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अमेठी कोहना में 4.3 हेक्टेयर जमीन पर लगेगा एसटीपी प्लांट
Updated Sat, 10 Nov 2018 09:54 PM IST
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फर्रुखाबाद। नमामि गंगे योजना के तहत शहर के अमेठी कोहना में करीब 4.3 हेक्टेयर जमीन पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाया जाएगा। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जल निगम ने करीब 39 किसानों की जमीन खरीदे जाने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। करीब 20 करोड़ रुपये से जमीन खरीदी जाएगी।
गंगा नदी में मौजूदा समय में करीब चार-पांच गंदे नालों का पानी गिर रहा है। इससे गंगा का पानी दूषित हो रहा है। गंगा नदी को स्वच्छ करने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2017-18 में नमामि गंगे योजना से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाने का खाका तैयार किया था। इसमें करीब 213 करोड़ की लागत आएगी।
बताते हैं कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाने के लिए अधिकारियों के निर्देश पर जल निगम ने अमेठी कोहना में 39 किसानों की करीब 4.3 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की है। इसकी सूची बनाकर शासन को भेज दी गई है। जमीन खरीदने में करीब 20 करोड़ रुपये का खर्च आ सकता है। जमीन मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज यादव ने बताया कि जिन किसानों की भूमि प्लांट के लिए चिह्नित की गई है। उनके सहमति पत्र शासन को भेजे जा चुके हैं। बजट मंजूर होते ही जमीन खरीदने का काम शुरू हो जाएगा।
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28 एमएलडी का लगेगा एसटीपी प्लांट
अमेठी कोहना में करीब 4.3 हेक्टेयर जमीन पर लगाया जाने वाला सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) 28 एमएलडी का होगा। जल निगम प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज यादव ने बताया कि 28 एमएलडी के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट सेे प्रतिदिन करीब दो करोड़ 80 लाख लीटर गंदे पानी का शोधन किया जा सकता है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने में करीब 213 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस लागत में बिजली बिल समेत 15 साल का मेंटीनेंस भी शामिल है। ब्यूरो
एसटीपी प्लांट लगने से गंगा का पानी रहेगा स्वच्छ
अमेठी कोहना में एसटीपी प्लांट लगने से गंगा का पानी स्वच्छ रहेगा। उसमें गंदे नालों का पानी नहीं गिर सकेगा। शहर के सभी नालों का पानी इसी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से फिल्टर कर गंगा नदी में छोड़ा जाएगा। ब्यूरो
संसद में उठाई थी मांग
सांसद मुकेश राजपूत का कहना है कि गंगा नदी को स्वच्छ रखने के लिए उन्होंने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाने की बात संसद में रखी थी। इसी को संज्ञान में लेकर नमामि गंगे योजना के तहत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्वीकृत किया गया। ब्यूरो
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गंगा नदी में मौजूदा समय में करीब चार-पांच गंदे नालों का पानी गिर रहा है। इससे गंगा का पानी दूषित हो रहा है। गंगा नदी को स्वच्छ करने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2017-18 में नमामि गंगे योजना से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाने का खाका तैयार किया था। इसमें करीब 213 करोड़ की लागत आएगी।
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बताते हैं कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाने के लिए अधिकारियों के निर्देश पर जल निगम ने अमेठी कोहना में 39 किसानों की करीब 4.3 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की है। इसकी सूची बनाकर शासन को भेज दी गई है। जमीन खरीदने में करीब 20 करोड़ रुपये का खर्च आ सकता है। जमीन मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज यादव ने बताया कि जिन किसानों की भूमि प्लांट के लिए चिह्नित की गई है। उनके सहमति पत्र शासन को भेजे जा चुके हैं। बजट मंजूर होते ही जमीन खरीदने का काम शुरू हो जाएगा।
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28 एमएलडी का लगेगा एसटीपी प्लांट
अमेठी कोहना में करीब 4.3 हेक्टेयर जमीन पर लगाया जाने वाला सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) 28 एमएलडी का होगा। जल निगम प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज यादव ने बताया कि 28 एमएलडी के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट सेे प्रतिदिन करीब दो करोड़ 80 लाख लीटर गंदे पानी का शोधन किया जा सकता है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने में करीब 213 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस लागत में बिजली बिल समेत 15 साल का मेंटीनेंस भी शामिल है। ब्यूरो
एसटीपी प्लांट लगने से गंगा का पानी रहेगा स्वच्छ
अमेठी कोहना में एसटीपी प्लांट लगने से गंगा का पानी स्वच्छ रहेगा। उसमें गंदे नालों का पानी नहीं गिर सकेगा। शहर के सभी नालों का पानी इसी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से फिल्टर कर गंगा नदी में छोड़ा जाएगा। ब्यूरो
संसद में उठाई थी मांग
सांसद मुकेश राजपूत का कहना है कि गंगा नदी को स्वच्छ रखने के लिए उन्होंने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाने की बात संसद में रखी थी। इसी को संज्ञान में लेकर नमामि गंगे योजना के तहत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्वीकृत किया गया। ब्यूरो