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शहर कोतवाल हत्याकांड में फांसी की सजा पर दोबारा होगी सुनवाई
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फर्रुखाबाद। शहर कोतवाल राजकुमार की हत्या में फांसी की सजा को उच्च न्यायालय ने बरकरार रखा था। इसके खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर की गई। सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय को अपील पर दोबारा सुनवाई करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए छह माह का समय निर्धारित किया है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला आवास विकास लकूला निवासी पप्पू कोरी उर्फ चंद्रकुमार को पकड़ने के लिए कोतवाल राजकुमार 29 नवंबर 2014 को पुलिस बल के साथ उसके घर गए थे। पुलिस को देखकर पप्पू कोरी भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर ली। खुद को फंसा देखकर पप्पू कोरी ने कोतवाल के गोली मार दी थी। इससे कोतवाल राजकुमार की मौत हो गई थी।
इस हत्याकांड के आरोपी पप्पू कोरी उर्फ चंद्रकुमार को जिला जज की अदालत से फांसी की सजा सुनाई गई थी। इस सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की गई। उच्च न्यायालय ने आरोपी की फांसी की सजा को बरकरार रखा था। उच्च न्यायालय के इस आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर की गई। इस पर सुनवाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय को पप्पू कोरी की अपील पर दोबारा से सुनवाई कर छह माह में निर्णय देने का आदेश दिया है।
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शहर कोतवाली के मोहल्ला आवास विकास लकूला निवासी पप्पू कोरी उर्फ चंद्रकुमार को पकड़ने के लिए कोतवाल राजकुमार 29 नवंबर 2014 को पुलिस बल के साथ उसके घर गए थे। पुलिस को देखकर पप्पू कोरी भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर ली। खुद को फंसा देखकर पप्पू कोरी ने कोतवाल के गोली मार दी थी। इससे कोतवाल राजकुमार की मौत हो गई थी।
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इस हत्याकांड के आरोपी पप्पू कोरी उर्फ चंद्रकुमार को जिला जज की अदालत से फांसी की सजा सुनाई गई थी। इस सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की गई। उच्च न्यायालय ने आरोपी की फांसी की सजा को बरकरार रखा था। उच्च न्यायालय के इस आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर की गई। इस पर सुनवाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय को पप्पू कोरी की अपील पर दोबारा से सुनवाई कर छह माह में निर्णय देने का आदेश दिया है।
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