{"_id":"5b5cafa84f1c1b61508b5e07","slug":"153280093112-farrukhabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेताजी को सुरक्षा देने वाले थानेदारों की खैर नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नेताजी को सुरक्षा देने वाले थानेदारों की खैर नहीं
Updated Sat, 28 Jul 2018 11:32 PM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। थानास्तर पर नेताजी को सुरक्षा देने वाले थानेदारों के खिलाफ अब कार्रवाई होना तय है। इसकी समीक्षा के लिए अपर पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। कमेटी अपनी रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को देगी।
जनपदीय सुरक्षा समिति की सहमति पर पुलिस अधीक्षक की अनुमति के बाद ही किसी को सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सकती है। कुछ थानेदार नेताजी को खुश करने के लिए थाना स्तर पर ही उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करा देते हैं। इस पर पुलिस महानिदेशक ने आपत्ति जाहिर करते हुए पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा है। इसमें कहा कि जनपद में किसे-किसे सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। इसकी समीक्षा के लिए अपर पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाए। इस कमेटी में क्षेत्राधिकारी लाइन व प्रतिसार निरीक्षक को शामिल किया जाए।
यह कमेटी थाना स्तर पर अभिलेखों की गहनता से समीक्षा करेगी। इसमें यह देखेगी कि थानास्तर पर किसे और कब से कब तक सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराया गया। इसके लिए पुलिस अधीक्षक की अनुमति ली गई या नहीं। इसकी रिपोर्ट अपर पुलिस अधीक्षक एसपी को देंगे। यदि किसी को गलत तरीके से सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है तो उसे तत्काल वापस ले लिया जाएगा। साथ ही गलत तरीके से सुरक्षा उपलब्ध कराने वाले जिम्मेदार पुलिस कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
पुलिस महानिदेशक ने 30 जुलाई तक अपनी मेल पर यह प्रमाण पत्र भेजने के आदेश दिए हैं कि अब उनके जिले में किसी भी व्यक्ति को गलत तरीके से सुरक्षा उपलब्ध नहीं है। पुलिस अधीक्षक अतुल शर्मा ने बताया कि कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कितने लोगों को गलत तरीके से सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। थानास्तर पर नेताजी को सुरक्षा देने वाले थानेदारों के खिलाफ अब कार्रवाई होना तय है। इसकी समीक्षा के लिए अपर पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। कमेटी अपनी रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को देगी।
जनपदीय सुरक्षा समिति की सहमति पर पुलिस अधीक्षक की अनुमति के बाद ही किसी को सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सकती है। कुछ थानेदार नेताजी को खुश करने के लिए थाना स्तर पर ही उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करा देते हैं। इस पर पुलिस महानिदेशक ने आपत्ति जाहिर करते हुए पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा है। इसमें कहा कि जनपद में किसे-किसे सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। इसकी समीक्षा के लिए अपर पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाए। इस कमेटी में क्षेत्राधिकारी लाइन व प्रतिसार निरीक्षक को शामिल किया जाए।
विज्ञापन
यह कमेटी थाना स्तर पर अभिलेखों की गहनता से समीक्षा करेगी। इसमें यह देखेगी कि थानास्तर पर किसे और कब से कब तक सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराया गया। इसके लिए पुलिस अधीक्षक की अनुमति ली गई या नहीं। इसकी रिपोर्ट अपर पुलिस अधीक्षक एसपी को देंगे। यदि किसी को गलत तरीके से सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है तो उसे तत्काल वापस ले लिया जाएगा। साथ ही गलत तरीके से सुरक्षा उपलब्ध कराने वाले जिम्मेदार पुलिस कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
पुलिस महानिदेशक ने 30 जुलाई तक अपनी मेल पर यह प्रमाण पत्र भेजने के आदेश दिए हैं कि अब उनके जिले में किसी भी व्यक्ति को गलत तरीके से सुरक्षा उपलब्ध नहीं है। पुलिस अधीक्षक अतुल शर्मा ने बताया कि कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कितने लोगों को गलत तरीके से सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।