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बिजली के नए टैरिफ से 1.73 लाख घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ेगा बोझ

Wed, 02 Sep 2020 11:15 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 02 Sep 2020 11:15 PM IST
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1.73 lakh users per bojh
फर्रुखाबाद। बिजली के दाम बढ़ाने को पावर कॉर्पोरेशन ने नियामक आयोग में नया टैरिफ का प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव के पास होने से जिले के 1 लाख 73 हजार 652 घरेलू उपभोक्ताओं पर बोझ पड़ेगा। शहरी उपभोक्ताओं से अभी तक 150 यूनिट तक 5.50 रुपये प्रति यूनिट बिल लिया जाता था। अब नए टैरिफ में सिर्फ 100 यूनिट तक 5.50 रुपये प्रति यूनिट बिल लिया जाएगा। इसके बाद तीन सौ यूनिट तक 5.80 रुपये के हिसाब से उपभोक्ताओं को बिल चुकाना होगा। ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं से अभी तक 101 से 150 यूनिट तक 3.35 रुपये प्रति यूनिट बिल पड़ता था। अब नए टैरिफ से 101 से 300 यूनिट तक 4.40 रुपये प्रति यूनिट बिल देना होगा। कोविड-19 में बिजली के दाम बढ़ाने का पावर कॉर्पोरेशन का यह प्रस्ताव उपभोक्ताओं को पसंद नहीं आया। उपभोक्ता इसको परेशान करने वाला प्रस्ताव मान रहे हैं। बातचीत में उपभोक्ताओं का यह है कहना।
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शहरी क्षेत्र- कुल उपभोक्ता 64451 हैं। इसमें घरेलू 35652 उपभोक्ता हैं। ग्रामीण खंड फर्रुखाबाद क्षेत्र में कुल उपभोक्ता 1.12 लाख है। इसमें घरेलू 90 हजार उपभोक्ता है। कायमगंज खंड क्षेत्र में कुल उपभोक्ता 65 हजार है। इसमें घरेलू करीब 48 हजार उपभोक्ता है।
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फिक्स चार्ज बंद होना चाहिए
शहर के मोहल्ला राजीव गांधी नगर निवासी राजेश तिवारी ने कहा कि पावर कार्पोरेशन अगर बिजली के दाम बढ़ा रही है तो फिक्स चार्ज बंद होने चाहिए। उपभोक्ता जितने यूनिट बिजली खर्च करे, उनसे उतना बिल लेना चाहिए। विभिन्न प्रकार के चार्ज व फिक्स चार्ज बंद होने चाहिए।
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क्या कहते जिम्मेदार
अभी नियामक आयोग प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से अनुमोदन मिलने के बाद ही नया टैरिफ लागू करने का आदेश आएगा। तब तक पुराने टैरिफ के आधार पर बिजली बिल बनते रहेंगे।
आरबी यादव, एक्सईएन शहरी
गलत तरीके से बढ़ाया जा रहा बोझ
ग्वालटोली निवासी नवीनचंद्र यादव ने कहा कि कोविड-19 में व्यापार प्रभावित होने से इनकम कम हो गई है। इस बीच घरेलू बिजली के दाम बढ़ना गलत है। इससे मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं पर बोझ पड़ेगा। बिजली के दाम नहीं बढ़ने चाहिए।
घरेलू बिजली दाम बढ़ाना गलत
दुर्गा कालोनी निवासी संदीप मिश्रा का कहना है कि बिजली बहुत आवश्यक हो गई है। कोविड-19 में हर किसी के पास रोजगार नहीं है। सरकार को बेरोजगारों को रोजगार देने का काम करना चाहिए। जब रोजगार होगा तो बिजली के बढ़ी कीमत भी देने में दिक्कत नहीं होगी।

यूनिट कम करना गलत
भूसामंडी निवासी लालजी मिश्रा ने बताया कि घरेलू बिजली के दाम बढ़ाने के साथ यूनिट कम करना गलत है। पहले 150 यूनिट तक 5.50 रुपये प्रति यूनिट बिल आता था। अब 150 की जगह 100 यूनिट कर दी गई है। अगर बिजली के दाम बढ़ाने थे, तो यूनिट कम मत करते। दाम बढ़ने से जेब पर आसर पड़ेगा।
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