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संख्या बढ़ाने के लिए छोटे गावों को पहले किया गया ओडीएफ
Updated Sun, 17 Jun 2018 10:28 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। गंगा किनारे बसे शमशाबाद ब्लॉक के 99 राजस्व गांवों में से 49 गांव ही ओडीएफ हुए हैं। यहां पर ओडीएफ गांव की संख्या बढ़ाने के काम को बखूबी अंजाम दिया गया है। इसी कारण ब्लॉक के सभी छोटे गांव ओडीएफ हो गए हैं, जबकि बड़े गांव अब भी ओडीएफ से दूर हैं।
शमसाबाद ब्लाक के ओडीएफ हुए गांवों में ब्लॉक के सभी छोटे गांव (जहां घरों की संख्या 120 से कम है) को पहले ही ओडीएफ कर दिया गया है। इसमें अलियापुर में 119 घर, बबूरारा में 114 घर, करनपुर गंगतारा में 117 घर, कटरी तौफीक मढ़िया हैवतपुर में 25 घर, खगऊ में 68 घर, नगला बसोला में 25 घर, सैदपुर रहीमदादपुर में 50, समैचपुर में 72 और थिथुलिया पट्टी में 50 घर हैं। इसी तरह ब्लॉक के सबसे बड़े दो गांव की बात करें तो चिलसरा (1193) घर और कुनवाखेड़ा वजीर आलम (1172) घर हैं। इनमें जहां चिलसरा में अभी तक 50 प्रतिशत के करीब काम हुआ है। वहीं, कुनावाखेड़ा वजीर आलम पूरी तरह ओडीएफ हो चुका है।
स्वच्छ गंगा मिशन को भी लग रहा पलीता
शमसाबाद ब्लॉक के धीमे काम से स्वच्छ गंगा मिशन योजना को भी पलीता लग रहा है। गौरतलब है कि शमशाबाद ब्लॉक के ज्यादातर गांव गंगा किनारे बसे हैं। इस ब्लॉक में अब तक लगभग 50 प्रतिशत ही काम हुआ है।
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लक्ष्य से 15 प्रतिशत दूर
डीपीआरओ अमित त्यागी ने बताया कि गंगा किनारे बसे गांवों को हम पहले ही ओडीएफ कर चुके हैं। अन्य गांवों में काम तेजी से चल रहा है। हम लक्ष्य से लगभग 15 प्रतिशत दूर हैं। इसे जल्दी ही हासिल कर लिया जाएगा।
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फर्रुखाबाद। गंगा किनारे बसे शमशाबाद ब्लॉक के 99 राजस्व गांवों में से 49 गांव ही ओडीएफ हुए हैं। यहां पर ओडीएफ गांव की संख्या बढ़ाने के काम को बखूबी अंजाम दिया गया है। इसी कारण ब्लॉक के सभी छोटे गांव ओडीएफ हो गए हैं, जबकि बड़े गांव अब भी ओडीएफ से दूर हैं।
शमसाबाद ब्लाक के ओडीएफ हुए गांवों में ब्लॉक के सभी छोटे गांव (जहां घरों की संख्या 120 से कम है) को पहले ही ओडीएफ कर दिया गया है। इसमें अलियापुर में 119 घर, बबूरारा में 114 घर, करनपुर गंगतारा में 117 घर, कटरी तौफीक मढ़िया हैवतपुर में 25 घर, खगऊ में 68 घर, नगला बसोला में 25 घर, सैदपुर रहीमदादपुर में 50, समैचपुर में 72 और थिथुलिया पट्टी में 50 घर हैं। इसी तरह ब्लॉक के सबसे बड़े दो गांव की बात करें तो चिलसरा (1193) घर और कुनवाखेड़ा वजीर आलम (1172) घर हैं। इनमें जहां चिलसरा में अभी तक 50 प्रतिशत के करीब काम हुआ है। वहीं, कुनावाखेड़ा वजीर आलम पूरी तरह ओडीएफ हो चुका है।
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स्वच्छ गंगा मिशन को भी लग रहा पलीता
शमसाबाद ब्लॉक के धीमे काम से स्वच्छ गंगा मिशन योजना को भी पलीता लग रहा है। गौरतलब है कि शमशाबाद ब्लॉक के ज्यादातर गांव गंगा किनारे बसे हैं। इस ब्लॉक में अब तक लगभग 50 प्रतिशत ही काम हुआ है।
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लक्ष्य से 15 प्रतिशत दूर
डीपीआरओ अमित त्यागी ने बताया कि गंगा किनारे बसे गांवों को हम पहले ही ओडीएफ कर चुके हैं। अन्य गांवों में काम तेजी से चल रहा है। हम लक्ष्य से लगभग 15 प्रतिशत दूर हैं। इसे जल्दी ही हासिल कर लिया जाएगा।