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मौसम में बदलाव से फैल रहा वायरल फीवर
Updated Sun, 19 Aug 2018 10:32 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। मौसम में बदलाव के साथ ही लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। इससे वायरल फीवर के मरीज बढ़ रहे हैं। रविवार को भी लोग दिनभर पसीना-पसीना रहे। फिलहाल मौसम में बदलाव की उम्मीद कम हैं। ऐसे में पूरे सप्ताह हल्की बारिश और उमस के बीच पसीना बहाना पड़ सकता है।
वातावरण मेें आर्र्दता बढ़ने और तापमान में बढ़ोत्तरी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 65 फीसदी रही। इससे दिनभर गर्मी और उमस से बेचैनी का सामना करना पड़ा। दोपहर में बादल छाने से एक दो बार बारिश होने की उम्मीद भी बनीं लेकिन बादल आकर चले गए।
इस मौसम से वायरल फीवर व डायरिया आदि के मरीज बढ़े हैं। अकेले लोहिया अस्पताल में एक सप्ताह से प्रतिदिन करीब 250 से 300 तक मरीज वायरल फीवर के आते हैं। वहीं, डायरिया से पीड़ित लोगों की संख्या भी कम नहीं है।
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लक्षण
थकान, मांसपेशियों या बदन में दर्द, तेज बुखार, खांसी, जोड़ों में दर्द, दस्त, त्वचा पर लाल रैशेज, सर्दी, गले में दर्द, सिर दर्द, आंखों का लाल होना और माथा गर्म होना।
तीन दिन तक रहता है बुखार
डा. शरद गंगवार ने बताया कि वायरल का असर मरीज पर तीन दिन तक रहता है। उसको तेज बुखार के साथ शरीर में दर्द महसूस होता है। इससे डरने की जरूरत नहीं है। समय पर इलाज कराना चाहिए। नहीं तो बुखार मियादी बन जाता है।
क्या कहते हैं डाक्टर
मौसम बदलने से लोगों की सेहत पर इसके प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वायरल फीवर से लोग परेशान हैं। प्रतिदिन ओपीडी में करीब पचास प्रतिशत लोग वायरल से पीड़ित आते हैं। - डा. अशोक कुमार, सीएमएस, राम मनोहर लोहिया अस्पताल
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फर्रुखाबाद। मौसम में बदलाव के साथ ही लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। इससे वायरल फीवर के मरीज बढ़ रहे हैं। रविवार को भी लोग दिनभर पसीना-पसीना रहे। फिलहाल मौसम में बदलाव की उम्मीद कम हैं। ऐसे में पूरे सप्ताह हल्की बारिश और उमस के बीच पसीना बहाना पड़ सकता है।
वातावरण मेें आर्र्दता बढ़ने और तापमान में बढ़ोत्तरी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 65 फीसदी रही। इससे दिनभर गर्मी और उमस से बेचैनी का सामना करना पड़ा। दोपहर में बादल छाने से एक दो बार बारिश होने की उम्मीद भी बनीं लेकिन बादल आकर चले गए।
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इस मौसम से वायरल फीवर व डायरिया आदि के मरीज बढ़े हैं। अकेले लोहिया अस्पताल में एक सप्ताह से प्रतिदिन करीब 250 से 300 तक मरीज वायरल फीवर के आते हैं। वहीं, डायरिया से पीड़ित लोगों की संख्या भी कम नहीं है।
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लक्षण
थकान, मांसपेशियों या बदन में दर्द, तेज बुखार, खांसी, जोड़ों में दर्द, दस्त, त्वचा पर लाल रैशेज, सर्दी, गले में दर्द, सिर दर्द, आंखों का लाल होना और माथा गर्म होना।
तीन दिन तक रहता है बुखार
डा. शरद गंगवार ने बताया कि वायरल का असर मरीज पर तीन दिन तक रहता है। उसको तेज बुखार के साथ शरीर में दर्द महसूस होता है। इससे डरने की जरूरत नहीं है। समय पर इलाज कराना चाहिए। नहीं तो बुखार मियादी बन जाता है।
क्या कहते हैं डाक्टर
मौसम बदलने से लोगों की सेहत पर इसके प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वायरल फीवर से लोग परेशान हैं। प्रतिदिन ओपीडी में करीब पचास प्रतिशत लोग वायरल से पीड़ित आते हैं। - डा. अशोक कुमार, सीएमएस, राम मनोहर लोहिया अस्पताल