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बाढ़ग्रस्त 20 गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूटा, दिक्कतें बढ़ी

Sat, 24 Aug 2019 10:33 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 24 Aug 2019 10:33 PM IST
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20 flood-hit villages lost contact with headquarters
गांव इमादपुर सोमवंशी के स्कूल के बच्चे बाढ़ के पानी से गुजरकर जाते। - फोटो : FARRUKHABAD
गंगा व रामगंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ग्रस्त 20 गांवों का तहसील व जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का ही सहारा है। कई गांवों में नाव की उपलब्धता न होने से मरीजों को दवा के लिए भी तड़पना पड़ रहा है। वहीं बच्चों की पढ़ाई चौपट होने के साथ खाद्य सामग्री व सब्जी के भी लोगों को लाले हैं। इसके साथ ही गंगा का जलस्तर 15 सेमी, जबकि रामगंगा का 25 सेमी और बढ़ने से दुश्वारियां और बढ़ना तय है।
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गंगा का चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर, जबकि खतरे का निशान 137.10 मीटर पर है। शनिवार को गंगा का जलस्तर 10 सेमी और बढ़कर 136.80 मीटर पर पहुंच गया है। ये चेतावनी बिंदु से 20 सेमी ऊपर और खतरे के निशान से 30 सेमी. कम है। वहीं रामगंगा का जलस्तर 30 सेमी उछाल मारकर 135.05 मीटर पर पहुंच गया। शनिवार को गंगा में नरौरा बांध से 84 हजार क्यूसेक, जबकि रामगंगा में खो हरेली रामनगर से 7300 क्यूसेक और पानी छोड़ा गया है। इससे जलस्तर और बढ़ने से बाढ़ की दिक्कतें बढ़ेंगी।
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अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव नगरिया जवाहर में बाढ़ का पानी गांव की गलियों में बह रहा है जबकि रामप्रसाद नगला, निघन नगला व अमीराबाद भी पूरी तरह बाढ़ से ग्रस्त हैं। घरों में पानी घुसने से दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। मार्गों में पानी भरा होने व नाव की भी व्यवस्था न होने से तहसील व जिला मुख्यालय से पूरी तरह संपर्क टूट चुका है। इससे खाद्य सामग्री, सब्जी आदि के अलावा बीमार ग्रामीणों के इलाज का भी संकट है।
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इसके अलावा रामपुर, जोगराजपुर, आशा की मड़ैया, कंचनपुर, उदयपुर, तीसराम की मड़ैया, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, धनी नगला, करनपुरघाट आदि गांव भी बाढ़ के पानी से घिरे हैं। सड़क व मार्गों पर गहरा पानी भरा होने से मुख्यालय से संपर्क टूट चुका है। हालांकि इन गांवों में नावें उपलब्ध कराई गई हैं। इससे आवागमन के लिए नाव का ही सहारा है। इन गांवों में स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित है।
बाढ़ से घिरा गांव कंचनपुर सबलपुर में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते आपूर्ति नहीं बंद की गई। इससे ट्रांसफार्मर के पास डाली गई अंडरग्राउंड केबल में करंट आ रहा है। इसकी चपेट में आकर तीन गाय, एक भैंसा के अलावा दो कुत्ते मर गए। वहीं पानी में करंट आने से ग्रामीणों को भी जान का खतरा बना हुआ है। लोगों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर आक्रोश व्यक्त किया। बाढ़ के दौरान गांव में विद्युत आपूर्ति बंद करने की मांग की गई।

क्षेत्र के गांव नगला दुर्गू, जटपुरा, सुंदरपुर, जटपुरा, पट्टी भरखा, पट्टी जसूपुर, सवितापुर आदि गांव भी बाढ़ के पानी से घिरे हैं। ईमादपुर सोमवंशी तिराहे पर दो फीट पानी रोड पर बहने से कटी सड़क होने के चलते बाइक सवार गिरकर चुटहिल हो रहे हैं। वहीं जोगराजपुर-गौटिंया मार्ग पर भी करीब दो फीट पानी बह रहा है। इससे लोगों को आने-जाने में काफी असुविधा हो रही है।
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