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डूडा से ई-रिक्शा व कांशीराम कालोनी की फाइलें गायब
Updated Fri, 31 Aug 2018 11:49 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। जिला नगरीय विकास अभिकरण कार्यालय(डूडा) से ई-रिक्शा और कांशीराम कालोनी आवंटन की फाइलें गायब हो गई हैं। काफी खोजबीन के बाद भी फाइलें नहीं मिल रही हैं। डूडा के कर्मचारी इस संबंध में कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं। कार्यालय से फाइलें गायब होने की जानकारी आला अफसरों को भी नहीं है।
वर्ष 2008 में शहर क्षेत्र में बंधौआ, टाउनहाल और हैवतपुर गढ़िया में कांशीराम कालोनी आवासीय योजना के तहत 1500 आवास बनवाए गए थे। आवासों के आवंटन में पात्रता का ध्यान नहीं रखा गया। अब शिकायतें आ रही हैं। डूडा कार्यालय में कांशीराम कालोनी आवंटन की फाइल ही गायब हो गई है। इससे जांच करने में दिक्कत आ रही है। इसी तरह सपा सरकार में गरीबों को ई-रिक्शा बांटे गए थे। जिले में वर्ष 2017 में करीब एक सैकड़ा से ज्यादा ई-रिक्शा बंटने के लिए आए थे। ई-रिक्शा बांटने में भी धांधली की गई। डूडा के अफसरों और कर्मचारियों से साठगांठ कर अपात्रों ने 20 से 30 हजार रुपये देकर ई-रिक्शा हथिया लिए।
ई-रिक्शों के आवंटन में भी डूडा कार्यालय को शिकायतें मिल रही हैं। ई-रिक्शा आवंटन की फाइल भी डूडा कार्यालय से गायब है। सूत्रों की मानें तो फाइलें मिल गईं तो जांच में कई की गर्दनें नप सकती हैं। इसी से फाइलें गायब हैं। परियोजना अधिकारी जय विजय सिंह ने भी कांशीराम कालोनी और ई-रिक्शा आवंटन की फाइलें कार्यालय से गायब होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि करीब एक माह से फाइलों को तलाश करने की कवायद हो रही है। इनका पता नहीं लगा है। फाइलें नहीं मिलती हैं तो कार्रवाई के लिए लिखापढ़ी की जाएगी। डीएम को भी लिखेंगे।
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डूडा से ई-रिक्शा व कांशीराम कालोनी की फाइलें गायब
काफी खोजबीन के बाद भी नहीं मिल रहीं फाइलें
पीओ बोले, कार्रवाई के लिए डीएम को लिखेंगे
फर्रुखाबाद। जिला नगरीय विकास अभिकरण कार्यालय(डूडा) से ई-रिक्शा और कांशीराम कालोनी आवंटन की फाइलें गायब हो गई हैं। काफी खोजबीन के बाद भी फाइलें नहीं मिल रही हैं। डूडा के कर्मचारी इस संबंध में कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं। कार्यालय से फाइलें गायब होने की जानकारी आला अफसरों को भी नहीं है।
वर्ष 2008 में शहर क्षेत्र में बंधौआ, टाउनहाल और हैवतपुर गढ़िया में कांशीराम कालोनी आवासीय योजना के तहत 1500 आवास बनवाए गए थे। आवासों के आवंटन में पात्रता का ध्यान नहीं रखा गया। अब शिकायतें आ रही हैं। डूडा कार्यालय में कांशीराम कालोनी आवंटन की फाइल ही गायब हो गई है। इससे जांच करने में दिक्कत आ रही है। इसी तरह सपा सरकार में गरीबों को ई-रिक्शा बांटे गए थे। जिले में वर्ष 2017 में करीब एक सैकड़ा से ज्यादा ई-रिक्शा बंटने के लिए आए थे। ई-रिक्शा बांटने में भी धांधली की गई। डूडा के अफसरों और कर्मचारियों से साठगांठ कर अपात्रों ने 20 से 30 हजार रुपये देकर ई-रिक्शा हथिया लिए।
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ई-रिक्शों के आवंटन में भी डूडा कार्यालय को शिकायतें मिल रही हैं। ई-रिक्शा आवंटन की फाइल भी डूडा कार्यालय से गायब है। सूत्रों की मानें तो फाइलें मिल गईं तो जांच में कई की गर्दनें नप सकती हैं। इसी से फाइलें गायब हैं। परियोजना अधिकारी जय विजय सिंह ने भी कांशीराम कालोनी और ई-रिक्शा आवंटन की फाइलें कार्यालय से गायब होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि करीब एक माह से फाइलों को तलाश करने की कवायद हो रही है। इनका पता नहीं लगा है। फाइलें नहीं मिलती हैं तो कार्रवाई के लिए लिखापढ़ी की जाएगी। डीएम को भी लिखेंगे।
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डूडा से ई-रिक्शा व कांशीराम कालोनी की फाइलें गायब
काफी खोजबीन के बाद भी नहीं मिल रहीं फाइलें
पीओ बोले, कार्रवाई के लिए डीएम को लिखेंगे