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Farrukhabad News: साध्वी से सामूहिक दुष्कर्म व लूट में दो दोषियों को 10-10 वर्ष की कैद
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फर्रुखाबाद। साध्वी से सामूहिक दुष्कर्म व लूट के मामले में कोर्ट ने दो दोषियों को 10-10 वर्ष के कैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया गया है।
जहानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी साधु ने 14 अप्रैल 2016 को चार हथियारबंद अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया था कि वह साथी साधु व साध्वी के साथ गांव के आश्रम में सो रहे थे। रात लगभग डेढ़ बजे चार हथियारबंद लोग आश्रम में घुस आए। बक्से के ताले तोड़कर नकदी व सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए। साध्वी को पकड़कर पास के खेत में ले गए। वहां साध्वी से दुष्कर्म किया।
गांव के लोगों के ललकारने पर यह लोग साध्वी को छोड़कर भाग गए। विवेचक ने पूरे मामले में विवेचना की। इसमें गांव के सुनील कुमार, मुन्नालाल उर्फ पंडित, गांव के दूसरे मजरा निवासी प्रबल प्रताप सिंह, आदेश उर्फ टिंकू के नाम प्रकाश में आए। विवेचक ने चारों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म व लूट की धाराओं में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। बुधवार को सुनवाई कर रहे एंटी डकैती न्यायाधीश शैलेंद्र सचान ने सामूहिक दुष्कर्म व लूट में आरोपी सुनील कुमार व मुन्नालाल उर्फ पंडित को दोषी करार किया है।
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साक्ष्य के अभाव में प्रबल प्रताप सिंह व आदेश उर्फ टिंकू को दोषमुक्त करने के आदेश दिए थे। गुरुवार को न्यायाधीश ने दोषी सुनील कुमार व मुन्नालाल पंडित को 10-10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोनों दोषियों को एक-एक लाख रुपये बतौर अर्थदंड के जमा करने के आदेश दिए।
अर्थदंड नहीं देने पर दोनों दोषियों को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। कोर्ट ने अर्थदंड की रकम में से एक लाख पीड़िता साध्वी को व 25-25 हजार रुपये तीनों घायलों को देने का आदेश दिया। बाकी बचे 25 हजार रुपये सरकार के खाते में जमा करने के आदेश दिए।
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जहानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी साधु ने 14 अप्रैल 2016 को चार हथियारबंद अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया था कि वह साथी साधु व साध्वी के साथ गांव के आश्रम में सो रहे थे। रात लगभग डेढ़ बजे चार हथियारबंद लोग आश्रम में घुस आए। बक्से के ताले तोड़कर नकदी व सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए। साध्वी को पकड़कर पास के खेत में ले गए। वहां साध्वी से दुष्कर्म किया।
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गांव के लोगों के ललकारने पर यह लोग साध्वी को छोड़कर भाग गए। विवेचक ने पूरे मामले में विवेचना की। इसमें गांव के सुनील कुमार, मुन्नालाल उर्फ पंडित, गांव के दूसरे मजरा निवासी प्रबल प्रताप सिंह, आदेश उर्फ टिंकू के नाम प्रकाश में आए। विवेचक ने चारों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म व लूट की धाराओं में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। बुधवार को सुनवाई कर रहे एंटी डकैती न्यायाधीश शैलेंद्र सचान ने सामूहिक दुष्कर्म व लूट में आरोपी सुनील कुमार व मुन्नालाल उर्फ पंडित को दोषी करार किया है।
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साक्ष्य के अभाव में प्रबल प्रताप सिंह व आदेश उर्फ टिंकू को दोषमुक्त करने के आदेश दिए थे। गुरुवार को न्यायाधीश ने दोषी सुनील कुमार व मुन्नालाल पंडित को 10-10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोनों दोषियों को एक-एक लाख रुपये बतौर अर्थदंड के जमा करने के आदेश दिए।
अर्थदंड नहीं देने पर दोनों दोषियों को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। कोर्ट ने अर्थदंड की रकम में से एक लाख पीड़िता साध्वी को व 25-25 हजार रुपये तीनों घायलों को देने का आदेश दिया। बाकी बचे 25 हजार रुपये सरकार के खाते में जमा करने के आदेश दिए।