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आयुष्मान के भर्ती होने वाले मरीजों की लगेगी बायोमैट्रिक हाजिरी
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शासन आयुष्मान भारत योजना में शामिल अस्पतालों पर लगाम कसने के इंतजाम कर रहा है। मरीज को गलत तरीके भर्ती कर उसका भुगतान न लिया जा सके। इसके लिए अब लाभार्थी की बायोमीट्रिक हाजिरी लगेगी। मरीज को आते-जाते दोनों ही समय अंगूठा लगाना अनिवार्य होगा।
आयुष्मान योजना में शामिल अस्पताल लगातार सरकार को चूना लगा रहे हैं। कई अस्पताल मरीजों को भर्ती किए बिना ही उन्हें भर्ती दिखा देते हैं। इसके बाद उन्हें मरीज का इलाज करने का पैसा मिल जाता है।
इतना ही नहीं कुछ लोग लाभार्थी को जल्द ही डिस्चार्ज कर देते हैं, लेकिन बाद में डिस्चार्ज दिखाकर रुपये निकाल लेते हैं। इससे सरकार को तो घाटा होता ही है। साथ ही मरीज की बीमा राशि में से भी रकम घट जाती है।
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इसी को देखते हुए अब सरकार ऐेसे अस्पतालों पर लगाम लगाने की तैयारी कर रही है। इसी के चलते सोमवार से आयुष्मान योजना के तहत बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था की जाएगी। इसके अंतर्गत अब अस्पताल में भर्ती होने पहुंचे मरीजों का बायोमीट्रिक मशीन में अंगूठा लगवाया जाएगा।
इसके बाद जब तक मरीज का इलाज चलेगा तब वह अस्पताल में भर्ती रहेगा। जिस दिन उसे डिस्चार्ज किया जाएगा। तब फिर से उसे अंगूठा लगाना होगा। इससे राज्य स्तर पर बैठे अधिकारियों को पता चलता रहेगा कि कौन सा मरीज कब भर्ती हुआ था और कब उसे डिस्चार्ज किया जा रहा है। इससे अस्पताल फर्जी में रुपये निकालने वाला खेल नहीं कर पाएंगे।
जनपद में एक लाख 26 हजार परिवारों को आयुष्मान योजना का लाभ दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत एक साल में प्रत्येक परिवार को पांच लाख तक का इलाज मुफ्त दिया जाता है। ऐसे में यदि मरीज को गलत तरीके से भर्ती दिखा कर यदि कोई अस्पताल संचालक उसका भुगतान करवा लेता है तो मरीज के खाते से रुपये कम हो जाते हैं। बाद में जब उसे जरूरत पड़ती है तो पता चलता है कि मरीज का इलाज हुआ ही नहीं है और उसका पांच लाख का कोटा पूरा हो गया है।
जनपद में 12 अस्पतालों को आयुष्मान योजना में शामिल किया गया है। इसमें तीन सरकारी अस्पताल राम मनोहर लोहिया अस्पताल पुरुष, राम मनोहर लोहिया अस्पताल महिला और लिंजीगंज सिविल अस्पताल शामिल हैं। इसके अलावा नौ प्राइवेट अस्पताल द केयर, तिवारी नर्सिंग होम, दास सर्जिकल, एसएम हॉस्पिटल, लाइफ लाइन हॉस्पिटल, माया हॉस्पिटल आदि शामिल हैं।
आयुष्मान के भर्ती होने वाले मरीजों की लगेगी बायोमीट्रिक हाजिरी
आज से ही अस्पतालों में शुरू हो जाएगी यह प्रक्रिया
अस्पतालों पर लगाम लगाने के लिए जारी किए दिशा-निर्देश
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आयुष्मान योजना में शामिल अस्पताल लगातार सरकार को चूना लगा रहे हैं। कई अस्पताल मरीजों को भर्ती किए बिना ही उन्हें भर्ती दिखा देते हैं। इसके बाद उन्हें मरीज का इलाज करने का पैसा मिल जाता है।
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इतना ही नहीं कुछ लोग लाभार्थी को जल्द ही डिस्चार्ज कर देते हैं, लेकिन बाद में डिस्चार्ज दिखाकर रुपये निकाल लेते हैं। इससे सरकार को तो घाटा होता ही है। साथ ही मरीज की बीमा राशि में से भी रकम घट जाती है।
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इसी को देखते हुए अब सरकार ऐेसे अस्पतालों पर लगाम लगाने की तैयारी कर रही है। इसी के चलते सोमवार से आयुष्मान योजना के तहत बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था की जाएगी। इसके अंतर्गत अब अस्पताल में भर्ती होने पहुंचे मरीजों का बायोमीट्रिक मशीन में अंगूठा लगवाया जाएगा।
इसके बाद जब तक मरीज का इलाज चलेगा तब वह अस्पताल में भर्ती रहेगा। जिस दिन उसे डिस्चार्ज किया जाएगा। तब फिर से उसे अंगूठा लगाना होगा। इससे राज्य स्तर पर बैठे अधिकारियों को पता चलता रहेगा कि कौन सा मरीज कब भर्ती हुआ था और कब उसे डिस्चार्ज किया जा रहा है। इससे अस्पताल फर्जी में रुपये निकालने वाला खेल नहीं कर पाएंगे।
जनपद में एक लाख 26 हजार परिवारों को आयुष्मान योजना का लाभ दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत एक साल में प्रत्येक परिवार को पांच लाख तक का इलाज मुफ्त दिया जाता है। ऐसे में यदि मरीज को गलत तरीके से भर्ती दिखा कर यदि कोई अस्पताल संचालक उसका भुगतान करवा लेता है तो मरीज के खाते से रुपये कम हो जाते हैं। बाद में जब उसे जरूरत पड़ती है तो पता चलता है कि मरीज का इलाज हुआ ही नहीं है और उसका पांच लाख का कोटा पूरा हो गया है।
जनपद में 12 अस्पतालों को आयुष्मान योजना में शामिल किया गया है। इसमें तीन सरकारी अस्पताल राम मनोहर लोहिया अस्पताल पुरुष, राम मनोहर लोहिया अस्पताल महिला और लिंजीगंज सिविल अस्पताल शामिल हैं। इसके अलावा नौ प्राइवेट अस्पताल द केयर, तिवारी नर्सिंग होम, दास सर्जिकल, एसएम हॉस्पिटल, लाइफ लाइन हॉस्पिटल, माया हॉस्पिटल आदि शामिल हैं।
आयुष्मान के भर्ती होने वाले मरीजों की लगेगी बायोमीट्रिक हाजिरी
आज से ही अस्पतालों में शुरू हो जाएगी यह प्रक्रिया
अस्पतालों पर लगाम लगाने के लिए जारी किए दिशा-निर्देश