आदि का आरोप है कि जिन कार्यों की जांच में गबन की पुष्टि हुई है। अधिकारियों की शह पर प्रधान द्वारा वही कार्य पूरे कराने का प्रयास किया जा रहा है। पंचायत भवन की मरम्मत व छूटे हुए कार्य पूरे कराए जा रहे हैं। जबकि समिति द्वारा कोई काम नहीं कराया जा रहा।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
जिला पंचायत राज अधिकारी अमित कुमार त्यागी ने बताया कि समिति का खाता खुल चुका है। कार्ययोजना में शामिल कार्य समिति को कराने का पूरा अधिकार है। गबन की पुष्टि होने के बाद पुराने कार्य नहीं कराए जाने चाहिए। यदि वह कार्य पूरे कराए जा रहे हैं तो भी समिति की ही जिम्मेदारी होगी। इसकी जांच कराई जाएगी।