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आउट ऑफ स्कूल बच्चों का फिर होगा सर्वेक्षण
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बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा में खंड शिक्षा अधिकारियों व जिला समन्वयकों के पेंच कसे गए। शारदा हर दिन स्कूल आएं कार्यक्रम के लिए जिले में केवल 938 बच्चे ही चिह्नित होने से दोबारा आउट ऑफ स्कूल बच्चों का सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया गया। यू-डायस में विद्यालयों की फीडिंग कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में बीएसए रामसिंह ने खंड शिक्षा अधिकारियों को विभिन्न योजनाओं में प्रगति तेज करने के निर्देश दिए। नि:शुल्क वितरण के लिए ब्लाक संसाधन केंद्र पर आए जूते-मोजे का समिति से सत्यापन शीघ्र कराने के लिए निर्देशित किया गया।
यू-डायस में स्कूलों की फीडिंग की प्रगति ठीक नहीं पाई गई। शारदा हर दिन स्कूल आएं कार्यक्रम में जिलों में एक हजार से कम आउट ऑफ स्कूल बच्चे पाए गए। उन जिलों में सर्वेक्षण पर शासन ने सवाल उठाए हैं। इसलिए आउट ऑफ स्कूल बच्चों का फिर से सर्वेक्षण कराने को कहा गया।
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प्राइवेट प्राइमरी व जूनियर स्कूलों की मान्यता पत्रावलियों पर स्थलीय निरीक्षण की प्रगति की समीक्षा की गई। शर्तें पूरी हुए बिना मान्यता किसी भी हालत में नहीं दी जाएगी। जुलाई में स्कूल खुलते ही छात्र नामांकन बढ़ाने का अभियान चलाने को कहा गया। लिपिक सुरेंद्र अवस्थी ने ही शिविर सहायक के रूप में बिंदु रखे।
आउट ऑफ स्कूल बच्चों का फिर होगा सर्वेक्षण
बीईओ व जिला समन्वयकों के पेंच कसे
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में बीएसए रामसिंह ने खंड शिक्षा अधिकारियों को विभिन्न योजनाओं में प्रगति तेज करने के निर्देश दिए। नि:शुल्क वितरण के लिए ब्लाक संसाधन केंद्र पर आए जूते-मोजे का समिति से सत्यापन शीघ्र कराने के लिए निर्देशित किया गया।
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यू-डायस में स्कूलों की फीडिंग की प्रगति ठीक नहीं पाई गई। शारदा हर दिन स्कूल आएं कार्यक्रम में जिलों में एक हजार से कम आउट ऑफ स्कूल बच्चे पाए गए। उन जिलों में सर्वेक्षण पर शासन ने सवाल उठाए हैं। इसलिए आउट ऑफ स्कूल बच्चों का फिर से सर्वेक्षण कराने को कहा गया।
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प्राइवेट प्राइमरी व जूनियर स्कूलों की मान्यता पत्रावलियों पर स्थलीय निरीक्षण की प्रगति की समीक्षा की गई। शर्तें पूरी हुए बिना मान्यता किसी भी हालत में नहीं दी जाएगी। जुलाई में स्कूल खुलते ही छात्र नामांकन बढ़ाने का अभियान चलाने को कहा गया। लिपिक सुरेंद्र अवस्थी ने ही शिविर सहायक के रूप में बिंदु रखे।
आउट ऑफ स्कूल बच्चों का फिर होगा सर्वेक्षण
बीईओ व जिला समन्वयकों के पेंच कसे