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सेक्टर मजिस्ट्रेट ढूंढ रहे मोबाइल नेटवर्क
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सेक्टर मजिस्ट्रेट ढूंढ रहे मोबाइल नेटवर्क
हाईटेक चुनाव को देखते हुए पड़ रही जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो।
फर्रुखाबाद। लोकसभा चुनाव को देखते हुए जनपद में लगाए गए सेक्टर मजिस्ट्रेट अब मोबाइल के नेटवर्क ढूंढ रहे हैं। नेटवर्क नहीं मिलने पर उन्हें जिला प्रशासन को इसकी सूचना देनी है। इसके अलावा उनकी ड्यूटी संवेदनशील व अतिसंवेदनशील बूथ और चुनाव के समय गड़बड़ी करने की आशंका वाले लोगों को चिह्नित करना है।
जनपद में 29 अप्रैल को मतदान होना है। इसके लिए 15 जोनल व 148 सेक्टर मजिस्ट्रेट के ड्यूटी लगाई गई है। इस बार मतदान हाईटेक हो रहा है। चुनाव आयोग ने इसके लिए कई एप व पोर्टल लांच किए हैं। इसी के चलते इस बार सेक्टर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी मोबाइल के नेटवर्क खोजने की लगा दी गई हैं। वह सभी बूथों पर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन करेंगे। इसके साथ ही प्रत्येक बूथ पर पता करेंगे कि किस कंपनी का नेटवर्क उस जगह पर आ रहा है। साथ ही वहां 4जी, 3जी और 2जी में से कौन सा है। इसके अलावा कटरी क्षेत्रों में ग्रामीणों की सहायता से ऐसे लोगों को भी चिह्नित किया जाएगा जो कि चुनाव के समय शांति व्यवस्था में खलल डाल सकते हैं। इसके अलावा उन्हें संवेदनशील व अतिसंवेदनशील बूथों को भी चिह्नित करना है।
शांति व्यवस्था के लिए भी रहेगा महत्वपूर्ण
चुनाव के समय मोबाइल फोन का उपयोग शांति व्यवस्था की दृष्टि से भी उपयोगी होगा, जहां भी समस्या होगी। वहां से अधिकारी आदि तुरंत ही मामले की सूचना दे सकते। इस लिहाज से भी यह महत्वपूर्ण होगा।
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चुनाव कार्यालय में आ गए जीपीएस
इस बार आचार सहिंता के उल्लंघन पर नजर रखने के लिए 12 उड़दस्तों का गठन किया गया है। इनकी गाड़ियों में जीपीएस लगाया जाना है। शुक्रवार को चुनाव कार्यालय में 12 जीपीएस आ गए हैं। एक-दो दिन में इन्हें उड़नदस्ते की गाड़ियों में लगा दिया जाएगा।
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हाईटेक चुनाव को देखते हुए पड़ रही जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो।
फर्रुखाबाद। लोकसभा चुनाव को देखते हुए जनपद में लगाए गए सेक्टर मजिस्ट्रेट अब मोबाइल के नेटवर्क ढूंढ रहे हैं। नेटवर्क नहीं मिलने पर उन्हें जिला प्रशासन को इसकी सूचना देनी है। इसके अलावा उनकी ड्यूटी संवेदनशील व अतिसंवेदनशील बूथ और चुनाव के समय गड़बड़ी करने की आशंका वाले लोगों को चिह्नित करना है।
जनपद में 29 अप्रैल को मतदान होना है। इसके लिए 15 जोनल व 148 सेक्टर मजिस्ट्रेट के ड्यूटी लगाई गई है। इस बार मतदान हाईटेक हो रहा है। चुनाव आयोग ने इसके लिए कई एप व पोर्टल लांच किए हैं। इसी के चलते इस बार सेक्टर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी मोबाइल के नेटवर्क खोजने की लगा दी गई हैं। वह सभी बूथों पर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन करेंगे। इसके साथ ही प्रत्येक बूथ पर पता करेंगे कि किस कंपनी का नेटवर्क उस जगह पर आ रहा है। साथ ही वहां 4जी, 3जी और 2जी में से कौन सा है। इसके अलावा कटरी क्षेत्रों में ग्रामीणों की सहायता से ऐसे लोगों को भी चिह्नित किया जाएगा जो कि चुनाव के समय शांति व्यवस्था में खलल डाल सकते हैं। इसके अलावा उन्हें संवेदनशील व अतिसंवेदनशील बूथों को भी चिह्नित करना है।
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शांति व्यवस्था के लिए भी रहेगा महत्वपूर्ण
चुनाव के समय मोबाइल फोन का उपयोग शांति व्यवस्था की दृष्टि से भी उपयोगी होगा, जहां भी समस्या होगी। वहां से अधिकारी आदि तुरंत ही मामले की सूचना दे सकते। इस लिहाज से भी यह महत्वपूर्ण होगा।
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चुनाव कार्यालय में आ गए जीपीएस
इस बार आचार सहिंता के उल्लंघन पर नजर रखने के लिए 12 उड़दस्तों का गठन किया गया है। इनकी गाड़ियों में जीपीएस लगाया जाना है। शुक्रवार को चुनाव कार्यालय में 12 जीपीएस आ गए हैं। एक-दो दिन में इन्हें उड़नदस्ते की गाड़ियों में लगा दिया जाएगा।