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टीकाकरण में लापरवाही से नवजात के बन गया फोड़ा
Updated Sat, 06 Oct 2018 10:48 PM IST
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कमालगंज (फर्रुखाबाद)। इलाज में लापरवाही से नवजात के टीका लगाने पर उसका पैर फूल गया। सुनवाई न होने पर नाराज परिजनों ने सीएचसी में जमकर हंगामा किया। परिजनों की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के निर्देश दिए है।
थाना क्षेत्र के गांव शेखपुर निवासी रक्षपाल ने बताया कि 18 सितंबर को सीएचसी कमालगंज में उसकी पत्नी ने बेटे को जन्म दिया। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात नर्स ने उससे दवाई और टीका लगाने के लिए एक हजार रुपये लिए और एक टीका लगा दिया। 19 सितंबर को उसकी छुट्टी कर दी गयी। बाद में टीके वाली जगह पर बच्चे के पैर में फोड़ा बन गया। इसकी शिकायत करने वह कई बार सीएचसी गया, लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी। परिजनों ने शनिवार को सीएचसी पहुंचकर हंगामा किया। परिजनों ने लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. मान सिंह वर्मा ने बताया कि टीकाकरण के नाम पर रुपये लेने की परिजनों ने कोई शिकायत नहीं की है। नियमानुसार प्रसूता की 48 घंटे के बाद छुट्टी की जानी चाहिए। 24 घंटे में प्रसूता की छुट्टी की गई यह लापरवाही है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
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थाना क्षेत्र के गांव शेखपुर निवासी रक्षपाल ने बताया कि 18 सितंबर को सीएचसी कमालगंज में उसकी पत्नी ने बेटे को जन्म दिया। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात नर्स ने उससे दवाई और टीका लगाने के लिए एक हजार रुपये लिए और एक टीका लगा दिया। 19 सितंबर को उसकी छुट्टी कर दी गयी। बाद में टीके वाली जगह पर बच्चे के पैर में फोड़ा बन गया। इसकी शिकायत करने वह कई बार सीएचसी गया, लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी। परिजनों ने शनिवार को सीएचसी पहुंचकर हंगामा किया। परिजनों ने लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
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इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. मान सिंह वर्मा ने बताया कि टीकाकरण के नाम पर रुपये लेने की परिजनों ने कोई शिकायत नहीं की है। नियमानुसार प्रसूता की 48 घंटे के बाद छुट्टी की जानी चाहिए। 24 घंटे में प्रसूता की छुट्टी की गई यह लापरवाही है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
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