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गंगा की कटान से तीसराम में 28 परिवार बेघर
Updated Sun, 10 Sep 2017 11:31 PM IST
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अमृतपुर। गंगा का जलस्तर कम होने से तीसराम की मडै़या के ग्रामीणों के सामने फिर से मुसीबत खड़ी है। अभी तक कटान में 28 परिवार बेघर हो चुके है। जो परिवार बचे हैं।
वह भी कटान की जद में आने से बेघर होने की कगार पर है। गंगा की तेज धारा धीरे-धीरे गांव को काटती हुई आगे बढ़ रही है। रामगंगा का जलस्तर कम ज्यादा कम होने से अलादपुर भटौली में कटान की रफ्तार कुछ कम हुई है।
कटान के कारण तीसराम की मडै़या के ग्रामीणों के बेघर होने का सिलसिला जारी है। जलस्तर में गिरावट होने से कटान तेज है। गंगा की धारा गांव की ओर मुड़ी होने के कारण सीधा कटान गांव की ओर है। इस कारण अभी तक 35 परिवारों में से 28 परिवार बेघर हो चुके है। सात परिवार जो बच्चे है।
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वह भी कटान की जद में है। इस कारण वह भी घरों को खाली करने में जुट गए है। मंजीत, सुरेश चंद्र, सुरेंद्र, रामदास, नन्हे, अनार सिंह ने बताया कि अभी उनके मकान कटान की चपेट में नहीं आए है। कभी भी मकान गंगा की तेज धारा में कट सकते है। इस कारण वह मकान में रखे घरेलू सामान को निकाल कर रिश्तेदारों के घर भेज रहे है। गांव में मानसिंह के सात परिवार रहते है।
इन लोगों ने बंगला गांव में ऊंचे पर स्थित खेत में झोपड़ी डाल ली है। लेकिन 21 परिवारों के पास रहने को कोई जगह नहीं है। वह तीसराम गांव में ही ऊंचाई पर आसमान के नीचे खुले में जीवन यापन कर रहे है। अब तो गांव के लोगों के सामने अनाज का संकट खड़ा होने लगा है। रहने के लिए जगह की मांग ग्रामीण अधिकारियों से लगातार कर रहे है। लेकिन अधिकारी उनकी आवाज को अनसुना कर रहे है।
इस कारण ग्रामीण परेशान है। रामगंगा का जलस्तर कम होने से अलादपुर भटौली गांव में हो रहे कटान की गति धीमी हो गई है। इसके बावजूद भी ग्रामीण भयभीत है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी तरह कटान होता रहा तो गांव धीरे-धीरे पूरा कट जाएगा।
गंगा का 15 व रामगंगा का 35 सेंटीमीटर जलस्तर कम
फर्रुखाबाद। गंगा का जलस्तर 15 सेंटीमीटर कम हो गया है। इस कारण जलस्तर 136.25 से घटकर 136.10 मीटर पर है। नरौरा से रविवार को गंगा में 33063 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रामगंगा के जलस्तर में 35 सेंटीमीटर की कमी हुई है। इस कारण जलस्तर 135.90 से घटकर 135.55 मीटर पर है। इसमें खो हरेली रामनगर से 2742 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
-खुले में जीवन बसर कर रहे हैं ग्रामीण, अनाज का संकट भी गहराया
-तीसराम की मड़ैया में कटान तेज, अलादपुर में धीमी
अमर उजाला ब्यूरो
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वह भी कटान की जद में आने से बेघर होने की कगार पर है। गंगा की तेज धारा धीरे-धीरे गांव को काटती हुई आगे बढ़ रही है। रामगंगा का जलस्तर कम ज्यादा कम होने से अलादपुर भटौली में कटान की रफ्तार कुछ कम हुई है।
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कटान के कारण तीसराम की मडै़या के ग्रामीणों के बेघर होने का सिलसिला जारी है। जलस्तर में गिरावट होने से कटान तेज है। गंगा की धारा गांव की ओर मुड़ी होने के कारण सीधा कटान गांव की ओर है। इस कारण अभी तक 35 परिवारों में से 28 परिवार बेघर हो चुके है। सात परिवार जो बच्चे है।
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वह भी कटान की जद में है। इस कारण वह भी घरों को खाली करने में जुट गए है। मंजीत, सुरेश चंद्र, सुरेंद्र, रामदास, नन्हे, अनार सिंह ने बताया कि अभी उनके मकान कटान की चपेट में नहीं आए है। कभी भी मकान गंगा की तेज धारा में कट सकते है। इस कारण वह मकान में रखे घरेलू सामान को निकाल कर रिश्तेदारों के घर भेज रहे है। गांव में मानसिंह के सात परिवार रहते है।
इन लोगों ने बंगला गांव में ऊंचे पर स्थित खेत में झोपड़ी डाल ली है। लेकिन 21 परिवारों के पास रहने को कोई जगह नहीं है। वह तीसराम गांव में ही ऊंचाई पर आसमान के नीचे खुले में जीवन यापन कर रहे है। अब तो गांव के लोगों के सामने अनाज का संकट खड़ा होने लगा है। रहने के लिए जगह की मांग ग्रामीण अधिकारियों से लगातार कर रहे है। लेकिन अधिकारी उनकी आवाज को अनसुना कर रहे है।
इस कारण ग्रामीण परेशान है। रामगंगा का जलस्तर कम होने से अलादपुर भटौली गांव में हो रहे कटान की गति धीमी हो गई है। इसके बावजूद भी ग्रामीण भयभीत है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी तरह कटान होता रहा तो गांव धीरे-धीरे पूरा कट जाएगा।
गंगा का 15 व रामगंगा का 35 सेंटीमीटर जलस्तर कम
फर्रुखाबाद। गंगा का जलस्तर 15 सेंटीमीटर कम हो गया है। इस कारण जलस्तर 136.25 से घटकर 136.10 मीटर पर है। नरौरा से रविवार को गंगा में 33063 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रामगंगा के जलस्तर में 35 सेंटीमीटर की कमी हुई है। इस कारण जलस्तर 135.90 से घटकर 135.55 मीटर पर है। इसमें खो हरेली रामनगर से 2742 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
-खुले में जीवन बसर कर रहे हैं ग्रामीण, अनाज का संकट भी गहराया
-तीसराम की मड़ैया में कटान तेज, अलादपुर में धीमी
अमर उजाला ब्यूरो