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डीसी को निरीक्षण में घटिया क्वालिटी के मिले स्वेटर
Updated Thu, 06 Dec 2018 11:41 PM IST
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फर्रुखाबाद। बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक सरिता त्रिवेदी को स्कूलों के निरीक्षण में नौनिहालों को बांटे गए स्वेटर और यूनिफार्म की गुणवत्ता खराब मिली। इनको खरीदने के लिए क्रय समिति का ठीक प्रकार से गठन नहीं किया गया। शैक्षिक गुणवत्ता खराब होने पर सुधार करने के निर्देश दिए।
बढ़पुर ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय हथियापुर में निरीक्षण के दौरान डीसी को यूनिफार्म और स्वेटर खरीदने के लिए खुले कुटेशन लिए गए थे। बच्चों को जो स्वेटर बांटे गए हैं, उनकी गुणवत्ता खराब मिली। बच्चे ठीक से हिंदी की किताब नहीं पढ़ पाए। 79 नामांकित बच्चों में से 36 उपस्थित थे। जबकि पूर्व के दिनों में रजिस्टर में किसी दिन की 66 तो किसी दिन की 65 दर्ज थी। अर्द्घवार्षिक परीक्षा के दौरान 72 तक बच्चों की उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज थी। बच्चों की परीक्षा कापियां दिखाने को कहा तो शिक्षक ने नहीं दिखाई। जूता और मोजा बांटने का विवरण भी ठीक से रजिस्टर में दर्ज नहीं किया गया था। शुकुरूल्लापुर द्वितीय विद्यालय में एक शिक्षक अनुपस्थित मिलीं। यहां भी स्वेटर घटिया बांटे गए थे। दोनों विद्यालय में एक फर्म ने स्वेटर दिए हैं। इसके बाद जब डीसी प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय जिरखापुर शसमसाबाद पहुंचीं तो विद्यालय पौने तीन बजे बंद था। बच्चे सड़क पर घर जाते हुए मिले।
बच्चों ने बताया कि रोजाना इसी समय विद्यालय बंद हो जाता है। इसके बाद डीसी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय कायमगंज का निरीक्षण किया। वहां एक शिक्षिका बिना सूचना के कई माह से अनुपस्थित चल रही हैं। छात्राओं की उपस्थिति ठीक मिली। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय शमसाबाद के निरीक्षण में डीसी को तीन शिक्षिकाएं अनुपस्थित मिलीं। यह भी कई माह से स्कूल नहीं आ रही हैं। इससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। डीसी सरिता त्रिवेदी ने बताया कि निरीक्षण आख्या बीएसए को कार्रवाई के लिए दी जाएगी।
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बढ़पुर ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय हथियापुर में निरीक्षण के दौरान डीसी को यूनिफार्म और स्वेटर खरीदने के लिए खुले कुटेशन लिए गए थे। बच्चों को जो स्वेटर बांटे गए हैं, उनकी गुणवत्ता खराब मिली। बच्चे ठीक से हिंदी की किताब नहीं पढ़ पाए। 79 नामांकित बच्चों में से 36 उपस्थित थे। जबकि पूर्व के दिनों में रजिस्टर में किसी दिन की 66 तो किसी दिन की 65 दर्ज थी। अर्द्घवार्षिक परीक्षा के दौरान 72 तक बच्चों की उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज थी। बच्चों की परीक्षा कापियां दिखाने को कहा तो शिक्षक ने नहीं दिखाई। जूता और मोजा बांटने का विवरण भी ठीक से रजिस्टर में दर्ज नहीं किया गया था। शुकुरूल्लापुर द्वितीय विद्यालय में एक शिक्षक अनुपस्थित मिलीं। यहां भी स्वेटर घटिया बांटे गए थे। दोनों विद्यालय में एक फर्म ने स्वेटर दिए हैं। इसके बाद जब डीसी प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय जिरखापुर शसमसाबाद पहुंचीं तो विद्यालय पौने तीन बजे बंद था। बच्चे सड़क पर घर जाते हुए मिले।
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बच्चों ने बताया कि रोजाना इसी समय विद्यालय बंद हो जाता है। इसके बाद डीसी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय कायमगंज का निरीक्षण किया। वहां एक शिक्षिका बिना सूचना के कई माह से अनुपस्थित चल रही हैं। छात्राओं की उपस्थिति ठीक मिली। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय शमसाबाद के निरीक्षण में डीसी को तीन शिक्षिकाएं अनुपस्थित मिलीं। यह भी कई माह से स्कूल नहीं आ रही हैं। इससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। डीसी सरिता त्रिवेदी ने बताया कि निरीक्षण आख्या बीएसए को कार्रवाई के लिए दी जाएगी।
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