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एशियन मार्शल आर्ट गेम्स में जीता सिल्वर मेडल
Updated Thu, 15 Nov 2018 10:11 PM IST
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फर्रुखाबाद। मनीष वर्मा ने एशियन मार्शल आर्ट गेम्स में सिल्वर मेेडल जीत कर जिले का नाम रोशन किया है। मनीष को मार्शल आर्ट की दो विधाओं कराटे व ताइक्वांडो में महारत हासिल है।
शहर से सटे गांव भगुआ नगला निवासी सेवानिवृत्त फौजी ललित कुमार वर्मा के बेटे मनीष 12-13 नवंबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुए एशियन मार्शल आट गेम्स के फाइनल राउंड में बांग्लादेश के अब्दुल अली से करीबी मुकाबले में हार गए। इससे पहले खेले गए मैच में उन्होंने भारत के ही गौरव को हराया था। दरअसल मनीष 80 किलोग्राम भार वर्ग में कराटे खेलते हैं।
इस चैंपियनशिप में इस भारवर्ग में महज चार ही खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इसमें दो भारत, एक बांग्लादेश व एक अन्य देश का खिलाड़ी शामिल था। इससे मनीष की एक मुकाबला जीतने के बाद ही फाइनल की राह खुल गई थी। इससे पहले वह मई में हुई नेशनल चैंपियनशिप में भी मेडल जीतने में कामयाब रहे थे। इसके अलावा 2014 में कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में हुई स्टेट चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था। इसके अगले ही साल लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम में हुई चैंपियनशिप में भी वह गोल्ड मेडल जीतने में सफल रहे थे।
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- ताइक्वांडो में भी जीता है गोल्ड
मनीष कराटे ही नहीं ताइक्वांडो के भी अच्छे खिलाड़ी हैं। पिछले साल दिल्ली में ही हुई नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में भी वह गोल्ड जीते थे।
अब कोचिंग दे रहे हैं मनीष
मनीष अब चुनिंदा चैंपियनशिप में ही हिस्सा लेते हैं। उन्होंने बताया कि वह अब शहर के भगुआ नगला में एक कराटे एकेडमी चला रहे हैं। फिलहाल उनके पास 10 खिलाड़ी ट्रेनिंग ले रहे हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
मनीष अच्छा खिलाड़ी है वह मामूली अंतर से गोल्ड जीतने से चूक गया। उसे वर्ल्ड चैंपियनशिप में जाने का भी मौका मिल सकता है। - बीके भारत, सेक्रेटरी, एशियन मार्शल आर्ट गेम्स
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शहर से सटे गांव भगुआ नगला निवासी सेवानिवृत्त फौजी ललित कुमार वर्मा के बेटे मनीष 12-13 नवंबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुए एशियन मार्शल आट गेम्स के फाइनल राउंड में बांग्लादेश के अब्दुल अली से करीबी मुकाबले में हार गए। इससे पहले खेले गए मैच में उन्होंने भारत के ही गौरव को हराया था। दरअसल मनीष 80 किलोग्राम भार वर्ग में कराटे खेलते हैं।
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इस चैंपियनशिप में इस भारवर्ग में महज चार ही खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इसमें दो भारत, एक बांग्लादेश व एक अन्य देश का खिलाड़ी शामिल था। इससे मनीष की एक मुकाबला जीतने के बाद ही फाइनल की राह खुल गई थी। इससे पहले वह मई में हुई नेशनल चैंपियनशिप में भी मेडल जीतने में कामयाब रहे थे। इसके अलावा 2014 में कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में हुई स्टेट चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था। इसके अगले ही साल लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम में हुई चैंपियनशिप में भी वह गोल्ड मेडल जीतने में सफल रहे थे।
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- ताइक्वांडो में भी जीता है गोल्ड
मनीष कराटे ही नहीं ताइक्वांडो के भी अच्छे खिलाड़ी हैं। पिछले साल दिल्ली में ही हुई नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में भी वह गोल्ड जीते थे।
अब कोचिंग दे रहे हैं मनीष
मनीष अब चुनिंदा चैंपियनशिप में ही हिस्सा लेते हैं। उन्होंने बताया कि वह अब शहर के भगुआ नगला में एक कराटे एकेडमी चला रहे हैं। फिलहाल उनके पास 10 खिलाड़ी ट्रेनिंग ले रहे हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
मनीष अच्छा खिलाड़ी है वह मामूली अंतर से गोल्ड जीतने से चूक गया। उसे वर्ल्ड चैंपियनशिप में जाने का भी मौका मिल सकता है। - बीके भारत, सेक्रेटरी, एशियन मार्शल आर्ट गेम्स