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30 सितंबर तक खत्म होंगे बालू के भंडारण
Updated Thu, 09 Aug 2018 11:32 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। बिल्डिंग मैटेरियल में कमर तोड़ महंगाई को देखते हुए शासन ने 30 सितंबर तक बालू के भंडारण खत्म करने के आदेश दिए हैं। जिला प्रशासन भी इसके लिए तैयारी कर चुका है। शुक्रवार को सभी भंडारण करने वालों नोटिस जारी कर दिया जाएगा।
बालू व मौरंग के मंहगी होने से भवन निर्माण कराने वालों के सामने समस्या है। इसका मुख्य कारण है कि बालू व मौरंग भंडारण करने वाले मनमाने पैसे वसूल रहे हैं। वह बालू व मौरंग कम होने का बहाना बना रहे हैं। इससे भवन निर्माण करने वाले दुखी हैं। यही कारण है कि शासन ने बालू भंडारण तीस सितंबर तक खत्म करने के आदेश दिए हैं। इसी के चलते जिला प्रशासन ने बालू भंडारण करने वाले नगला खेम रैंगाई में राजेश गुप्ता, गैसिंगपुर तराई में रोली गुप्ता, नूरपुर गढ़िया में राजेश गुप्ता, पहाड़पुर बैरागर में राजेश गुप्ता, वाहिदपुर में राजेश गुप्ता, राईपुर चिनहटपुर में संजय पचौरी व दो अन्य को नोटिस भेजने की तैयारी कर ली है। गुरुवार को खनन निरीक्षक ने इसकी फाइल जिलाधिकारी के पास भेज दी है। जिलाधिकारी के हस्ताक्षर के बाद नोटिस सभी को जारी कर दिया जाएगा।
चार महीने बंद रहता खनन
खनन निरीक्षक डा. सुशील कुमार ने बताया कि जिले में जून से लेकर सितंबर तक बाढ़ के कारण खनन बंद रहता है। जून में नदियों में पानी बढ़ना शुरू हो जाता है और लगभग सितंबर तक पानी निकल नहीं पाता है। इसीलिए बालू का भंडारण किया जाता है। लेकिन भंडारण करने वाले ज्यादा दाम वसूलने के चक्कर में मार्केट में बालू पहुंचने ही नहीं देते हैं।
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अब भी जारी है अवैध खनन
सरकार की सख्ती व बाढ़ के पानी के बावजूद जिले में बालू का अवैध खनन जारी है। नदियों में पानी अधिक होने से इन दिनों यह छोटे स्तर पर खनन हो रहा है। हाल ही में पांचाल घाट पर नाव से हो रहा अवैध खनन पकड़ा गया था।
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फर्रुखाबाद। बिल्डिंग मैटेरियल में कमर तोड़ महंगाई को देखते हुए शासन ने 30 सितंबर तक बालू के भंडारण खत्म करने के आदेश दिए हैं। जिला प्रशासन भी इसके लिए तैयारी कर चुका है। शुक्रवार को सभी भंडारण करने वालों नोटिस जारी कर दिया जाएगा।
बालू व मौरंग के मंहगी होने से भवन निर्माण कराने वालों के सामने समस्या है। इसका मुख्य कारण है कि बालू व मौरंग भंडारण करने वाले मनमाने पैसे वसूल रहे हैं। वह बालू व मौरंग कम होने का बहाना बना रहे हैं। इससे भवन निर्माण करने वाले दुखी हैं। यही कारण है कि शासन ने बालू भंडारण तीस सितंबर तक खत्म करने के आदेश दिए हैं। इसी के चलते जिला प्रशासन ने बालू भंडारण करने वाले नगला खेम रैंगाई में राजेश गुप्ता, गैसिंगपुर तराई में रोली गुप्ता, नूरपुर गढ़िया में राजेश गुप्ता, पहाड़पुर बैरागर में राजेश गुप्ता, वाहिदपुर में राजेश गुप्ता, राईपुर चिनहटपुर में संजय पचौरी व दो अन्य को नोटिस भेजने की तैयारी कर ली है। गुरुवार को खनन निरीक्षक ने इसकी फाइल जिलाधिकारी के पास भेज दी है। जिलाधिकारी के हस्ताक्षर के बाद नोटिस सभी को जारी कर दिया जाएगा।
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चार महीने बंद रहता खनन
खनन निरीक्षक डा. सुशील कुमार ने बताया कि जिले में जून से लेकर सितंबर तक बाढ़ के कारण खनन बंद रहता है। जून में नदियों में पानी बढ़ना शुरू हो जाता है और लगभग सितंबर तक पानी निकल नहीं पाता है। इसीलिए बालू का भंडारण किया जाता है। लेकिन भंडारण करने वाले ज्यादा दाम वसूलने के चक्कर में मार्केट में बालू पहुंचने ही नहीं देते हैं।
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अब भी जारी है अवैध खनन
सरकार की सख्ती व बाढ़ के पानी के बावजूद जिले में बालू का अवैध खनन जारी है। नदियों में पानी अधिक होने से इन दिनों यह छोटे स्तर पर खनन हो रहा है। हाल ही में पांचाल घाट पर नाव से हो रहा अवैध खनन पकड़ा गया था।