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नौनिहालों के कंप्यूटरों पर अफसरों का कब्जा
Updated Sun, 16 Dec 2018 11:08 PM IST
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फर्रुखाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग के पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा देने की योजना अव्यवस्था और अफसरों की मनमानी के भेंट चढ़ गई। इससे बच्चों को कंप्यूटर का ज्ञान तो दूर उन्हें की-बोर्ड व माउस के बारे में भी जानकारी नहीं दी गई है। कुछ स्कूलों में कंप्यूटर रखे-रखे कबाड़ हो गए। कुछ स्कूलों में कंप्यूटरों को बनाकर सरकारी दफ्तरों में लगा दिया गया।
बेसिक शिक्षा विभाग के जिले में 565 पूर्व माध्यमिक विद्यालय हैं। इन स्कूलों के बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2004 से 2016 तक करीब 157 कंप्यूटरों की खरीदारी की गई। इनकों चिह्नित स्कूलों में फर्नीचर के साथ भेजा गया। कंप्यूटर शिक्षक न होने से कई साल तक स्कूलों में कंप्यूटर डिब्बों में बंद रहे।
कुछ विद्यालयों के शिक्षकों ने कंप्यूटर चोरी होना दिखा दिया तो किसी ने कबाड़ होने की रिपोर्ट दी। करीब तीस से चालीस कंप्यूटरों को स्कूलों से वापस विभाग में मंगा लिया गया।
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इन कंप्यूटरों को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बीएसए कार्यालय और कुछ लिपिकों ने अपने कार्यालय में लगा लिया। कुछ कंप्यूटरों को अन्य सरकारी विभागों में भेज दिया गया। वह आज तक वापस स्कूल नहीं भेजे गए। इससे नौनिहालों की कंप्यूटर शिक्षा कागजों में सिमट कर रह गई है।
करीब 27 कंप्यूटर कार्यालयों में भेजे गए
बच्चों को पढ़ाने के लिए खरीदे गए कंप्यूटरों में करीब 27 कंप्यूटर सरकारी दफ्तरों में चल रहे हैं। जिन पर विभागीय काम किया जाता है। बच्चों को शिक्षा देने के लिए इनको वापस विद्यालयों में नहीं भेजा गया।
कई कंप्यूटरों का नहीं है लेखाजोखा
सर्व शिक्षा अभियान के तहत खरीदे गए कंप्यूटरों की क्या स्थिति है। इसका विभाग के पास कोई लेखाजोखा नहीं है। जो कंप्यूटर सरकारी दफ्तरों में हैं, उनके अलावा अन्य कंप्यूटरों की क्या स्थिति है, इसकी किसी को कोई जानकारी नहीं है। स्कूलों में कंप्यूटर हैं भी या वह शिक्षकों के घर पहुंच गए। यह कोई नहीं जानता है।
2017-18 में खरीदे गए थे कंप्यूटर
2017-18 में खरीदे गए ये कंप्यूटर शमसाबाद ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय खिनमिनी, बछलैया, चौरसिया मझोला, शमसाबाद, रोशनाबाद, नवाबगंज ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय चंदनी, बढ़पुर ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय गुतासी, जनया सिठैया, कलौली, महबुल्लापुर, नगला कलार, कायमगंज ब्लाक क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिवारा खास, मोहम्मदाबाद ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिरौली, कन्हऊ याकूतपुर, कमालगंज ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय हिसामपुर, गंगाइच और राजेपुर ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय दौलतपुर चकई, राजेपुर, कड़क्का, मोकलपुर भेजे गए थे।
मानदेय स्कूल से और काम विभागों में
नौनिहालों को कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रेरक संविदा पर तैनात किए गए थे। इन प्रेरकों को विभागीय अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर विभागीय काम करा रहे हैं। कुछ प्रेरक अन्य विभागों में संबद्ध किए गए हैं। इनका मानदेय स्कूल से निकलता है, लेकिन काम सरकारी दफ्तरों में कर रहे हैं।
क्या कहते जिम्मेदार
