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निशक्तों की जांच को लेकर हुई नोकझोंक
Updated Sat, 15 Sep 2018 11:46 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। नरेंद्र सरीन में संचालित वैकल्पिक शिक्षा केंद्र पर सीएमओ कार्यालय से जांच कराने पहुंचे नि:शक्तों को डीसी (जिला समन्वयक) ने लौटाने का प्रयास किया। इसको लेकर नि:शक्त के साथ आए उनके परिवार के लोगों का डीसी से विवाद हो गया। वैकल्पिक शिक्षा के शिक्षकों ने समझाकर मामले को शांत किया। कानपुर से दोपहर बाद आए आडियो लाजिस्ट ने नि:शक्तों की जांच की।
नरेंद्र सरीन स्कूल में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से नि:शक्तों को शिक्षित करने के लिए वैकल्पिक शिक्षा के तहत कैंप चल रहा है। इसमें नि:शक्तों (कान से जिनको नहीं सुनाई देता) की जांच के लिए कानपुर से आडियो लाजिस्टर डा. प्रवीन कुमार व डा. शनि सिंह को बुलाया गया था। इसकी जानकारी मिलने पर सीएमओ कार्यालय में जांच कराने आए नि:शक्तों को भी नरेंद्र सरीन स्कूल में जांच के लिए भेज दिया गया। वहां नि:शक्तों की भीड़ अधिक हो गई।
वैकल्पिक शिक्षा के डीसी राजेश वर्मा ने नि:शक्तों के परिवार वालों से कहा कि सीएमओ कार्यालय वापस चले जाएं। कानपुर से आने वाले डॉक्टर सीएमओ कार्यालय पहुंच कर नि:शक्तों की जांच कर लेंगे। परिवार वाले नि:शक्तों को वहां से सीएमओ कार्यालय वापस ले जाने को तैयार नहीं हुए। इसको लेकर डीसी राजेश वर्मा और नि:शक्तों के परिवार वालों में विवाद होने लगा। वहां मौजूद शिक्षक व कर्मचारियों ने समझाकर विवाद शांत कराया। दोपहर बाद कानपुर से आए आडियोलाजिस्ट डा. प्रवीन कुमार व डा. शनि सिंह ने नि:शक्तों का परीक्षण किया। डीसी राजेश वर्मा ने बताया कि उनके कैंप में करीब 58 छात्र छात्राओं व सीएमओ कार्यालय से आए करीब 50 नि:शक्तों की जांच की गई। जिले में ऑडियोलाजिस्ट नहीं है। इससे कानपुर से जांच को बुलाया जाता है।
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फर्रुखाबाद। नरेंद्र सरीन में संचालित वैकल्पिक शिक्षा केंद्र पर सीएमओ कार्यालय से जांच कराने पहुंचे नि:शक्तों को डीसी (जिला समन्वयक) ने लौटाने का प्रयास किया। इसको लेकर नि:शक्त के साथ आए उनके परिवार के लोगों का डीसी से विवाद हो गया। वैकल्पिक शिक्षा के शिक्षकों ने समझाकर मामले को शांत किया। कानपुर से दोपहर बाद आए आडियो लाजिस्ट ने नि:शक्तों की जांच की।
नरेंद्र सरीन स्कूल में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से नि:शक्तों को शिक्षित करने के लिए वैकल्पिक शिक्षा के तहत कैंप चल रहा है। इसमें नि:शक्तों (कान से जिनको नहीं सुनाई देता) की जांच के लिए कानपुर से आडियो लाजिस्टर डा. प्रवीन कुमार व डा. शनि सिंह को बुलाया गया था। इसकी जानकारी मिलने पर सीएमओ कार्यालय में जांच कराने आए नि:शक्तों को भी नरेंद्र सरीन स्कूल में जांच के लिए भेज दिया गया। वहां नि:शक्तों की भीड़ अधिक हो गई।
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वैकल्पिक शिक्षा के डीसी राजेश वर्मा ने नि:शक्तों के परिवार वालों से कहा कि सीएमओ कार्यालय वापस चले जाएं। कानपुर से आने वाले डॉक्टर सीएमओ कार्यालय पहुंच कर नि:शक्तों की जांच कर लेंगे। परिवार वाले नि:शक्तों को वहां से सीएमओ कार्यालय वापस ले जाने को तैयार नहीं हुए। इसको लेकर डीसी राजेश वर्मा और नि:शक्तों के परिवार वालों में विवाद होने लगा। वहां मौजूद शिक्षक व कर्मचारियों ने समझाकर विवाद शांत कराया। दोपहर बाद कानपुर से आए आडियोलाजिस्ट डा. प्रवीन कुमार व डा. शनि सिंह ने नि:शक्तों का परीक्षण किया। डीसी राजेश वर्मा ने बताया कि उनके कैंप में करीब 58 छात्र छात्राओं व सीएमओ कार्यालय से आए करीब 50 नि:शक्तों की जांच की गई। जिले में ऑडियोलाजिस्ट नहीं है। इससे कानपुर से जांच को बुलाया जाता है।
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