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जानबूझकर छोड़े गए 100 गोवंश ग्रामीणों ने पकड़े

Mon, 11 Jan 2021 06:56 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jan 2021 06:56 PM IST
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100 abandoned cowherd villagers caught and closed
्रृंगीरामपुर में पकड़े गए गोवंशों को रखने के लिए ग्रामीणों ने बनाया बाड़ा। - फोटो : FARRUKHABAD
छोड़े गए 100 गोवंश ग्रामीणों ने पकड़कर बंद किए
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कमालगंज। कुंडपुरा गांव के कुछ पशुपालकों द्वारा रात को दूध दुहने के बाद अपने गोवंश छुट्टा छोड़ दिए जाते हैं। ये रात में शृृंगीरामपुर क्षेत्र के कई गांव के किसानों की फसलों का नुकसान करते हैं। सुबह अपने पालक के यहां पहुंच जाते हैं। इससे परेशान किसानों ने रविवार रात को जागकर फसल चर रहे करीब 100 गोवंश पकड़ लिए। वाहनों से शृंगीरामपुर लाकर तार से बाड़ा बनाकर उन्हें बंद कर दिया और अधिकारियों को सूचना दी।
गांव शेरपुर सराय के पास गंगा किनारे बसे कुंडपुरा गांव के पशुपालक सैकड़ों गाय पाले हैं। गंगापार करके एक और कुंडपुरा गांव है। यहां भी बड़ी संख्या में गाय पाली जाती हैं। शृंगीरामपुर क्षेत्र के ग्रामीण कई बार शिकायत कर चुके हैं कि यहां के पशुपालक दूध, खोया और घी का बड़े पैमाने पर कारोबार करते हैं। यह गोवंश रात को फसल चरने के बाद सुबह अपने आप अपने मालिक के यहां दूध दुहाने के लिए पहुंच जाते हैं।
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शृंगीरामपुर निवासी राहुल पाल व अन्य ग्रामीणों ने कहा कि ये गोवंश आलू की बेल खाने के बजाय सींग मारकर आलू निकाल कर खा जाते हैं। गेहूं की फसल को भी नुकसान कर रहे हैं। वहीं सूचना मिलने पर सोमवार को खंड विकास अधिकारी राजेश बघेल शृंगीरामपुर पहुंचे। उन्होंने बताया कि जो गोवंश पकड़े गए थे। उन्हें गोवंश आश्रयशाला सिंधौली व गगनी ग्राम पंचायत में हसनापुर पहुंचाया गया है। कुंडपुरा से जानबूझकर पालतू गोवंश छोड़े जाने की जांच कराई जाएगी।
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