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Farrukhabad News: तेज हवा व बारिश में 126 खंभे टूटे, दूसरे दिन भी नहीं मिली 150 गांवों को बिजली
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फर्रुखाबाद/अमृतपुर। आंधी व बारिश से बुधवार रात शहर व ग्रामीण क्षेत्र की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। 33 केवी लाइन के पोल टूटने से शहर का जसमई उपकेंद्र ठप हो गया। फीडरों के पोल टूटने सहित शहर के करीब 16 हजार उपभोक्ताओं को रातभर बिजली नहीं मिली। सुबह उन्हें पेयजल के लिए भटकना पड़ा। वहीं, अमृतपुर क्षेत्र में सर्वाधिक 120 पोल टूट गए। दो उपकेंद्र ठप होने से बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी 150 गांवों को बिजली नहीं मिल सकी।
तेज आंधी व बारिश बिजली व्यवस्था पर भारी पड़ी। इस दौरान 132 केवी ट्रांसमिशन उपकेंद्र से सभी फीडर बंद कर दिए गए। आंधी थमने के बाद बुधवार रात करीब 11 बजे ट्रांसमिशन के उपकेंद्र चालू कर दिए गए। इस दौरान शहर के अन्य उपकेंद्रों से आपूर्ति शुरू हो गई लेकिन जसमई उपकेंद्र ठप रहा। लाइनमैनों ने पेट्रोलिंग की तो शहर के नखासे के पास के 33 केवी लाइन का पोल टूटा मिला। इससे जसमई उपकेंद्र से जुड़े सिटी व आरएमआर फीडर के करीब 10 हजार उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिल सकी। सुबह बिजली न मिलने से लोगों को पेयजल के लिए दूर-दराज लगे हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ा। अवर अभियंता मासूम अली ने बताया कि पोल बदलकर सुबह करीब 11 बजे दोनों फीडरों की बिजली बहाल कर दी गई।
वहीं, शहर के पांचालघाट उपकेंद्र के फीडरों की लाइन पर चांदपुर, खानपुर में पेड़ टूटकर गिरने से पांच खंभे टूट गए। इससे करीब छह हजार उपभोक्ताओं की रातभर बिजली गुल रही। सुबह कर्मचारियों ने मरम्मत कार्य शुरू किया। दिनभर खंभे बदलने और तार जोड़ने का काम चलता रहा। एसडीओ अजय कुमार ने बताया कि शाम तक खानपुर को छोड़कर सभी मोहल्लों की आपूर्ति बहाल कर दी गई। खानपुर में मरम्मत पूरा होने के साथ सप्लाई चालू करने का प्रयास किया जाएगा।
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आंधी व बारिश में सर्वाधिक नुकसान अमृतपुर क्षेत्र में हुआ। पेड़ टूटकर गिरने से 33 केवी लाइन के एसटीपी 10 पोल और 11 केवी लाइन के पीसीसी 110 पोल टूट गए। अमृतपुर के दोनों उपकेंद्र ठप रहने से क्षेत्र के 150 गांवों को दूसरे दिन भी बिजली नहीं मिल सकी।
अधिशासी अभियंता ग्रामीण सुशील कुमार ने बताया कि कई स्थानों पर बाढ़ का पानी भरा होने से पोल लगाने में भी दिक्कत आ रही है। देर शाम तक काम चलता रहा। अमृतपुर का एक उपकेंद्र चालू कर लिया गया लेकिन फीडरों पर टूटे सभी खंभे नहीं बदले जा सके। कुछ गांवों को बिजली देने का प्रयास किया जा रहा है।
आलू किसानों को नुकसान
आलू व सरसों की फसल में नुकसान से किसान परेशान दिखे। जिन खेतों में पानी भर गया, उनमें आलू का बीज सड़ने और सरसों का जमाव न होने की आशंका है। इसके साथ ही खेतों में नमी अधिक होने से तैयार खेतों में आलू व सरसों की बोआई पर चार-पांच दिन के लिए ब्रेक लग गया है।
