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सौभाग्य से कनेक्शन देकर कागजों में उपजियारा करने में तीन फर्मों को नोटिस
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फर्रुखाबाद। सौभाग्य योजना के तहत कनेक्शन देने में किए गए खेल पर एक्सईएन ग्रामीण ने तीन कार्यदायी संस्थाओं को नोटिस दिया है। उनको गांव के जिन घरों में कनेक्शन दिया गया है, उन घरों में बिजली की रोशनी पहुंचाने का प्रधान से प्रमाण पत्र लाने पर भुगतान किए जाने की चेतावनी दी है। इसमें लापरवाही बरतने पर फर्म को काली सूची में डालने की चेतावनी दी है।
गांव में हर घर को कनेक्शन देकर रोशन करने की प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी सौभाग्य योजना के तहत कार्यदायी संस्थाओं के कर्मचारी खेल कर रहे हैं। जिन गांवों में विद्युुतीकरण नहीं हुआ, वहां के ग्रामीणों को कनेक्शन दिए गए। जहां विद्युतीकरण हुआ है, वहां कनेक्शन देने के बाद मीटर की केबल मेन लाइन से नहीं जोड़ी गई। इससे उपभोक्ताओं को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि उनके घर बिल आने लगे हैं। गांव के लोग आए दिन इस समस्याओं को लेकर अफसरों से शिकायत करते हैं। अमर उजाला ने ग्रामीणों की इस समस्या को 24 दिसंबर 2018 के अंक में 25 हजार लोगों के लिए सौभाग्य हो गया दुर्भाग्य शीर्षक से प्रकाशित किया था। इसके बाद अफसरों ने समीक्षा की तो गड़बड़ी पकड़ी गई। इसको लेकर एक्सईएन ग्रामीण रमेश चंद्र ने मेसर्स अशोका बिल्कॉम, मेसर्स आरके इंडस्ट्रीज और मेसर्स अनुराग मिश्रा फर्म के जिला प्रभारियों को नोटिस जारी किया है।
इसमें कहा कि जिल में करीब 86669 कनेक्शन दिए गए हैं। इन सभी के मीटरों की फीडिंग करा दी गई। इससे ग्रामीणों के घरों में बिल जाने शुरू हो गए हैं। जबकि कई उपभोक्तओं के घरों में विभिन्न कारणों से अभी भी बिजली नहीं पहुंची। इससे गांव के लोग बिल माफ कराने या बिल संशोधन करवाने के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। एक्सईएन ने कार्यदायी संस्थाओं के प्रोपराइटर व जिला प्रभारियों को सौभाग्य योजना के तहत दिए गए कनेक्शन वाले घरों को शतप्रतिशत रोशन कर और इसका प्रधान से प्रमाण पत्र लेकर कार्यालय में देने का आदेश दिया है।
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गांव में हर घर को कनेक्शन देकर रोशन करने की प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी सौभाग्य योजना के तहत कार्यदायी संस्थाओं के कर्मचारी खेल कर रहे हैं। जिन गांवों में विद्युुतीकरण नहीं हुआ, वहां के ग्रामीणों को कनेक्शन दिए गए। जहां विद्युतीकरण हुआ है, वहां कनेक्शन देने के बाद मीटर की केबल मेन लाइन से नहीं जोड़ी गई। इससे उपभोक्ताओं को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि उनके घर बिल आने लगे हैं। गांव के लोग आए दिन इस समस्याओं को लेकर अफसरों से शिकायत करते हैं। अमर उजाला ने ग्रामीणों की इस समस्या को 24 दिसंबर 2018 के अंक में 25 हजार लोगों के लिए सौभाग्य हो गया दुर्भाग्य शीर्षक से प्रकाशित किया था। इसके बाद अफसरों ने समीक्षा की तो गड़बड़ी पकड़ी गई। इसको लेकर एक्सईएन ग्रामीण रमेश चंद्र ने मेसर्स अशोका बिल्कॉम, मेसर्स आरके इंडस्ट्रीज और मेसर्स अनुराग मिश्रा फर्म के जिला प्रभारियों को नोटिस जारी किया है।
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इसमें कहा कि जिल में करीब 86669 कनेक्शन दिए गए हैं। इन सभी के मीटरों की फीडिंग करा दी गई। इससे ग्रामीणों के घरों में बिल जाने शुरू हो गए हैं। जबकि कई उपभोक्तओं के घरों में विभिन्न कारणों से अभी भी बिजली नहीं पहुंची। इससे गांव के लोग बिल माफ कराने या बिल संशोधन करवाने के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। एक्सईएन ने कार्यदायी संस्थाओं के प्रोपराइटर व जिला प्रभारियों को सौभाग्य योजना के तहत दिए गए कनेक्शन वाले घरों को शतप्रतिशत रोशन कर और इसका प्रधान से प्रमाण पत्र लेकर कार्यालय में देने का आदेश दिया है।
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