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आठ साल बाद राजेपुर कसबे में घुसा बाढ़ का पानी
Updated Thu, 06 Sep 2018 11:32 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। गंगा व रामगंगा की बाढ़ का पानी आठ साल बाद राजेपुर कसबे में घुस गया है। फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर बुधवार रात से आवागमन ठप हो गया है। राजेपुर और जमापुर तिराहे पर बैरीकेडिंग लगाकर छोटे-बड़े वाहन को रोका जा रहा है। वहीं, राजेपुर ब्लाक और तहसील अमृतपुर क्षेत्र के एक सौ से ज्यादा गांव अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। कई गांवों में संपर्क मार्ग कटे पड़े हैं।
राजेपुर प्रतिनिधि के अनुसार, ब्लाक क्षेत्र में पड़ने वाला कड़क्का बांध जर्जर स्थिति में है लेकिन बांध से बाढ़ का पानी करीब दो मीटर नीचे बह रहा है। राजेपुर कसबे की गलियों, विद्युत उपकेंद्र, पोस्ट आफिस और पशु चिकित्सालय परिसर में बाढ़ का पानी घुस गया है। इसके साथ ही तुषौर, गांधी, महमदपुर, विरसिंगपुर, वीरपुर, हरिहरपुर, ईमादपुर, मोहद्दीपुर, अलीगढ़, कड़क्का, भुड़िया भेड़ा, बरुआ और हमीरपुर सोमवंशी में बाढ़ का पानी भरा है। फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर जमापुर और राजेपुर तिराहे पर बैरीकेडिंग लगा दी गई है। पुलिस छोटे वाहन को जमापुर से निबिया होते हुए राजेपुर जाने दे रही है। चित्रकूट पुलिया पर तीन और राजेपुर पुलिया पर एक फीट पानी बह रहा है। वीरपुर के प्रधान शिवराज सिंह ने जिला प्रशासन से बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।
अमृतपुर प्रतिनिधि के अनुसार, गंगा की बाढ़ से सलेमपुर, परसपुर, तीसराम की मड़ैया और अम्मरपुर की मड़ैया गांव के लोग परेशान हैं। पानी के बीच से होकर ही इन लोगों को आवागमन करना पड़ रहा है। तीसराम की मड़ैया में झोपड़ियों में पानी घुस गया है। इस गांव का संपर्क मार्ग भी कट गया है। चार से पांच फीट पानी बह रहा है। नाव से ग्रामीण आवागमन कर रहे हैं। अमैयापुर-चपरा मार्ग पर चल रही नाव के लिए जिला प्रशासन ने नाविक की व्यवस्था नहीं की है। ग्रामीण ही नाव चला रहे हैं। कंचनपुर में सब्जी न होने से बच्चे केवल पूड़ी ही खाते नजर आए।
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अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। गंगा व रामगंगा की बाढ़ का पानी आठ साल बाद राजेपुर कसबे में घुस गया है। फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर बुधवार रात से आवागमन ठप हो गया है। राजेपुर और जमापुर तिराहे पर बैरीकेडिंग लगाकर छोटे-बड़े वाहन को रोका जा रहा है। वहीं, राजेपुर ब्लाक और तहसील अमृतपुर क्षेत्र के एक सौ से ज्यादा गांव अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। कई गांवों में संपर्क मार्ग कटे पड़े हैं।
राजेपुर प्रतिनिधि के अनुसार, ब्लाक क्षेत्र में पड़ने वाला कड़क्का बांध जर्जर स्थिति में है लेकिन बांध से बाढ़ का पानी करीब दो मीटर नीचे बह रहा है। राजेपुर कसबे की गलियों, विद्युत उपकेंद्र, पोस्ट आफिस और पशु चिकित्सालय परिसर में बाढ़ का पानी घुस गया है। इसके साथ ही तुषौर, गांधी, महमदपुर, विरसिंगपुर, वीरपुर, हरिहरपुर, ईमादपुर, मोहद्दीपुर, अलीगढ़, कड़क्का, भुड़िया भेड़ा, बरुआ और हमीरपुर सोमवंशी में बाढ़ का पानी भरा है। फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर जमापुर और राजेपुर तिराहे पर बैरीकेडिंग लगा दी गई है। पुलिस छोटे वाहन को जमापुर से निबिया होते हुए राजेपुर जाने दे रही है। चित्रकूट पुलिया पर तीन और राजेपुर पुलिया पर एक फीट पानी बह रहा है। वीरपुर के प्रधान शिवराज सिंह ने जिला प्रशासन से बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।
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अमृतपुर प्रतिनिधि के अनुसार, गंगा की बाढ़ से सलेमपुर, परसपुर, तीसराम की मड़ैया और अम्मरपुर की मड़ैया गांव के लोग परेशान हैं। पानी के बीच से होकर ही इन लोगों को आवागमन करना पड़ रहा है। तीसराम की मड़ैया में झोपड़ियों में पानी घुस गया है। इस गांव का संपर्क मार्ग भी कट गया है। चार से पांच फीट पानी बह रहा है। नाव से ग्रामीण आवागमन कर रहे हैं। अमैयापुर-चपरा मार्ग पर चल रही नाव के लिए जिला प्रशासन ने नाविक की व्यवस्था नहीं की है। ग्रामीण ही नाव चला रहे हैं। कंचनपुर में सब्जी न होने से बच्चे केवल पूड़ी ही खाते नजर आए।
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