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ऑनलाइन परीक्षा फार्म में प्रथम प्रश्नपत्र न भरे जाने से 14 छात्र परीक्षा न दे सके
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कमालगंज। ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरते समय बीकॉम प्रथम प्रश्नपत्र का पेपर की जानकारी न भरने से 15 में 14 छात्र बुधवार को परीक्षा से वंचित रह गए। प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा देने से उन्हें रोक दिया गया। एक छात्रा को सहायक कुलसचिव के निर्देश पर परीक्षा दिलाई गई।
एसबीएस कृषि महाविद्यालय भोजपुर में बीकॉम प्रथम सेमेस्टर में 15 छात्र हैं। महाविद्यालय का परीक्षा केंद्र आरपी महाविद्यालय बनाया गया है। परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को प्रथम सेमेस्टर के प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा थी। 15 छात्रों के परीक्षा फार्म में प्रथम प्रश्नपत्र अंकित नहीं था। छात्रों को भी पहले पेपर के बारे में पता नहीं था।
एक छात्रा कॉलेज में परीक्षा केंद्र देखने पहुंची तो परीक्षा कार्यक्रम (स्कीम) का उसे पता चला। छात्रा ने कहा कि आज पेपर है तो मेरी परीक्षा कराइए। इस पर प्राचार्य डॉ. एपी चौरसिया ने सहायक कुलसचिव से बात की। उन्होंने प्राचार्य से कहा कि वेरिफिकेशन में पहला पेपर अंकित न होने के बावजूद छात्रा की परीक्षा करा दी जाए।
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उन्होंने कहा कि जिस कॉलेज में छात्र पढ़ते हैं, वहां दाखिल करने वाले कर्मचारियों ने चूक की। प्रवेश पत्र लेते समय छात्रों को नहीं पता था कि उसके चार के बजाय तीन पेपर ही अंकित हैं। प्राचार्य डॉ. एपी चौरसिया का कहना है कि छात्रा को परीक्षा दिलाने के संबंध में लिखित सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन को भेज दी है।
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एसबीएस कृषि महाविद्यालय भोजपुर में बीकॉम प्रथम सेमेस्टर में 15 छात्र हैं। महाविद्यालय का परीक्षा केंद्र आरपी महाविद्यालय बनाया गया है। परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को प्रथम सेमेस्टर के प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा थी। 15 छात्रों के परीक्षा फार्म में प्रथम प्रश्नपत्र अंकित नहीं था। छात्रों को भी पहले पेपर के बारे में पता नहीं था।
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एक छात्रा कॉलेज में परीक्षा केंद्र देखने पहुंची तो परीक्षा कार्यक्रम (स्कीम) का उसे पता चला। छात्रा ने कहा कि आज पेपर है तो मेरी परीक्षा कराइए। इस पर प्राचार्य डॉ. एपी चौरसिया ने सहायक कुलसचिव से बात की। उन्होंने प्राचार्य से कहा कि वेरिफिकेशन में पहला पेपर अंकित न होने के बावजूद छात्रा की परीक्षा करा दी जाए।
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उन्होंने कहा कि जिस कॉलेज में छात्र पढ़ते हैं, वहां दाखिल करने वाले कर्मचारियों ने चूक की। प्रवेश पत्र लेते समय छात्रों को नहीं पता था कि उसके चार के बजाय तीन पेपर ही अंकित हैं। प्राचार्य डॉ. एपी चौरसिया का कहना है कि छात्रा को परीक्षा दिलाने के संबंध में लिखित सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन को भेज दी है।