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जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि आंधी व बारिश से जो धान की फसलें गिर गई हैं, उनमें नुकसान हो सकता है। बोई गई आलू व सरसों की फसल में भी जलभराव होने पर नुकसान की आशंका है। बीमित फसलों में नुकसान होने पर किसान बीमा कंपनी में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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तेज आंधी व बारिश बिजली व्यवस्था पर भारी पड़ी। इस दौरान 132 केवी ट्रांसमिशन उपकेंद्र से सभी फीडर बंद कर दिए गए। आंधी थमने के बाद बुधवार रात करीब 11 बजे ट्रांसमिशन के उपकेंद्र चालू कर दिए गए। इस दौरान शहर के अन्य उपकेंद्रों से आपूर्ति शुरू हो गई लेकिन जसमई उपकेंद्र ठप रहा। लाइनमैनों ने पेट्रोलिंग की तो शहर के नखासे के पास के 33 केवी लाइन का पोल टूटा मिला। इससे जसमई उपकेंद्र से जुड़े सिटी व आरएमआर फीडर के करीब 10 हजार उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिल सकी। सुबह बिजली न मिलने से लोगों को पेयजल के लिए दूर-दराज लगे हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ा। अवर अभियंता मासूम अली ने बताया कि पोल बदलकर सुबह करीब 11 बजे दोनों फीडरों की बिजली बहाल कर दी गई।
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वहीं, शहर के पांचालघाट उपकेंद्र के फीडरों की लाइन पर चांदपुर, खानपुर में पेड़ टूटकर गिरने से पांच खंभे टूट गए। इससे करीब छह हजार उपभोक्ताओं की रातभर बिजली गुल रही। सुबह कर्मचारियों ने मरम्मत कार्य शुरू किया। दिनभर खंभे बदलने और तार जोड़ने का काम चलता रहा। एसडीओ अजय कुमार ने बताया कि शाम तक खानपुर को छोड़कर सभी मोहल्लों की आपूर्ति बहाल कर दी गई। खानपुर में मरम्मत पूरा होने के साथ सप्लाई चालू करने का प्रयास किया जाएगा।
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आंधी व बारिश में सर्वाधिक नुकसान अमृतपुर क्षेत्र में हुआ। पेड़ टूटकर गिरने से 33 केवी लाइन के एसटीपी 10 पोल और 11 केवी लाइन के पीसीसी 110 पोल टूट गए। अमृतपुर के दोनों उपकेंद्र ठप रहने से क्षेत्र के 150 गांवों को दूसरे दिन भी बिजली नहीं मिल सकी।
अधिशासी अभियंता ग्रामीण सुशील कुमार ने बताया कि कई स्थानों पर बाढ़ का पानी भरा होने से पोल लगाने में भी दिक्कत आ रही है। देर शाम तक काम चलता रहा। अमृतपुर का एक उपकेंद्र चालू कर लिया गया लेकिन फीडरों पर टूटे सभी खंभे नहीं बदले जा सके। कुछ गांवों को बिजली देने का प्रयास किया जा रहा है।
आलू किसानों को नुकसान
आलू व सरसों की फसल में नुकसान से किसान परेशान दिखे। जिन खेतों में पानी भर गया, उनमें आलू का बीज सड़ने और सरसों का जमाव न होने की आशंका है। इसके साथ ही खेतों में नमी अधिक होने से तैयार खेतों में आलू व सरसों की बोआई पर चार-पांच दिन के लिए ब्रेक लग गया है।
जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि आंधी व बारिश से जो धान की फसलें गिर गई हैं, उनमें नुकसान हो सकता है। बोई गई आलू व सरसों की फसल में भी जलभराव होने पर नुकसान की आशंका है। बीमित फसलों में नुकसान होने पर किसान बीमा कंपनी में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।