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नहीं चला ईटीबीपीएस, मैनुअल की गई मतगणना
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2019 के लोकसभा चुनाव में आयोग ने पोस्टल बैलेट के लिए नई प्रणाली अपनाई थी। इसके अंर्तगत भेजे गए पोस्टल बैलेट पर एक क्यूआर कोड लगाया गया था। इसके स्कैन करने के बाद मत की गिनती की जानी थी लेकिन आयोग की यह रणनीति फेल हो गई।
क्योंकि ईटीबीपीएस का बार कोड स्कैन ही नहीं हुआ। ऐसे में मैनुअल ही गणना की गई। इससे दो घंटे में होने वाली गणना करीब शाम चार बजे तक चली। पहली बार चुनाव आयोग सर्विस वोटर के लिए ईटीबीपीएस (इलेक्ट्रानिक ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट) की व्यवस्था की थी।
इसके अंतर्गत सर्विस वोटरों ने अपना बैलेट पेपर ऑनलाइन डाउनलोड किया था। वहीं निर्वाचन कार्यालय से उन्हें लिफाफे व घोषणा पत्र भेजा जाना था। इसमें एक क्यूआर कोड दिया गया था। सर्विस वोटरों ने पोस्टल बैलेट से मतदान कर उसे वापस भेजा।
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मतगणना के समय इनके क्यूआर कोड को ईटीबीपीएस प्रणाली के तहत सॉफ्टवेयर से स्कैन किया जाना था। दोनों क्यूआर कोड मैच होने पर ही मतगणना की जानी थी। एक साथ पूरे देश में सॉफ्टवेयर खुलने से यह प्रणाली ध्वस्त हो गई। इससे न ही क्यूआर कोड स्कैन हुआ और न ही उसका ओटीपी जनरेट हो सका। बाद में मैनुअल ही बार कोड का मिलान किया गया। इसके बाद मत पत्र गिने गए।
पोस्टल बैलेट के लिए जारी बार कोड चालीस डिजिट के थे। ऐसे में ईटीबीपीएस प्रणाली के तहत स्कैन करके मिलान करने में ज्यादा से ज्यादा एक मिनट का समय लगता। जब इसका मैनुअल मिलान किया गया तो 40 डिजिट का मिलान करने में एक बैलेट में ही पांच मिनट से ज्यादा समय लग गया।
पोस्टल बैलेट गिनने के लिए सभी लोकसभा क्षेत्रों में एक अलग टेबल की व्यवस्था की गई थी। सुबह आठ बजे से पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की जानी थी। यह काम करीब दो घंटे में खत्म होना था लेकिन बार कोड स्कैन नहीं हो पाने से शाम चार बजे तक गणना चलती रही।
पोस्टल बैलेट गिनने के लिए जिस सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है वह एक कंपनी हैंडल कर रही थी। वहीं से पूरे देश में इसे संचालित किया जा रहा था। बुधवार को ही इसे अपडेट किया गया था। इसके बाद भी यह दगा दे गया।
जनपद में 4668 पोस्टल बैलेट जारी किए गए थे। इसमें से करीब 2868 पोस्टल बैलेट ही वापस आए। इसमें 211 बैलेट रिजेक्ट हो गए हैं।
ईटीबीपीएस के प्रभारी अधिकारी व जिला दिव्यांग सशक्तीकरण अधिकारी राजेश बघेल ने बताया कि जनपद में इसकी गिनती के लिए 15 लॉगिन थीं। पूरे देश में लाखों की संख्या में लोगों ने लॉगिन किया था। इसी के चलते सॉफ्टवेयर ने काम करना बंद कर दिया था। लगभग सभी जगह पोस्टल बैलेट का मैनुअल ही मिलान किया गया है।
नहीं चला ईटीबीपीएस, मैनुअल की गई मतगणना
पहली बार जारी किए गए थे ई-पोस्टल बैलेट
एक साथ लॉगिन होने से बंद हो गया सर्वर
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क्योंकि ईटीबीपीएस का बार कोड स्कैन ही नहीं हुआ। ऐसे में मैनुअल ही गणना की गई। इससे दो घंटे में होने वाली गणना करीब शाम चार बजे तक चली। पहली बार चुनाव आयोग सर्विस वोटर के लिए ईटीबीपीएस (इलेक्ट्रानिक ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट) की व्यवस्था की थी।
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इसके अंतर्गत सर्विस वोटरों ने अपना बैलेट पेपर ऑनलाइन डाउनलोड किया था। वहीं निर्वाचन कार्यालय से उन्हें लिफाफे व घोषणा पत्र भेजा जाना था। इसमें एक क्यूआर कोड दिया गया था। सर्विस वोटरों ने पोस्टल बैलेट से मतदान कर उसे वापस भेजा।
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मतगणना के समय इनके क्यूआर कोड को ईटीबीपीएस प्रणाली के तहत सॉफ्टवेयर से स्कैन किया जाना था। दोनों क्यूआर कोड मैच होने पर ही मतगणना की जानी थी। एक साथ पूरे देश में सॉफ्टवेयर खुलने से यह प्रणाली ध्वस्त हो गई। इससे न ही क्यूआर कोड स्कैन हुआ और न ही उसका ओटीपी जनरेट हो सका। बाद में मैनुअल ही बार कोड का मिलान किया गया। इसके बाद मत पत्र गिने गए।
पोस्टल बैलेट के लिए जारी बार कोड चालीस डिजिट के थे। ऐसे में ईटीबीपीएस प्रणाली के तहत स्कैन करके मिलान करने में ज्यादा से ज्यादा एक मिनट का समय लगता। जब इसका मैनुअल मिलान किया गया तो 40 डिजिट का मिलान करने में एक बैलेट में ही पांच मिनट से ज्यादा समय लग गया।
पोस्टल बैलेट गिनने के लिए सभी लोकसभा क्षेत्रों में एक अलग टेबल की व्यवस्था की गई थी। सुबह आठ बजे से पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की जानी थी। यह काम करीब दो घंटे में खत्म होना था लेकिन बार कोड स्कैन नहीं हो पाने से शाम चार बजे तक गणना चलती रही।
पोस्टल बैलेट गिनने के लिए जिस सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है वह एक कंपनी हैंडल कर रही थी। वहीं से पूरे देश में इसे संचालित किया जा रहा था। बुधवार को ही इसे अपडेट किया गया था। इसके बाद भी यह दगा दे गया।
जनपद में 4668 पोस्टल बैलेट जारी किए गए थे। इसमें से करीब 2868 पोस्टल बैलेट ही वापस आए। इसमें 211 बैलेट रिजेक्ट हो गए हैं।
ईटीबीपीएस के प्रभारी अधिकारी व जिला दिव्यांग सशक्तीकरण अधिकारी राजेश बघेल ने बताया कि जनपद में इसकी गिनती के लिए 15 लॉगिन थीं। पूरे देश में लाखों की संख्या में लोगों ने लॉगिन किया था। इसी के चलते सॉफ्टवेयर ने काम करना बंद कर दिया था। लगभग सभी जगह पोस्टल बैलेट का मैनुअल ही मिलान किया गया है।
नहीं चला ईटीबीपीएस, मैनुअल की गई मतगणना
पहली बार जारी किए गए थे ई-पोस्टल बैलेट
एक साथ लॉगिन होने से बंद हो गया सर्वर