फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   360 bags of DAP, which arrived after an eight-day wait, were cleared in just four hours; the society is empty once again.

Farrukhabad News: आठ दिन बाद पहुंची 360 बोरी डीएपी चार घंटे में साफ, समिति फिर खाली

Sun, 18 Oct 2026 01:38 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2026 01:38 AM IST
विज्ञापन
360 bags of DAP, which arrived after an eight-day wait, were cleared in just four hours; the society is empty once again.
फर्रुखाबाद। डीएपी की रैक आने के बाद सीधे सहकारी समितियों पर भेजी जा रही है। शनिवार को मोहम्मदाबाद क्षेत्र की सहकारी समिति सकवाई में 360 बोरी डीएपी पहुंची। किसानों की भीड़ से चार घंटे में डीएपी बंटने से समिति फिर खाली हो गई। वहीं मोहम्मदाबाद समिति पर डीएपी न पहुंचने से किसान चक्कर लगाने के बाद मायूस होकर लौटते रहे। अधिकांश समितियों पर अभी डीएपी नहीं पहुंच सकी है। इससे किसान बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन


सहकारी समितियों पर खाद की किल्लत से किसानों को फसल बोआई के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को 2500 मीट्रिक टन डीएपी की रैक आई तो रैक प्वाइंट से सीधे समितियों पर भेजने का काम शुरू कर दिया गया। बताया जा रहा है कि डीएपी ढुलाई के लिए पर्याप्त वाहन व पल्लेदार न होने से समितियों पर देरी से खाद पहुंच रही है। इससे शनिवार को भी अधिकांश समितियां डीएपी से खाली रहीं।
विज्ञापन

मोहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार सहकारी समिति मोहम्मदाबाद में सचिव संदीप यादव ने बताया डीएपी का स्टॉक नहीं आया है। रात तक डीएपी आने की उम्मीद है। यूरिया 302 बोरी स्टॉक में मौजूद है। डीएपी आने पर वितरित की जाएगी। वहीं सहकारी समिति सकवाई में आठ दिन बाद शुक्रवार शाम 360 बोरी डीएपी पहुंची। इससे शनिवार को वितरण की जानकारी मिलते ही किसानों की भीड़ लग गई। चार घंटे में ही 360 बोरी डीएपी व 100 बोरी एनपीके खाद बंट गई। इससे समिति फिर डीएपी से खाली हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

सचिव बृजभान ने बताया कि डीएपी का आर्डर भेजा है। जल्द ही डीएपी आने पर वितरित की जाएगी। एआर कोऑपरेटिव अजय पालीवाल ने बताया कि सभी समितियों पर डीएपी भेजी जा रही है। कितनी समितियों पर डीएपी उपलब्ध है, के सवाल पर बोले कि आवंटन सूची पर अभी वरिष्ठ अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं हुए हैं।
जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि 2500 मीट्रिक टन डीएपी आने के बाद 1700 मीट्रिक टन डीएपी की दूसरी रैक भी आ रही है। 40 समितियों पर डीएपी भेजी है। शीघ्र ही सभी समितियों पर डीएपी भेजकर किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। समितियों पर डीएपी वितरण पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।

-------
डीएपी की किल्लत से किसान परेशान, महंगी एनपीके खरीदने को मजबूर
फोटो-19 इफको केंद्र पर खाद निकालते श्रमिक। संवाद
- आलू-सरसों की बोआई को लेकर किसान चिंतित

कायमगंज। सहकारी समितियों व इफको केंद्र पर डीएपी की किल्लत से किसान परेशान हैं। जरूरतमंद किसानों को महंगी एनपीके खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि समय पर डीएपी नहीं मिली तो आलू व सरसों की बोआई में देरी होगी।

शनिवार को सहकारी समिति कायमगंज दक्षिणी में डीएपी नहीं थी। समिति के सचिव रोहित राज ने बताया कि तीन दिन से डीएपी नहीं है। 300 बोरी का मांगपत्र भेजा गया है। एनपीके व यूरिया उपलब्ध है। डीएपी की बोरी 1350 रुपये की है, जबकि एनपीके 1900 रुपये में मिल रही है। कीमत में अंतर होने से किसान डीएपी की अधिक मांग कर रहे हैं। सहकारी समिति उत्तरी के सचिव दीपू ने बताया कि शुक्रवार को डीएपी का स्टॉक खत्म हो गया था। शनिवार शाम 360 बोरी खाद आई है। इफको केंद्र पर भी डीएपी की कमी बनी हुई है। केंद्र प्रभारी सुधीर राजपूत ने बताया कि डीएपी की 400 बोरी जल्द ही आने की उम्मीद है। फिलहाल पांच दिन से डीएपी नहीं है।


किसानों ने बयां किया दर्द
फोटो -20 बृजकिशोर।
गांव नगला धनी निवासी बृजकिशोर ने बताया कि डीएपी लेने के लिए लाइन में लगे थे। बोआई में देरी से बचने के लिए मजबूरी में महंगी एनपीके खरीदनी पड़ेगी।
फोटो-21 रामनिवास।
गांव अताईपुर निवासी रामनिवास ने कहा कि खाद की किल्लत से छोटे किसानों को अधिक परेशानी हो रही है। बड़े किसान पहले ही खाद का इंतजाम कर लेते हैं, जबकि छोटे किसानों को जरूरत के समय केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed