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एक्सईएन ने किया तीसराम की मड़ैया का निरीक्षण
Updated Sat, 28 Jul 2018 11:28 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। सिंचाई विभाग के एक्सईएन ने शनिवार को तीसराम की मड़ैया गांव का निरीक्षण किया। वहां पर बांस बल्ली लगाकर स्कूल बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पलमास नहीं मिलने से काम में बाधा आ रही है।
तीसराम की मड़ैया गांव बालू पर बसा है। यह गांव पिछले साल आई बाढ़ में कट गया था। अब यहां पर महज दो घर व एक प्राथमिक विद्यालय बचा है। विद्यालय को बचाने के लिए सिंचाई विभाग बांस बल्ली आदि लगाकर पानी से हो रहे कटान को रोकने का प्रयास कर रहा है। शनिवार को सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुशील कुमार ने तीसराम की मड़ैया का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग के पास बजट कम है।
करीब आठ लाख की लागत से 250 मीटर जगह में बांस-बल्ली आदि लगाने का काम किया जा रहा है। लेकिन पलमास नहीं मिलने से इसमें समस्या आ रही है। हालांकि जितना पलमास मिल रहा है उसे भरा जा रहा है। बांस बल्ली के बीच पलमास भर देने से पानी से कटाव कम होता है।
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अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। सिंचाई विभाग के एक्सईएन ने शनिवार को तीसराम की मड़ैया गांव का निरीक्षण किया। वहां पर बांस बल्ली लगाकर स्कूल बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पलमास नहीं मिलने से काम में बाधा आ रही है।
तीसराम की मड़ैया गांव बालू पर बसा है। यह गांव पिछले साल आई बाढ़ में कट गया था। अब यहां पर महज दो घर व एक प्राथमिक विद्यालय बचा है। विद्यालय को बचाने के लिए सिंचाई विभाग बांस बल्ली आदि लगाकर पानी से हो रहे कटान को रोकने का प्रयास कर रहा है। शनिवार को सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुशील कुमार ने तीसराम की मड़ैया का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग के पास बजट कम है।
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करीब आठ लाख की लागत से 250 मीटर जगह में बांस-बल्ली आदि लगाने का काम किया जा रहा है। लेकिन पलमास नहीं मिलने से इसमें समस्या आ रही है। हालांकि जितना पलमास मिल रहा है उसे भरा जा रहा है। बांस बल्ली के बीच पलमास भर देने से पानी से कटाव कम होता है।
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