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भीड़ और धक्कामुक्की देख डॉक्टर कुर्सी छोड़ चले गए
Updated Mon, 09 Jul 2018 11:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में सोमवार को सुबह से मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोहिया महिला अस्पताल में कमरे में भीड़ को घुसता देखकर डाक्टर के पसीने छूट गए। इसी बीच धक्कामुक्की होने लगी तो डॉक्टर कुर्सी छोड़कर कमरे से बाहर निकल आए। इस पर लोग हंगामा करने लगे। होमगार्ड ने मरीजों की लाइन लगवाई, तब डाक्टर ने मरीजों को देखा। वहीं, लोहिया पुरुष अस्पताल में पर्चा बनने में देरी होेने पर भी मरीजों ने हंगामा किया। कर्मचारी और होमगार्ड ने मरीजों की लाइन लगवा कर पर्चे बनवाए।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शिव आशीष कक्ष में बैठ कर मरीजों को देख रहे थे। तभी मरीज उनके कक्ष में धक्कामुक्की कर घुसने लगे। यह देखकर डाक्टर अपने कक्ष से उठकर बाहर चले गए। मरीजों ने हंगामा शुरू कर दिया। वहां मौजूद होेमगार्ड व अन्य लोगों ने मरीजों को शांत किया और डाक्टर कक्ष के बाहर लाइन लगवाई। तब डाक्टर ने मरीजों को देखा और दवा लिखी। यही हाल महिला डॉक्टर नमितादास के कक्ष का रहा। वहां भी मरीजों की भीड़ अधिक होने के कारण हंगामा हुआ। पुरुष अस्पताल में फिजीशियन डॉक्टर अशोक कुमार सरकारी कार्य से बाहर गए थे। उनके मरीजों को डॉक्टर मनोज पांडेय के पास भेजा गया। भीड़ अधिक होने के कारण कई मरीज दवा लिए बगैर अस्पताल से लौट गए।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. बीके दुबे तारीख पर कोर्ट और डा. आरएन सिंह नि:शक्त बोर्ड में गए थे। डॉ. गौरव मिश्रा, डॉ. राजेश तिवारी, डॉ. एसपी सिंह ने मरीजों को देखा। भीड़ अधिक होेने के कारण डॉक्टरों के कक्षों में अफरातफरी का माहौल रहा। वहीं, पर्चा काउंटर पर भीड़ अधिक होने के कारण मरीजों ने हंगामा कर दिया। लाइन लगवा कर पर्चे बनाए गए।
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फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में सोमवार को सुबह से मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोहिया महिला अस्पताल में कमरे में भीड़ को घुसता देखकर डाक्टर के पसीने छूट गए। इसी बीच धक्कामुक्की होने लगी तो डॉक्टर कुर्सी छोड़कर कमरे से बाहर निकल आए। इस पर लोग हंगामा करने लगे। होमगार्ड ने मरीजों की लाइन लगवाई, तब डाक्टर ने मरीजों को देखा। वहीं, लोहिया पुरुष अस्पताल में पर्चा बनने में देरी होेने पर भी मरीजों ने हंगामा किया। कर्मचारी और होमगार्ड ने मरीजों की लाइन लगवा कर पर्चे बनवाए।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शिव आशीष कक्ष में बैठ कर मरीजों को देख रहे थे। तभी मरीज उनके कक्ष में धक्कामुक्की कर घुसने लगे। यह देखकर डाक्टर अपने कक्ष से उठकर बाहर चले गए। मरीजों ने हंगामा शुरू कर दिया। वहां मौजूद होेमगार्ड व अन्य लोगों ने मरीजों को शांत किया और डाक्टर कक्ष के बाहर लाइन लगवाई। तब डाक्टर ने मरीजों को देखा और दवा लिखी। यही हाल महिला डॉक्टर नमितादास के कक्ष का रहा। वहां भी मरीजों की भीड़ अधिक होने के कारण हंगामा हुआ। पुरुष अस्पताल में फिजीशियन डॉक्टर अशोक कुमार सरकारी कार्य से बाहर गए थे। उनके मरीजों को डॉक्टर मनोज पांडेय के पास भेजा गया। भीड़ अधिक होने के कारण कई मरीज दवा लिए बगैर अस्पताल से लौट गए।
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हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. बीके दुबे तारीख पर कोर्ट और डा. आरएन सिंह नि:शक्त बोर्ड में गए थे। डॉ. गौरव मिश्रा, डॉ. राजेश तिवारी, डॉ. एसपी सिंह ने मरीजों को देखा। भीड़ अधिक होेने के कारण डॉक्टरों के कक्षों में अफरातफरी का माहौल रहा। वहीं, पर्चा काउंटर पर भीड़ अधिक होने के कारण मरीजों ने हंगामा कर दिया। लाइन लगवा कर पर्चे बनाए गए।
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