प्रभारी बीएसए बेगीश गोयल ने बताया कंप्यूटर कहां हैं। इसकी रिपोर्ट डीसी से तैयार कराई जाएगी। बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा दी जा रही है या नहीं इसकी भी जानकारी की जाएगी। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा देने की योजना अव्यवस्था की भेंट चढ़ी
वर्ष 2004 से अभी तक 177 कंप्यूटरों को हो चुकी खरीद
अमर उजाला ब्यूरो
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बेसिक शिक्षा विभाग के जिले में 565 पूर्व माध्यमिक विद्यालय हैं। इन स्कूलों के बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2004 से 2016 तक करीब 157 कंप्यूटरों की खरीदारी की गई। इनकों चिह्नित स्कूलों में फर्नीचर के साथ भेजा गया। कंप्यूटर शिक्षक न होने से कई साल तक स्कूलों में कंप्यूटर डिब्बों में बंद रहे।
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कुछ विद्यालयों के शिक्षकों ने कंप्यूटर चोरी होना दिखा दिया तो किसी ने कबाड़ होने की रिपोर्ट दी। करीब तीस से चालीस कंप्यूटरों को स्कूलों से वापस विभाग में मंगा लिया गया।
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इन कंप्यूटरों को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बीएसए कार्यालय और कुछ लिपिकों ने अपने कार्यालय में लगा लिया। कुछ कंप्यूटरों को अन्य सरकारी विभागों में भेज दिया गया। वह आज तक वापस स्कूल नहीं भेजे गए। इससे नौनिहालों की कंप्यूटर शिक्षा कागजों में सिमट कर रह गई है।
करीब 27 कंप्यूटर कार्यालयों में भेजे गए
बच्चों को पढ़ाने के लिए खरीदे गए कंप्यूटरों में करीब 27 कंप्यूटर सरकारी दफ्तरों में चल रहे हैं। जिन पर विभागीय काम किया जाता है। बच्चों को शिक्षा देने के लिए इनको वापस विद्यालयों में नहीं भेजा गया।
कई कंप्यूटरों का नहीं है लेखाजोखा
सर्व शिक्षा अभियान के तहत खरीदे गए कंप्यूटरों की क्या स्थिति है। इसका विभाग के पास कोई लेखाजोखा नहीं है। जो कंप्यूटर सरकारी दफ्तरों में हैं, उनके अलावा अन्य कंप्यूटरों की क्या स्थिति है, इसकी किसी को कोई जानकारी नहीं है। स्कूलों में कंप्यूटर हैं भी या वह शिक्षकों के घर पहुंच गए। यह कोई नहीं जानता है।
2017-18 में खरीदे गए थे कंप्यूटर
2017-18 में खरीदे गए ये कंप्यूटर शमसाबाद ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय खिनमिनी, बछलैया, चौरसिया मझोला, शमसाबाद, रोशनाबाद, नवाबगंज ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय चंदनी, बढ़पुर ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय गुतासी, जनया सिठैया, कलौली, महबुल्लापुर, नगला कलार, कायमगंज ब्लाक क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिवारा खास, मोहम्मदाबाद ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिरौली, कन्हऊ याकूतपुर, कमालगंज ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय हिसामपुर, गंगाइच और राजेपुर ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय दौलतपुर चकई, राजेपुर, कड़क्का, मोकलपुर भेजे गए थे।
मानदेय स्कूल से और काम विभागों में
नौनिहालों को कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रेरक संविदा पर तैनात किए गए थे। इन प्रेरकों को विभागीय अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर विभागीय काम करा रहे हैं। कुछ प्रेरक अन्य विभागों में संबद्ध किए गए हैं। इनका मानदेय स्कूल से निकलता है, लेकिन काम सरकारी दफ्तरों में कर रहे हैं।
क्या कहते जिम्मेदार
प्रभारी बीएसए बेगीश गोयल ने बताया कंप्यूटर कहां हैं। इसकी रिपोर्ट डीसी से तैयार कराई जाएगी। बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा दी जा रही है या नहीं इसकी भी जानकारी की जाएगी। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा देने की योजना अव्यवस्था की भेंट चढ़ी
वर्ष 2004 से अभी तक 177 कंप्यूटरों को हो चुकी खरीद
अमर उजाला ब्यूरो