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Farrukhabad News: डेढ़ घंटे बुखार के इलाज में 23,700 रुपये खर्च, साढ़े चार घंटे बाद दिया शव
Mon, 10 Nov 2025 12:47 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Mon, 10 Nov 2025 12:47 AM IST
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फोटो-29 निजी अस्पताल में परिजनों से बातचीत करती पुलिस। संवाद
फर्रुखाबाद। शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती बुखार से पीड़ित मरीज की डेढ़ घंटे में ही मौत हो गई। जांचों और दवाओं में 12 हजार रुपये खर्च हुए। परिजनों ने शव देने की बात कही तो 11.700 रुपये का बिल और थमा दिया।
आरोप है कि परिजनों ने गरीबी का हवाला दिया तो स्टाफ ने परिजनों को सबक सिखाने की धमकी दी। परिजनों की शिकायत पर पहुंची पुलिस ने पंचायत की। परिजनों ने रिश्तेदारों से रुपये मांगकर जमा कराए, करीब साढ़े चार घंटे बाद शव परिजनों को मिल सका।
शाहजहांपुर जिले के थाना कलान क्षेत्र के गांव नयागांव निवासी ब्रजेश यादव ने बुखार से पीड़ित अपने पिता रिषीपाल यादव (70) को शनिवार सुबह नौ बजे आवास विकास तिराहा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों ने दो हजार रुपये जमा कर दिए। इसके बाद उसकी जांचों और दवाओं का खर्च परिजनों से कराया गया। साढ़े दस बजे के करीब रिषीपाल की मौत हो गई।
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परिजनों ने जब अस्पताल प्रशासन से शव देने की बात कही तो उन्हें 11,700 रुपये का बिल थमा दिया गया। परिजनों ने कहा कि 12 हजार को दवा और जांचों में खर्च हो गए। 23700 रुपये खर्च करने में वह लोग असमर्थ हैं।
अस्पताल के काउंटर पर ब्रजेश से कहा कि दो हजार रुपये जमा हैं, लिहाजा 9,700 रुपये जमा करो। इस पर जमकर विवाद हुआ। ब्रजेश और उनके पड़ोस के ही अवनीश ने बताया कि जिस डॉक्टर ने भर्ती किया था, उन्होंने कम खर्च होने की बात कही थी। अब उनके पास इतने पैसे नहीं हैं। इसी दौरान अस्पताल कर्मी ने उन्हें सबक सिखाने की धमकी दी। इस पर ब्रजेश ने पुलिस को सूचना दे दी।
कादरीगेट थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर करीब एक घंटे बातचीत की। परिजनों ने रिश्तेदारों से पांच हजार रुपये मंगवाकर अस्पताल में जमा किए। तब साढ़े चार घंटे बाद परिजनों को वृद्ध का शव मिल सका। प्रभारी थानाध्यक्ष अवधेश कुमार ने बताया कि इलाज का मामला था। मौके पर दरोगा ने कम रुपये करवाकर शव दिलवा दिया था।
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आरोप है कि परिजनों ने गरीबी का हवाला दिया तो स्टाफ ने परिजनों को सबक सिखाने की धमकी दी। परिजनों की शिकायत पर पहुंची पुलिस ने पंचायत की। परिजनों ने रिश्तेदारों से रुपये मांगकर जमा कराए, करीब साढ़े चार घंटे बाद शव परिजनों को मिल सका।
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शाहजहांपुर जिले के थाना कलान क्षेत्र के गांव नयागांव निवासी ब्रजेश यादव ने बुखार से पीड़ित अपने पिता रिषीपाल यादव (70) को शनिवार सुबह नौ बजे आवास विकास तिराहा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों ने दो हजार रुपये जमा कर दिए। इसके बाद उसकी जांचों और दवाओं का खर्च परिजनों से कराया गया। साढ़े दस बजे के करीब रिषीपाल की मौत हो गई।
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परिजनों ने जब अस्पताल प्रशासन से शव देने की बात कही तो उन्हें 11,700 रुपये का बिल थमा दिया गया। परिजनों ने कहा कि 12 हजार को दवा और जांचों में खर्च हो गए। 23700 रुपये खर्च करने में वह लोग असमर्थ हैं।
अस्पताल के काउंटर पर ब्रजेश से कहा कि दो हजार रुपये जमा हैं, लिहाजा 9,700 रुपये जमा करो। इस पर जमकर विवाद हुआ। ब्रजेश और उनके पड़ोस के ही अवनीश ने बताया कि जिस डॉक्टर ने भर्ती किया था, उन्होंने कम खर्च होने की बात कही थी। अब उनके पास इतने पैसे नहीं हैं। इसी दौरान अस्पताल कर्मी ने उन्हें सबक सिखाने की धमकी दी। इस पर ब्रजेश ने पुलिस को सूचना दे दी।
कादरीगेट थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर करीब एक घंटे बातचीत की। परिजनों ने रिश्तेदारों से पांच हजार रुपये मंगवाकर अस्पताल में जमा किए। तब साढ़े चार घंटे बाद परिजनों को वृद्ध का शव मिल सका। प्रभारी थानाध्यक्ष अवधेश कुमार ने बताया कि इलाज का मामला था। मौके पर दरोगा ने कम रुपये करवाकर शव दिलवा दिया था।